Khandwa News: अमावस्या पर लाखों भक्त पहुंचे ओंकारेश्वर, रात भर चली तांत्रिक क्रियाएं, ऐसे पूरी करेंगे साधना


देशभर
में
आज
शनिवार
को
चैत्र
अमावस्या
मनाई
जा
रही
है।
लेकिन,
मप्र
के
निमाड़
अंचल
में
इसे
भूतड़ी
अमावस्या
के
रूप
में
मनाया
जाता
है।
माना
जाता
है
कि
इस
दिन
नर्मदा
में
स्नान
करने
से
बाहरी
बाधाओं
से
मुक्ति
मिलती
है।
इसी
के
चलते
निमाड़
के
खंडवा
जिले
की
धार्मिक
तीर्थ
नगरी
ओंकारेश्वर
में
इस
दिन
श्रद्धालुओं
की
भारी
भीड़
देखी
जा
रही
है।
यहां
दो
दिन
पहले
से
ही
इस
पर्व
को
मनाने
के
लिए
बड़ी
संख्या
में
भक्त
जुटने
लगे
थे। 

भूतड़ी
अमावस्या
के
इस
पर्व
को
मनाने
के
लिए
दूर-दूर
से
बड़वे,
भोपे,
ओझा
और
देवी-देवताओं
के
इष्ट
वाले
श्रद्धालु
भी
बड़ी
संख्या
में
यहां
पहुंच
रहे
हैं।
इनके
साथ
ही
बाहरी
बाधाओं
से
पीड़ित
लोग
भी
यहां
पहुंचे
हैं।
शनिवार
को
पर्व
के
चलते
करीब
एक
लाख
से
अधिक
श्रद्धालुओं
ने
दोपहर
तक
पवित्र
नर्मदा
नदी
में
स्नान
कर
पुण्य
लाभ
लिया।
इतनी
बड़ी
संख्या
में
यहां
पहुंचे
भक्तों
के
लिए
प्रशासन
ने
भी
बड़े
स्तर
पर
तैयारियां
की
हैं।
नर्मदा
के
घाटों
पर
सुरक्षा
के
इंतजाम
किए
गए
हैं,
वहीं
तीर्थ
नगरी
में
आने
वाले
वाहनों
के
लिए
पार्किंग
की
भी
व्यापक
व्यवस्था
की
गई
है।

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देखकर
पुलिस
भी
चौंकी

धार्मिक
नगरी
ओंकारेश्वर
में
सैकड़ों
की
संख्या
में
बड़वे,
भोपे
और
इष्ट
देवता
के
अनुयायी
और
हजारों
आम
भक्त
पहुंच
चुके
हैं।
ये
सभी
अब
चैत्र
अमावस्या
की
रात
में
स्नान
कर
ही
वापस
लौटेंगे।
अपने
साथ
खाने-पीने
का
सामान
लेकर
पहुंचे
ये
लोग
संगम
घाट,
नगर
घाट,
अभय
घाट,
चक्रतीर्थ
घाट,
गौमुख
घाट,
ब्रह्मपुरी
घाट
सहित
समीपस्थ
खेड़ीघाट
पर
ही
बीते
दो
दिनों
से
रात्रि
विश्राम
कर
रहे
हैं।
और
इस
दौरान
नर्मदा
स्नान

पूजन-अर्चन
के
जरिए
अपनी
उपचार
प्रक्रिया
सम्पन्न
कर
रहे
हैं।

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शनिवार
को
ढोल-धमाकों
के
साथ
देवी-देवताओं
के
इष्ट
वाले
लोग
हाथों
में
तलवार,
भाले,
फरसे
और
त्रिशूल
लेकर
तथा
खप्पर-ज्वाला
धारण
कर
घाटों
पर
पहुंचे।
इनके
लिए
जिला
और
पुलिस
प्रशासन
सहित
नगर
प्रशासन
ने
उत्तम
प्रबंध
किए
थे।
घाटों
पर
पुलिस
जवान
तैनात
थे,
सुरक्षा
के
लिए
नाव
लगाई
गई
थीं,
पानी
और
सफाई
की
विशेष
व्यवस्था
की
गई
थी।
हालांकि,
रातमें
बिजली
व्यवस्था
में
कमी
नजर
आई,
जिससे
कोठी
से
ओंकारेश्वर
आने
वाले
पैदल
यात्रियों
को
परेशानी
उठानी
पड़ी।
इस
दौरान
मार्ग
में
स्ट्रीट
लाइट
नहीं
थीं।
इधर,
मंदिर
में
दर्शन
व्यवस्था
सुचारू
रही।
हजारों
भक्तों
ने
ओंकार
पर्वत
की
परिक्रमा
कर
प्राचीन
मंदिरों
के
दर्शन
लाभ
भी
लिए।

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बता
दें
कि
रविवार
को
मनाए
जाने
वाले
गुड़ी
पड़वा
पर्व
से
नया
वर्ष
2082
शुरू
हो
जाएगा।
वहीं,
नवरात्रि
पर्व
भी
कलश
स्थापना
के
साथ
प्रारंभ
हो
जाएगा।
इन
पर्वों
को
ध्यान
में
रखते
हुए
खंडवा
जिला
कलेक्टर
ऋषभ
गुप्ता
एवं
एसपी
मनोज
राय
के
निर्देश
पर
जिला
प्रशासन
की
टीम
ने
तीर्थ
नगरी
में
प्रबंध
संभाल
रखा
है।
पर्व
के
लिए
कलेक्टर
एवं
एसपी
के
नेतृत्व
में
मान्धाता
थाने
में
बैठक
भी
हुई,
और
अमावस्या
को
लेकर
सभी
आवश्यक
व्यवस्थाएं
पूरी
कर
ली
गई
हैं।