
मध्य
प्रदेश
के
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
के
ससुर
ब्रह्मानंद
यादव
का
मंगलवार
रात
98
वर्ष
की
आयु
में
निधन
हो
गया।
उन्होंने
उत्तर
प्रदेश
के
सुल्तानपुर
जिले
के
विवेकानंद
नगर
स्थित
अपने
आवास
पर
अंतिम
सांस
ली।
लंबे
समय
से
बीमार
चल
रहे
ब्रह्मानंद
यादव
का
अंतिम
संस्कार
बुधवार
को
मध्य
प्रदेश
के
रीवा
में
पूरे
विधि-विधान
के
साथ
किया
गया।
इस
दौरान
रीवा
में
राष्ट्रीय
स्वयंसेवक
संघ
(RSS)
के
नेताओं,
भाजपा
नेताओं
और
स्थानीय
लोगों
का
जमावड़ा
देखा
गया,
जो
उनकी
सादगी,
सेवा
और
संस्कारों
से
प्रेरित
जीवन
को
श्रद्धांजलि
देने
पहुंचे।
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रहने
की
अपील
ब्रह्मानंद
यादव
एक
प्रख्यात
शिक्षाविद्
और
विद्या
भारती
महाकौशल
प्रांत
के
पूर्व
संगठन
मंत्री
थे।
उन्होंने
अपने
जीवन
का
अधिकांश
समय
शिक्षा
और
सामाजिक
कार्यों
में
समर्पित
किया।
मुंबई
में
शिक्षा
प्राप्त
करने
के
बाद
वे
रीवा
आए
और
सरकारी
स्कूल
में
शिक्षक
बने,
जहां
वे
1987
में
प्रिंसिपल
के
पद
से
सेवानिवृत्त
हुए।
RSS
से
उनका
गहरा
जुड़ाव
रहा,
और
उन्होंने
विद्यार्थी
जीवन
में
कई
आंदोलनों
में
हिस्सा
लिया।
उनकी
बेटी
सीमा
यादव
का
विवाह
1994
में
डॉ.
मोहन
यादव
से
हुआ,
जो
तब
अखिल
भारतीय
विद्यार्थी
परिषद
के
राष्ट्रीय
मंत्री
थे।
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पर
होगी
सुनवाई
ब्रह्मानंद
यादव
के
निधन
की
खबर
फैलते
ही
रीवा
में
उनके
निवास
पर
शोक
जताने
वालों
का
तांता
लग
गया।
उपमुख्यमंत्री
राजेंद्र
शुक्ल
ने
उनके
पार्थिव
शरीर
को
श्रद्धांजलि
दी
और
परिवार
से
संवेदना
व्यक्त
की।
मुख्यमंत्री
मोहन
यादव,
जो
वर्तमान
में
विदेश
दौरे
पर
हैं,
ने
सोशल
मीडिया
के
माध्यम
से
शोक
जताया।
उन्होंने
लिखा,
“मां
भारती
की
सेवा
में
समर्पित
ब्रह्मानंद
जी
का
जीवन
हम
सभी
के
लिए
प्रेरणा
है।”
उनके
बेटों
रामानंद,
सदानंद,
विवेकानंद
और
बेटी
सीमा
यादव
के
साथ
परिवार
के
अन्य
सदस्य
अंतिम
संस्कार
में
शामिल
हुए।
ब्रह्मानंद
यादव
की
सामाजिक
और
वैचारिक
सक्रियता
ने
उन्हें
सुल्तानपुर
और
रीवा
में
एक
सम्मानित
व्यक्तित्व
बनाया।
उनके
निधन
से
क्षेत्र
में
शोक
की
लहर
है,
लोग
उनके
योगदान
को
याद
कर
रहे
हैं।