
राजधानी
भोपाल
में
24
फरवरी
से
शुरू
हो
रही
ग्लोबल
इन्वेस्टर्स
समिट
(जीआईएस)
में
पांच
प्रमुख
क्षेत्रों
पर
खास
ध्यान
दिया
जाएगा।
इन
क्षेत्रों
में
ऑटोमोबाइल,
आईटी,
खनन,
वस्त्र
उद्योग
(टेक्सटाइल)
और
पर्यटन
शामिल
हैं।
इन
उद्योगों
में
मध्य
प्रदेश
में
कच्चा
माल,
कुशल
श्रमिक
और
निवेश
के
लिए
अवसरों
की
भरमार
है।
समिट
में
उद्योग
लगाने
के
प्रस्ताव
से
लेकर
प्रोजेक्ट
तक
के
समाधान
तुरंत
प्रदान
किए
जाएंगे।
समिट
में
निवेशकों
को
मध्य
प्रदेश
में
निवेश
की
संभावनाएं
बताई
जाएगी।
इसमें
कच्चे
माल
की
उपलब्धता,
मैनपावर
की
स्थिति
से
लेकर
सरकार
की
तरफ
से
दी
जा
रही
रियायतों
को
गिनाया
जाएगा।
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टेक्सटाइल:
मध्य
प्रदेश
भारत
में
छठा
सबसे
बड़ा
कपास
उत्पादक
राज्य
है
और
सबसे
बड़ा
जैविक
कपास
उत्पादक
(43%)
है।
प्रदेश
शहतूत
रेशम
का
सबसे
बड़ा
उत्पादक
है।
राज्य
में
दुनिया
की
सबसे
बड़ी
टेरी
टॉवल
और
स्पून
डाइड
फैक्ट्री
स्थित
है।
मध्य
प्रदेश
के
चंदेरी,
महेश्वरी
और
हस्तनिर्मित
कपड़े
पूरी
दुनिया
में
प्रसिद्ध
हैं।
यहां
60
से
अधिक
बड़ी
कपड़ा
मिलें,
4,000
से
ज्यादा
करघे
और
25
लाख
तकली
हैं।
इस
समिट
में
इन
क्षेत्रों
के
निवेश
को
बढ़ावा
देने
के
लिए
विभिन्न
प्रयास
किए
जाएंगे,
और
राज्य
में
रोजगार
सृजन
पर
विशेष
ध्यान
दिया
जाएगा।
ऑटोमोबाइल:
पीथमपुर
में
राष्ट्रीय
ऑटोमोटिव
टेस्ट
ट्रैक
(एनएटीआरएक्स)
है।
पीथमपुर
ऑटो
क्लस्टर
भारत
के
सबसे
बड़े
(4,500
हेक्टेयर)
ऑटो
क्लस्टरों
में
से
एक
है।
एशिया
का
सबसे
लंबा
हाई-स्पीड
टेस्टिंग
ट्रैक
मध्य
प्रदेश
में
है।
200
से
अधिक
देशों
को
ऑटो
घटकों
का
निर्यात
किया
जाता
है।
200
से
अधिक
ऑटो
घटक
निर्माता
और
1,000
से
ज्यादा
उपकरण
निर्माता
हैं।
आईटी
और
प्रौद्योगिकी:
राज्य
में
पांच
आईटी
एसईजेड
और
15
से
अधिक
आईटी
पार्क
हैं।
राज्य
में
50
से
अधिक
बड़ी
आईटी
कंपनियां
हैं।
यहां
1200
से
अधिक
तकनीकी
स्टार्टअप
और
दो
यूनिकॉर्न
कंपनियां
हैं।
राज्य
में
300
से
अधिक
कॉलेज
तकनीकी
शिक्षा
प्रदान
करते
हैं,
और
हर
साल
50,000
से
ज्यादा
तकनीकी
स्नातक
तैयार
होते
हैं।
माइनिंग:
मध्य
प्रदेश
भारत
का
एकमात्र
हीरा
उत्पादक
राज्य
है।
तांबा
अयस्क
और
मैंगनीज
अयस्क
का
देश
में
प्रमुख
उत्पादक
है।
राज्य
खनिज
उत्पादक
राज्यों
में
अग्रणी
है,
विशेष
रूप
से
रॉक
फॉस्फेट,
चूना
पत्थर
और
कोयला
उत्पादन
में।
मध्य
प्रदेश
का
कोल
बेड
मीथेन
(सीबीएम)
भंडार
भारत
के
कुल
भंडार
का
36%
है।
राज्य
के
सीमेंट
उद्योग
को
चूना
पत्थर
का
अहम
योगदान
है,
और
बालाघाट
जिले
में
तांबे
का
उत्पादन
भी
बढ़
रहा
है।
टूरिज्म:
राज्य
में
3
यूनेस्को
विश्व
धरोहर
स्थल,
2
ज्योतिर्लिंग,
12
राष्ट्रीय
उद्यान
और
24
अभयारण्य
हैं।
मध्य
प्रदेश
को
बाघ,
गिद्ध,
तेंदुआ,
घड़ियाल
और
चीता
राज्य
के
रूप
में
जाना
जाता
है।
प्रदेश
फिल्म
शूटिंग
के
लिए
एक
पसंदीदा
स्थल
बन
चुका
है,
जहां
400
से
अधिक
प्रमुख
फिल्मों
की
शूटिंग
हो
चुकी
है।
राज्य
में
167
देशों
के
नागरिकों
के
लिए
ई-वीजा
सुविधा
है,
और
यह
30
हवाई
अड्डों
और
पांच
समुद्री
बंदरगाहों
के
माध्यम
से
उपलब्ध
है।