पंचायत
मंत्री
प्रहलाद
पटेल
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
दमोह
लोकसभा
में
मतदान
प्रतिशत
में
आई
दस
प्रतिशत
की
गिरावट
को
पंचायत
मंत्री
प्रहलाद
पटेल
ने
चिंताजनक
बताया
है
और इसके
लिए
तीन
कारण
भी
गिनाए
हैं।
शनिवार
को
मंत्री
प्रहलाद
पटेल
दमोह
पहुंचे,
जहां
मीडिया
कर्मियों
ने
लोकसभा
चुनाव
में
मतदान
प्रतिशत
में
आई
गिरावट
को
लेकर
उनसे
सवाल
किया
तो
पटेल
ने
इसे
चिंताजनक
बताते
हुए
समीक्षा
करने
की
बात
कही।
दमोह
पहुंचे
पंचायत
मंत्री
प्रहलाद
पटेल
ने
कहा
कि
मतदान
प्रतिशत
में
जो
कमी
आई
है,
वह
चिंताजनक
है।
हम
मानते
हैं
कि
चुनाव
के
बाद
मतदान
प्रतिशत
बढ़े
यह
लोकतंत्र
के
लिए
अच्छा
होता
है।
यहां
कांग्रेस
की
निष्क्रियता भी
है,
जिसने
मत
प्रतिशत
को
पीछे
कर
दिया
है।
चार
जून
को
परिणाम
आने
के
बाद
हम
इसकी
समीक्षा
भी
करेंगे।
मेरे
जैसा
व्यक्ति
मानता
है
कि
हमारी
सक्रियता
अगर
है
तो
मतदान
प्रतिशत
बढ़ना
चाहिए।
कम
मतदान
प्रतिशत
के
तीन
कारण
दमोह
लोकसभा
में
कम
मतदान
प्रतिशत
को
लेकर
मंत्री
पटेल
ने
तीन
कारण
गिनाए
हैं।
उन्होंने
कहा
कि
वैवाहिक
कार्यक्रम
थे, जिससे
मतदाता
नहीं
पहुंचे।
दूसरा
गर्मी
बहुत
अधिक
थी
और
तीसरा
कांग्रेस
की
निष्क्रियता यह
तीन
कारण
है,
जिससे
दस
प्रतिशत
की
गिरावट
आई
है।
जो
चिंताजनक
है।
हमारा
लक्ष्य
है
मप्र
की
सभी
29
सीटें
जीतना।
हमारा
यह
विजय
अभियान
जारी
रहेगा।
भाजपा
और
उसके
कार्यकर्ता
पूरी
ताकत
लगाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
56.48
प्रतिशत
रहा
मतदान
लोकसभा
चुनाव
में
पिछले
चुनाव
के
मुकाबले
करीब
दस
प्रतिशत
की
गिरावट
आई
है।
2024
का
मतदान
प्रतिशत
56.48
प्रतिशत
रहा।
जबकि
2019
का
मतदान
प्रतिशत
65.82
प्रतिशत
था।
इसको
लेकर
दोनों
ही
दलों
के
नेता
चिंतित
हैं
कि
यह
घटा
हुआ
मतदान
प्रतिशत
चुनाव
को
किस
ओर
ले
गया
है।
यदि
बीते
तीन
लोकसभा
चुनाव
की
बात
की
जाए
तो
सबसे
अधिक
मतदान
2019
के
लोकसभा
चुनाव
में
हुआ
था।
विज्ञापन
-
साल
2009
में
44.09 -
साल
2014
में
53.30 -
साल
2019
में
65.82 -
साल
2024
में
56.48