MP LS Chunav: जय श्री राम Vs जय सियाराम का राजगढ़ लोकसभा सीट से क्या है ताल्लुक? दिग्विजय सिंह ने कही ये बात

MP LS Chunav: जय श्री राम Vs जय सियाराम का राजगढ़ लोकसभा सीट से क्या है ताल्लुक? दिग्विजय सिंह ने कही ये बात
MP LS Chunav: जय श्री राम Vs जय सियाराम का राजगढ़ लोकसभा सीट से क्या है ताल्लुक? दिग्विजय सिंह ने कही ये बात

राजगढ़
में
कांग्रेस
नेता


फोटो
:
अमर
उजाला

विस्तार



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राजगढ़
जिले
में
रविवार
से
पूर्व
सीएम
दिग्विजय
सिंह
ने
राजगढ़
लोकसभा
क्षेत्र
की
सुसनेर
विधानसभा
से
चुनावी
शंखनाद
कर
दिया
है।
वे
पूरे
दमखम
के
साथ
मैदान
में
उतरते
हुए
नजर

रहे
हैं।
उसी
क्रम
में
रविवार
देर
रात
सुसनेर
विधानसभा
क्षेत्र
के
मोहना
गांव
में
पदयात्रा
के
दौरान
आयोजित
नुक्कड़
सभा
को
संबोधित
करते
हुए
उन्होंने
केंद्र

प्रदेश
की
भाजपा
सरकार
को
जमकर
आड़े
हाथ
लिया
और
साथ
ही
पीएम
मोदी
के
नाम
पर
चुनाव
लड़
रहे
स्थानीय
भाजपा
प्रत्याशी
रोडमल
नागर
पर
भी
जमकर
निशाना
साधा।

उन्होंने
अपने
संबोधन में
कहा
कि
मैंने
अपने
राजनीतिक
जीवन
में
जो
कहा
है,
वो
किया
है।
जो
वादे
किए
हैं,
वो
निभाए
हैं।
भाजपा
कहती
है,
रोडमल
नागर
चुनाव
नहीं
लड़
रहे
हैं
मोदी
चुनाव
लड़
रहे
हैं।अगर
आप
पर
मुसीबत
आएगी
तो
क्या
मोदी
को
ढूंढने
जाओगे,
केवल
भावनात्मक
रूप
से
ये
सब
किया
जा
रहा
है
और
वह
व्यक्ति
जिसने
किसी
का
वादा
नहीं
निभाया
औरों
की
तो
छोड़ो घर
वाली
का
वादा
नहीं
निभाया,
उनके
चक्कर
में
पड़ने
की
बजाय
आप
अपना
हित
देखिए।

वहीं,
कांग्रेस
छोड़कर
बगैर
नाम
लिए
भाजपा
में
शामिल
होने
वाले
कांग्रेसी
नेताओ
को
भी
आड़े
हाथ
लेते
हुए
दिग्विजय
सिंह
ने
कहा
कि
वो
लोग
गए
हैं,
जिन्हें
धंधा
करना
है।
दलाली
करनी
है
और
जिन
पर
दबाव
था,
वो
लोग
गए
हैं।
अरविंद
केजरीवाल
और
हेमंत सोरेन
पर
की
गई
कार्रवाई
को
लेकर
दिग्विजय
सिंह
ने
कहा
कि
आज
लोकतंत्र
को
खत्म
किया
जा
रहा
है।
क्योंकि
जनता
के
चुने
हुए
मुख्यमंत्री
को
भी
बगैर
प्रमाण
के
जेल
भेज
दिया
गया।

इसके
अतरिक्त सभा
में
मौजूद
लोगों
ने
भाजपा
प्रत्याशी
रोडमल
नागर
की
शपथ
पत्र
में
दी
गई
संपत्ति
का
भी
जिक्र
किया,
जिस
पर
उन्होंने
कहा
कि
मुझे
तो
लगता
है
उनकी
सिर्फ
एमपी
में
ही
नहीं,
बल्कि
एमपी
के
बाहर
भी
संपत्ति
हो
सकती
है।
इस
पर
मैं कुछ
नहीं
कहूंगा,
ये
भाग्य
है
उनका।
लेकिन
एक
बात
मैं कहना
चाहता
हूं
कि दिग्विजय
सिंह
के
ऊपर

तो
ईडी
आई
है

सीबीआई
है

आईटी
है,
भाजपा
के
लोगों
ने
मेरे
खिलाफ
भ्रष्टाचार
की
कई
जांच
करवा
ली।
लेकिन
एक
प्रमाण
भी
पेश
नहीं
कर
पाए
और
जिसने
भी
मुझ
पर
भ्रष्टाचार
का
आरोप
लगाया,
मैंने
उस
पर
मानहानि
का
दावा
किया
और
उमा
भारती
पर
आज
भी
मेरा
मानहानि
का
दावा
चल
रहा
है।

