
सिंचाई
विभाग
की
लापरवाही
एक
मजदूर
की
जान
पर
भारी
पड़
गई।
जिले
के
बोदा
गांव
में
सोमवार
को
नहर
लाइनिंग
परियोजना
के
तहत
जेसीबी
से
खुदाई
के
दौरान
11
केवी
हाईटेंशन
लाइन
की
चपेट
में
आने
से
एक
मजदूर
की
मौके
पर
मौत
हो
गई,
जबकि
दूसरा
गंभीर
रूप
से
घायल
हो
गया।
मृतक
की
पहचान
सुखबीर
दमाहे
(40)
के
रूप
में
हुई
है,
जबकि
घायल
फूलचंद
लिल्हारे
(25)
को
जिला
अस्पताल
में
भर्ती
कराया
गया
है।
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प्रत्यक्षदर्शियों
के
अनुसार,
नहर
पार
जा
रही
विद्युत
सर्विस
लाइन
के
पोल
को
हटाने
का
काम
चल
रहा
था।
इसी
दौरान
मजदूरों
द्वारा
पकड़ा
गया
लोहे
का
पोल
ऊपर
से
गुजर
रही
हाईटेंशन
लाइन
से
टकरा
गया।
करंट
फैलते
ही
दोनों
मजदूर
झुलस
गए।
सुखबीर
की
मौके
पर
ही
मौत
हो
गई
जबकि
फूलचंद
बुरी
तरह
झुलस
गया।
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ये
भी
पढ़ें- ग्रामीण
पंचायतों
में
85
लाख
का
गबन,
जांच
में
बढ़
सकती
है
राशि,
सरपंच-सचिव
समेत
नौ
पर
मामला
दर्ज
बिजली
नहीं
बंद
कराई
गई
थी
–
सरपंच
ग्राम
पंचायत
सरपंच
सुरेंद्र
लिल्हारे
ने
ठेकेदार
पर
लापरवाही
का
आरोप
लगाया
है।
उनका
कहना
है
कि
काम
शुरू
करने
से
पहले
बिजली
आपूर्ति
बंद
नहीं
कराई
गई
थी,
जबकि
यह
सर्विस
लाइन
11
केवी
की
थी।
दोनों
मजदूर
अपने
ही
घरों
के
सामने
काम
कर
रहे
थे।
पूर्व
सरपंच
राजेश
गोमासे
ने
बताया
कि
यह
हादसा
पूरी
तरह
से
ठेकेदार
की
लापरवाही
का
नतीजा
है।
ये
भी
पढ़ें- स्वास्थ्य
विभाग
के
आउटसोर्स
कर्मचारियों
को
नहीं
मिली
सैलरी,
कंपनियां
बोलीं
सरकार
से
नहीं
मिला
बजट
ढाई
घंटे
चला
चक्काजाम,
3
लाख
की
सहायता
के
बाद
माने
परिजन
हादसे
के
बाद
गुस्साए
परिजनों
और
ग्रामीणों
ने
शव
को
सड़क
पर
रखकर
चक्काजाम
कर
दिया।
मुख्य
मार्ग
पर
लगभग
ढाई
घंटे
तक
आवाजाही
ठप
रही।
परिजन
पांच
लाख
रुपए
मुआवजे
की
मांग
कर
रहे
थे।
बाद
में
ठेकेदार
द्वारा
2.5
लाख
और
प्रशासन
द्वारा
50
हजार
रुपए
की
सहायता
राशि
दिए
जाने
के
बाद
परिजन
शांत
हुए
और
चक्काजाम
समाप्त
किया
गया।
अस्पताल
चौकी
पुलिस
ने
शव
को
पोस्टमार्टम
के
लिए
भेज
दिया
है।
संबंधित
थाना
पुलिस
ने
मामला
दर्ज
कर
लिया
है
और
जांच
जारी
है।