Damoh News: रथ पर सवार होकर प्रजा का हाल जानने निकले भगवान जगन्नाथ, बारिश के बीच श्रद्धालुओं ने खींचा रथ


दमोह
शहर
में
शुक्रवार
को
रथदोज
पर
भगवान
जगन्नाथ
स्वामी
रथ
पर
सवार
होकर
शहर
भ्रमण
के
लिए
निकले।
शहर
के
दो
प्रमुख
स्थानों
से
यह
रथयात्रा
निकाली
गई।
बारिश
के
बीच
हजारों
श्रद्धालु
रथ
खींच
रहे
थे।
हनुमान
गड़ी
मंदिर
और
पुरैना
तालाब
स्थित
जगदीश
स्वामी
मंदिर
से
रथयात्रा
शुरू
हुई।
भगवान
की
एक
झलक
पाने
श्रद्धालुओं
की
सड़कों
पर
लाइन
लगी
थी।
जगन्नाथ
के
भात
को
जगत
पसारे
हांथ
के
जयकारे
चारों
ओर
सुनाई
दे
रहे
थे।

हनुमान
गड़ी
मंदिर
से
शुरू
हुई
रथ
यात्रा
घंटाघर,
बड़ापुल,
महाकाली
चौराहा
से
निकाली
गई।
शाम
साढ़े
छह
बजे
से
रथ
यात्रा
शुरू
हुई
और
उसके
साथ
ही
बारिश
भी
होने
लगी,
लेकिन
श्रद्धालुओं
की
भीड़
रथ
को
खींचने
के
लिए
सड़क
पर
खड़ी
थी।
इस
दौरान
कई
प्रकार
की
आकर्षक
झांकी
भी
प्रस्तुत
की
गई।
रथ
में
विराजमान
भगवान
जगन्नाथ
स्वामी,
बहन
सुभद्रा
एवं
बलराम
के
दर्शनों
के
लिए
भक्तों
का
उत्साह
देखते
ही
बन
रहा
था।
सबसे
आगे
डीजे
की
धुन
पर
युवा
नाच
रहे
थे।
वहीं
भगवान
के
रथ
को
रस्सी
के
सहारे
अनेक
लोग
खींच
रहे
थे।
इस
दौरान
लोग
भगवान
के
भात
रूपी
प्रसाद
को
पाने
के
लिए
लालायित
हो
रहे।
भक्तों
के
भात
के
साथ-साथ
मालपुआ
का
प्रसाद
वितरित
किया
गया।
इसके
अलावा
जिले
के
हटा,
पथरिया,
बटियागढ़,
पटेरा
सहित
अन्य
स्थानों
पर
रथयात्रा
निकाली
गईं।

जगदीश
स्वामी
मंदिर
के
पुजारी
नर्मदा
प्रसाद
गर्ग
ने
बताया
कि
ऐसी
मान्यता
है
कि
15
दिन
बीमार
पड़ने
के
बाद
भगवान
स्वस्थ्य
होकर
नगर
भ्रमण
पर
निकलते
हैं
और
प्रजा
का
हालचाल
जानते
हैं।
इसके
बाद
कुछ
दिनों
के
लिए
अपने
भक्तों
के
यहां
पर
निवास
करते
हैं।


बांदकपुर
में
भी
निकली
रथ
यात्रा

श्री
जागेश्वरनाथ
धाम
बांदकपुर
में
भी
रथ
यात्रा
निकाली
गई।
सबसे
पहले
भगवान
जगन्नाथ
स्वामी
बहन
सुभद्रा
एवं
भाई
बलराम
का
विशेष
पूजन
मंदिर
के
पुजारियों
के
द्वारा
कराया
गया।
जिसमें
भगवान
का
अभिषेक
एवं
मालपुआ
का
भोग
भगवान
को
लगाया
गया।
इसके
बाद
भगवान
जगन्नाथ
स्वामी
की
आरती
उतारी
गई
और
रथ
यात्रा
प्रारंभ
हुई