
लापरवाही
से
बुजुर्ग
की
मौत
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश
के
मैहर
जिले
में
एक
युवक
मुन्नाभाई
की
तर्ज
पर
लोगों
का
इलाज
करना
भारी
पड़
गया
है।
क्योंकि
मुन्नाभाई
डॉक्टर
के
गलत
इलाज
की
वजह
से
एक
सरकारी
अस्पताल
में
बुजुर्ग
की
सोमवार
को
मौत
हो
गई।
परिजनों
का
आरोप
है
कि
इलाज
में
लापरवाही
की
वजह
से
मरीज
की
जान
चली
गई।
मामला
अमरपाटन
के
सरकारी
अस्पताल
का
है।
इस
मामले
को
लेकर
पीड़ित
परिवार
ने
बुजुर्ग
की
लाश
को
अस्पताल
में
रखकर
हंगामा
किया।
आरोप
है
कि
डॉक्टर
के
परिवार
वालों
ने
शव
को
हटाने
के
लिए
परिजनों
पर
दबाव
बनाया।
इस
दौरान
परिजनों
के
बीच
कहासुनी
भी
हुई
थी।
परिजनों
ने
डॉक्टर
के
भाई
पर
मारपीट
और
लापरवाही
का
आरोप
लगाया
है।
मृतक
के
परिजन
सुनील
कुमार
पटेल
ने
शिकायती
आवेदन
में
बताया
कि
अमरपाटन
थाना
क्षेत्र
के
वीरदत्त
गांव
के
रहने
वाले
70
साल
के
बुजुर्ग
राम
प्रसाद
पटेल
की
तबीयत
बीते
सोमवार
को
बिगड़
गई
थी।
उनका
पेट
दर्द
कर
रहा
था।
इस
बीच
परिजन
बुजुर्ग
शख्स
को
लेकर
अमरपाटन
के
सरकारी
अस्पताल
के
डॉक्टर
सुशील
गुप्ता
की
क्लीनिक
में
इलाज
करने
के
लिए
ले
गए।
जहां
डॉक्टर
नहीं
मिले।
क्लीनिक
में
सुशील
गुप्ता
के
भाई
मनोज
गुप्ता
बैठे
हुए
थे।
उनके
द्वारा
परिजनों
को
जानकारी
दी
गई
कि
डॉक्टर
साहब
नहीं
है।
फोन
में
बातचीत
करके
मरीज
का
इलाज
हो
जाएगा।
तब
मनोज
गुप्ता
डॉक्टर
से
बात
करके
पीड़ित
को
शासकीय
अस्पताल
में
अमरपाटन
में
भर्ती
कर
इलाज
करने
लगा।
इलाज
के
कुछ
देर
में
करीब
पांच बजे
पीड़ित
की
मौत
हो
गई।
डॉक्टर
की
गैर
मौजूदगी
में
मनोज
गुप्ता
फोन
पर
संपर्क
कर
बुजुर्ग
का
उपचार
कर
जान
ले
लिया
है।
बता
दें
कि
जिस
अस्पताल
में
बुजुर्गों
को
भर्ती
कराया
गया
था,
वह
सरकारी
अस्पताल
है।
सरकारी
अस्पताल
की
दवाई
से
इलाज
हुआ
इसके
बावजूद
इलाज
के
नाम
पर
मृतक
के
परिजनों
से
1900
रुपये लिया
गया
है।
इस
पूरे
मामले
में
सतना
सीएमएचओ
एलएन
तिवारी
के
द्वारा
जानकारी
दी
गई
कि
अमरपाटन
सरकारी
अस्पताल
का
मामला
हमारे
संज्ञान
में
आया
है।
मृतक
का
पोस्टमॉर्टम
कराया
गया
है।
पोस्टमॉर्टम
रिपोर्ट
के
आधार
पर
कार्रवाई की
जाएगी।
अगर
परिजनों
के
तरफ
से
कोई
और
शिकायती
आवेदन
आता
है
तो
उसके
आधार
पर
टीम
गठित
करके
जांच
कराएंगे।