
मध्य
प्रदेश
महिला
कांग्रेस
की
कार्यकारी
अध्यक्ष
नूरी
खान
की
एक
सोशल
मीडिया
पोस्ट
पर
विवाद
खड़ा
हो
गया
है।
नूरी
खान
ने
एक
वीडियो
के
माध्यम
से
दावा
किया
है
कि
ईद
के
बजाय
होली
पर
बेजुबान
जानवरों
की
सबसे
अधिक
बलि
दी
जाती
है।
उनके
अनुसार,
होली
के
समय
मटन
की
खपत
में
करीब
600
प्रतिशत
की
बढ़ोतरी
होती
है।
उन्होंने
बताया
कि
सामान्य
दिनों
में
जो
मटन
4000
क्विंटल
प्रतिदिन
बिकता
है,
वह
होली
के
अवसर
पर
20,000
क्विंटल
प्रतिदिन
की
दर
से
बिकने
लगता
है।
वीडियो
में
धार्मिक
स्वतंत्रता
और
नफरत
फैलाने
के
आरोपों
का
जिक्र
अपनी
सोशल
मीडिया
पोस्ट
में
नूरी
खान
ने
देश
में
सभी
को
संविधान
द्वारा
प्रदत्त
धार्मिक
स्वतंत्रता
की
बात
करते
हुए
कहा
कि
हर
व्यक्ति
को
अपने
खान-पान
की
आज़ादी
है।
उन्होंने
आरोप
लगाया
कि
त्योहारों
–
होली,
ईद
और
दीवाली
–
पर
कुछ
तत्व
समाज
में
ज़हर
और
नफरत
फैलाने
की
कोशिश
करते
हैं।
उन्होंने
यह
भी
कहा
कि
सिर्फ
ईद
ही
नहीं,
बल्कि
कई
हिंदू
त्योहारों
और
मंदिरों
में
भी
जानवरों
की
बलि
दी
जाती
है।
हिंदू
धर्म
में
बलि
की
परंपराओं
का
उल्लेख
नूरी
खान
ने
वीडियो
में
दावा
किया
कि
भारत
एक
विविधताओं
वाला
देश
है
और
हिंदू
धर्म
में
भी
बलि
की
परंपरा
है।
उन्होंने
पश्चिम
बंगाल,
उड़ीसा,
असम
में
देवी
काली
को
बकरे
की
बलि,
नागपुर,
झारखंड,
छत्तीसगढ़
में
आदिवासी
परंपराओं
में
ग्राम
देवताओं
को
बलि,
उत्तराखंड
और
हिमाचल
प्रदेश
में
बकरों
की
बलि,
तथा
राजस्थान
में
भैरव
बाबा
और
मां
शीतला
को
दी
जाने
वाली
बलि
का
हवाला
दिया।
मटन
दुकानों
पर
आधार
कार्ड
और
CCTV
की
मांग
वीडियो
में
नूरी
खान
ने
मांग
की
कि
मटन
की
दुकानों
पर
आधार
कार्ड
अनिवार्य
किया
जाए
और
हर
दुकान
पर
CCTV
कैमरे
लगाए
जाएं।
उनका
कहना
है
कि
इस
पूरे
मुद्दे
का
राजनीतिकरण
किया
जा
रहा
है
और
कुछ
अवसरवादी
लोग
धर्म
के
नाम
पर
नफरत
फैलाने
का
प्रयास
कर
रहे
हैं।
यह
भी
पढ़ें: सोनम
को
खोजने
के
नाम
पर
सड़कों
के
दोनों
तरफ
झाडि़यां
काटती
रही
पुलिस
“प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
ने
कर
दिया
सरेंडर”
नूरी
खान
ने
अपने
वीडियो
में
‘ऑपरेशन
सिंदूर’
का
जिक्र
करते
हुए
कहा
कि
जब
पाकिस्तान
को
करारा
जवाब
देने
की
बात
हो
रही
थी,
तब
“हम
लोग
साथ
खड़े
थे
लेकिन
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
ने
सरेंडर
कर
दिया।”
उन्होंने
आगे
कहा
कि
भारत
में
जो
मुसलमान
रहते
हैं,
वे
“हिंदुस्तानी
मुसलमान”
हैं
और
उन्हें
इस
पर
गर्व
है।
मुख्यमंत्री
पर
साधा
निशाना
नूरी
खान
ने
वीडियो
में
उज्जैन
की
पवित्र
नदी
शिप्रा
की
स्थिति
पर
भी
चिंता
जताई।
उन्होंने
आरोप
लगाया
कि
शिप्रा
में
16
गंदे
नालों
का
पानी
मिल
रहा
है,
जबकि
मुख्यमंत्री
इसकी
परिक्रमा
कर
रहे
हैं।
उन्होंने
कहा
कि
यह
विषय
उनके
लिए
भावनात्मक
है
क्योंकि
वे
स्वयं
उज्जैन
की
बेटी
हैं
और
मां
शिप्रा
की
पवित्रता
के
लिए
उन्होंने
आंदोलन
भी
किया
है।
वीडियो
के
अंत
में
नूरी
खान
ने
शराबबंदी
को
लेकर
भी
सरकार
की
नीतियों
पर
सवाल
उठाए।
उन्होंने
कहा
कि
शराब
की
दुकानों
को
शहर
से
बाहर
ले
जाना
चाहिए
था,
लेकिन
ऐसा
नहीं
हुआ
और
यह
सभी
जानते
हैं।