
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
की
अध्यक्षता
बुधवार
को
मंत्रालय
में
हुई
कैबिनेट
बैठक
में
तीनों
विद्युत
वितरण
कंपनियों
की
संगठनात्मक
संरचना
में
49
हजार
263
नवीन
पदों
के
सृजन
की
स्वीकृति
दी
गई।
नियमित
पदों
के
सृजन
के
फलस्वरूप
पूर्व
स्वीकृत
पदों
में
से
17
हजार
620
अनुपयोगी
पद
समाप्त
किए
गए
हैं
और
डाइंग
कैडर
में
5650
पदों
पर
कार्यरत
कार्मिकों
की
सेवानिवृत्ति
और
त्यागपत्र
आदि
के
बाद
ये
पद
भी
समाप्त
किए
जाएंगे।
कंपनियों
द्वारा
सीधी
भर्ती
के
लिए
पदों
की
गणना
करते
समय
इन
पदों
को
संज्ञान
में
रखा
जाएगा।
विद्युत
वितरण
कंपनियों
में
संविदा
आधार
पर
कार्यरत
कार्मिक,
निर्धारित
आयु
सीमा
के
पूर्ण
होने
अथवा
नियमित
सीधी
भर्ती
के
पद
पर
चयनित
होने
तक
कार्य
कर
सकेंगे।
कंपनियों
द्वारा
नियमित
पदों
पर
सीधी
भर्ती
के
रिक्त
पदों
की
गणना
करते
समय
समकक्ष
पद
पर
तत्समय
कार्यरत
संविदा
कार्मिक
की
संख्या
को
घटाकर
शेष
रिक्त
पदों
पर
सीधी
भर्ती
की
जा
सकेगी।
वितरण
कंपनियों
को
संगठनात्मक
संरचना
के
अनुरूप
कार्मिकों
की
समय-समय
पर
भर्ती
के
लिए
ऊर्जा
विभाग
को
अधिकृत
किया
गया
है।
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कैंपा
फंड
से
1038
करोड़
खर्च
की
मंजूरी
कैबिनेट
ने
प्रतिकरात्मक
वन
रोपण
निधि
(कैंपा
निधि)
के
लिए
वर्ष
2025-26
की
वार्षिक
कार्य
आयोजना
(Annual
Plan
of
Operation)
में
अनुमोदित
कार्यों
के
क्रियान्वयन
के
लिए
1478
करोड़
38
लाख
में
से
1038
करोड़
रुपये
के
उपयोग
की
स्वीकृति
दी
गई।
इस
राशि
का
80
प्रतिशत
वन
एवं
वन्यप्राणी
प्रबंधन
एवं
20
प्रतिशत
वन
और
वन्यजीव
संबंधी
अधोसंरचना
के
सुदृढीकरण
पर
व्यय
किया
जाता
है।
यह
राशि
वनों
के
सुधार,
नदियों
के
पुनजीर्वन,
पौधरोपण
और
वन्यप्राणी
क्षेत्रों
के
विकास
जैसे
कार्यों
में
उपयोग
की
जाएगी।
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66
नए
आंगनवाड़ी
केंद्र,
134
पद
मंजूर
धरती
आबा
जनजातीय
ग्राम
उत्कर्ष
अभियान
के
तहत
66
नए
आंगनवाड़ी
केंद्र
खोलने
की
मंजूरी
दी
गई
है।
इसके
लिए
134
नए
पदों
का
भी
सृजन
किया
गया
है।
योजना
पर
कुल
15.21
करोड़
रुपये
खर्च
होंगे।
स्वीकृति
अनुसार
66
आंगनवाड़ी
केंद्रों
के
संचालन
के
लिए
आंगनवाड़ी
कार्यकर्ता
के
66
पद
(मानसेवी),
आंगनवाड़ी
