
शाजापुर
में
चैत्र
नवरात्रि
पर्व
की
रविवार
को
भव्य
शुरुआत
हुई।
मां
राजराजेश्वरी
मंदिर
में
फूलों
से
आकर्षक
सज्जा
की
गई।
माता
का
विशेष
शृंगार
किया
गया।
सुबह
मंत्रोच्चार
के
साथ
विधि-विधान
से
घट
स्थापना
की
गई।
शहर
और
आसपास
के
क्षेत्रों
से
बड़ी
संख्या
में
भक्त
माता
की
आरती
में
शामिल
हुए।
जनप्रतिनिधि,
पुलिस
और
प्रशासनिक
अधिकारी
भी
आरती
में
उपस्थित
रहे।
दिनभर
मंदिर
में
भक्तों
का
आना-जाना
जारी
रहा।
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में
गुड़ी
पड़वा
पर्व
की
धूम,
तस्वीरों
में
देखिए
बड़े
आयोजन
पंडित
अनिरुद्ध
नागर
ने
बताया
कि
नवरात्रि
में
मां
दुर्गा
अपने
नौ
रूपों
में
पृथ्वी
पर
निवास
करती
हैं।
वे
भक्तों
की
सभी
मनोकामनाएं
पूर्ण
करती
हैं।
यह
पर्व
घट
स्थापना
से
शुरू
होकर
नवमी
को
कन्या
पूजन
के
साथ
समाप्त
होता
है।
नौ
दिनों
तक
गाय
को
चारा
खिलाने
और
पूजा
का
विशेष
महत्व
है।
पंडित
आशीष
नागर
के
अनुसार,
इस
बार
का
नवरात्रि
विशेष
है।
मां
हाथी
पर
सवार
होकर
आ
रही
हैं।
यह
सुख-शांति
का
प्रतीक
है।
मान्यता
है
कि
ऐसे
में
वर्षभर
अच्छी
बारिश
होती
है।
यह
किसानों
और
शहरवासियों
के
लिए
शुभ
संकेत
है।
गायत्री
शक्तिपीठ
में
नवरात्रि
पर
हवन
किया
गया।
रूपामाता
मंदिर,
बिजासन
माता
मंदिर
और
चामुंडा
माता
मंदिर
में
भी
भक्तों
की
भीड़
उमड़ी।
साथ
ही
15
दिवसीय
मेले
की
भी
शुरुआत
हुई।
इस
मेले
में
शहर
और
आसपास
के
ग्रामीण
क्षेत्रों
से
लाखों
लोगों
के
आने
की
उम्मीद
है।
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अखाड़ा
घाट
पर
प्रथम
किरण
के
साथ
सूर्य
को
अर्घ्य
देकर
नववर्ष
का
स्वागत,
मुख्यमंत्री
रहे
मौजूद
15
दिवसीय
मेले
की
भी
शुरुआत
चैत्र
नवरात्रि
की
शुरुआत
से
ही
शाजापुर
के
मां
राजराजेश्वरी
मंदिर
परिसर
में
15
दिवसीय
मेले
की
भी
शुरुआत
हो
गई
है।
मेले
में
दूर
दराज
से
दुकानदार
आए
हुए
हैं
और
यहां
बच्चों
के
खेल
खिलौने
मनोरंजन
के
समान
के
साथ
ही
झूले
आदि
भी
लगाए
गए
हैं।
इसके
साथ
ही
घर
गृहस्ती
का
सामान
भी
इस
मेले
में
उपलब्ध
है।
मेले
में
जिले
भर
के
लोग
बड़े
उत्साह
के
साथ
आते
हैं
और
मां
राजराजेश्वरी
के
दर्शन
पूजन
का
लाभ
भी
लेते
हैं।