
नेता
सुभाष
चंद्र
मेडिकल
कॉलेज
के
हॉस्टल
की
चौथी
मंजिल
से
मेडिकल
छात्र
के
आत्महत्या
किए
जाने
के
मामले
में
प्रेम
प्रसंग
व
रैगिंग
के
एगल
सामने
आए
हैं।
पुलिस
इन
दोनों
बिंदुओं
पर
जांच
कर
रही
है।
परिजनों
द्वारा
लगाए
गए
रैगिंग
के
आरोप
को
गंभीरता
से
लेते
हुए
मेडिकल
कॉलेज
प्रशासन
ने
भी
जांच
के
लिए
आंतरिक
कमेटी
का
गठन
किया
है।
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छात्र
ने
हॉस्टल
की
चौथी
मंजिल
से
कूदकर
की
आत्महत्या,
मरने
से
पहले
दोस्तों
को
किया
मैसेज
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गढा
सीएसपी
एचआर
पांडे
के
अनुसार
मूलत:
रीवा
निवासी
शिवांश
गुप्ता
नेताजी
सुभाष
चंद्र
बोस
मेडिकल
कॉलेज
में
प्रथम
वर्ष
का
छात्र
था।
छात्र
मेडिकल
कॉलेज
के
हॉस्टल
नम्बर
4
में
रहता
था।
छात्र
ने
गुरुवार
दोपहर
लगभग
12
बजे
हॉस्टल
क्रमांक
4
की
चौथी
मंजिल
से
कूदकर
आत्महत्या
कर
ली
थी।
पुलिस
ने
मर्ग
कायम
कर
प्रकरण
को
विवेचना
में
लिया
है।
परिजनों
ने
अपने
बयान
में
आरोप
लगाए
हैं
कि
छात्र
के
साथ
कॉलेज
में
रैगिंग
होती
थी।
इस
संबंध
में
छात्र
में
फोन
पर
परिजनों
को
जानकारी
दी
थी।
मृतक
छात्र
के
साथियों
ने
पूछताछ
के
दौरान
प्रेम
प्रसंग
के
संबंध
में
बताया
है।
पुलिस
दोनों
एंगल
में
जांच
कर
रही
है।
जांच
के
दौरान
साक्ष्यों
के
आधार
पर
दोषियों
के
खिलाफ
कार्रवाई
की
जाएगी।
ये
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ने
दूसरी
मंजिल
से
लगाई
छलांग,
ससुराल
वालों
की
प्रताड़ना
से
तंग
होकर
लगाया
मौत
को
गले
मेडिकल
कॉलेज
अस्पताल
के
डीन
डॉ.
नवनीत
सक्सेना
ने
बताया
कि
परिजनों
के
आरोप
को
गंभीरता
से
लेते
हुए
जांच
के
लिए
सात
सदस्यीय
आंतरिक
कमेटी
गठित
की
गई
है।
कमेटी
को
सात
दिनों
में
अपनी
रिपोर्ट
पेश
करने
के
निर्देश
दिए
गए
हैं।
प्रथम
वर्ष
के
छात्रों
को
एक
साथ
हॉस्टल
में
रखा
गया
था।
इसके
कारण
रैगिंग
संभव
नहीं
है।
इसके
अलावा
मेंटरशिप
योजना
के
तहत
20
छात्रों
पर
एक
टीचर
नियुक्त
किया
गया
है।