सहायिका
के
66
पद
(मानसेवी)
तथा
आंगनवाड़ी
केंद्रों
के
पर्यवेक्षण
के
लिए
पर्यवेक्षक
के
02
पद
नियमित
शासकीय
सेवक
के
पद
शामिल
हैं।
किसानों
को
सिंचाई
जलकर
पर
राहत
राज्य
सरकार
ने
किसानों
को
बड़ी
राहत
देते
हुए
सिंचाई
जलकर
पर
ब्याज
और
दंड
राशि
माफ
करने
का
फैसला
लिया
है।
यदि
किसान
31
मार्च
2026
तक
मूल
राशि
चुका
देते
हैं
तो
करीब
84
करोड़
रुपये
का
ब्याज
माफ
होगा।
इससे
35
लाख
किसान
लाभान्वित
होंगे।
जानकारी
के
अनुसार
31
मार्च
2025
की
स्थिति
में
कृषकों
पर
सिंचाई
जलकर
की
अवशेष
राशि
647
करोड़
67
लाख
रुपये
बकाया
हैं।
इसमें
मूल
राशि
563
करोड़
29
लाख
रुपये
एवं
ब्याज
राशि
84
करोड़
17
लाख
रुपये
है।
उल्लेखनीय
है
कि
वर्ष
2022-23
में
45
करोड़
58
लाख
रुपये,
वर्ष
2023-34
में
36
करोड़
98
लाख
रुपये
और
वर्ष
2024-25
में
35
करोड़
43
लाख
रुपये
का
सिंचाई
राजस्व
मिला
है।
ग्रीष्मकालीन
मूंग-उड़द
की
खरीदी
को
मंजूरी
कैबिनेट
ने
प्राइस
सपोर्ट
स्कीम
(PSS)
के
तहत
रबी
विपणन
वर्ष
2023-26
तक
ग्रीष्मकालीन
मूंग
और
उड़द
की
खरीदी
के
प्रस्ताव
को
मंजूरी
दी
है।
साथ
ही
ग्रीष्मकालीन
वर्ष
2024-25
(विपणन
वर्ष
2025-26)
में
मूंग
एवं
उड़द
का
पंजीकृत
कृषकों
से
उपार्जन,
राज्य
उपार्जन
एजेंसी
म.प्र.
राज्य
सहकारी
विपणन
संघ
मर्यादित
द्वारा
किए
जाने
का
निर्णय
लिया
गया
है।
लेक
व्यू
होटल
का
होगा
निजी
विकास
भोपाल
स्थित
होटल
लेक
व्यू
रेसीडेंसी
को
पीपीपी
मॉडल
पर
विकसित
करने
का
निर्णय
लिया
गया
है।
पंजीयन
और
स्टांप
शुल्क
की
प्रतिपूर्ति
पर्यटन
विभाग
के
बजट
से
होगी।
3
संभागों
में
नए
क्षेत्रीय
कार्यालय,
7
पदों
की
मंजूरी
नर्मदापुरम,
चंबल
और
शहडोल
संभागों
में
स्थानीय
निधि
संपरीक्षा
के
क्षेत्रीय
कार्यालय
स्थापित
होंगे।
निवाड़ी,
मैहर,
मऊगंज
और
पांढुर्णा
जिलों
के
लिए
7
सहायक
संचालक
पद
भी
स्वीकृत
किए
गए
हैं।
विद्युत
क्रय
अनुबंध
समाप्त
करने
का
फैसला
पूर्व
में
वैरिएबल
दर
पर
विद्युत
क्रय
अनुबंध
करने
वाले
विकासकों
से
अनुबंध
समाप्त
करने
का
निर्णय
लिया
गया
है।
उनसे
नुकसान
की
भरपाई
कर
बैंक
गारंटी
लौटाई
जाएगी।
स्टांप
संशोधन
विधेयक
को
मंजूरी
भारतीय
स्टांप
(मध्य
प्रदेश
संशोधन)
विधेयक
2025
को
कैबिनेट
ने
मंजूरी
दी
है।
इससे
राज्य
को
लगभग
212
करोड़
रुपये
का
अतिरिक्त
राजस्व
मिलेगा।