साल
2002
से
आज
तक
वो
मुझ
पर
पर
भ्रष्टाचार
का
आरोप
नहीं
लगा
पाई।
साथियों
मेरा
50
साल
का
राजनीतिक
जीवन
खुली
किताब
है,
आपकी
लड़ाई
लड़ता
हूं
और
लड़ता
रहूंगा।
अंत
में
दिग्विजय
सिंह
ने अपना
भाषण
समाप्त
करने
के
पूर्व
उन्होंने
जयकारे
लगाए
और
कहा
कि मैं हमेशा
भाजपा
के
लोगों
से
कहता
हूं कि तुम
लाड़ली
बहना
तो
कहते
हो।
लेकिन
राम
जी
के
साथ
सीता
जी
को
क्यों
छोड़
देते
हो,
तुम
जय
श्री
राम
कहते
हो
और
हम
जय
सिया
राम।

गौरतलब
है
कि राजगढ़
लोकसभा
क्षेत्र
पूर्व
में
दिग्विजय
सिंह
का
गढ़ माना
जाता
रहा
है
और
वे
पूर्व
में
दो
बार
यहां
से
सांसद
भी
रहे
हैं,
जिसके
पश्चात
वे
मुख्यमंत्री
बने
थे।
ऐसे
में
वक्त
के
साथ
बहुत
कुछ
बदलता
चला
गया
और
दिग्विजय
का
गढ़
कहलाने
वाला
राजगढ़
धीरे-धीरे
भाजपा
की
झोली
में
आकर
गिरने
लगा,
जिसका
ताजा
उदाहरण
2023
में
संपन्न
हुए
विधानसभा
चुनाव के
परिणामों
में
देखने
को
मिला।
जब
भाजपा
ने
राजगढ़
जिले
की
पांचों
और
लोकसभा
की
आठ सीटों
में
से
छह पर
अपना
कब्जा
जमाकर
लोकसभा
चुनाव
की
ओर एक
मजबूत
कदम
रखा।


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वहीं,
भाजपा
ने
अपने
दो
बार
से
सांसद
रोडमल
नागर
को
राजगढ़
लोकसभा
सीट
से
लगातार
तीसरी
बार
मौका
दिया
है
और
कांग्रेस
की
ओर
से
पूर्व
मुख्यमंत्री
दिग्विजय
सिंह
चुनावी
मैदान
में
हैं
और
संभवतः
यह
दिग्विजय
का
अंतिम
चुनाव
भी
है,
जिसको
लेकर
वे
क्षेत्र
के
लोगों
के
बीच
आश्वस्त
हैं
कि जनता
उन
पर
अंतिम
बार
अवश्य
भरोसा
जताएगी
और
उन्हें
सांसद
बनाएगी।
ऐसे
में
वे
इस
लोकसभा
सीट
को
कांग्रेस
की
झोली
में
डालने
का
भरसक
प्रयास
कर
रहे
हैं
और
उनके
शागिर्द
नेता
भी
एक
दूसरे
से
अंदरूनी
खटास
होने
के
बावजूद
भी
एक
ही
मंच
पर
दिग्विजय
सिंह
के
समर्थन
में
चुनाव
प्रचार
करते
हुए
नजर

रहे
हैं।

77
साल की
उम्र
होने
के
बावजूद
भी
दिग्विजय
सिंह
ने
रविवार
से
अपनी
लोकसभा
क्षेत्र
में
पदयात्रा
शुरू
करते
हुए
चुनावी
शंखनाद
किया
है
और
नुक्कड़
सभा
के
माध्यम
से
मौजूदा
जनसमूह
को
सार्वजनिक
रूप
से
अपने
कार्यकाल
के
दौरान
की
हर
एक
अहम
बात
भी
बताई
है। वे
जनता
को
ये
आश्वस्त
करते
हुए
चल
रहे
हैं
कि
चाहे
कुछ
भी
हो
जाए।
लेकिन
वे
क्षेत्र
के
लोगों
के
लिए
हमेशा
खड़े
रहेंगे।
खैर
यह
तो
चुनाव
के
परिणाम
ही
बताएंगे
कि
देश
भर
में
जारी
मोदी
लहर
के
बीच
राजगढ़
लोकसभा
में
दिग्विजय
सिंह
के
अहम
की
लड़ाई
कितनी
कारगर
साबित
होगी।
क्योंकि
एक
समय
तक
राम
मंदिर
की
प्राण
प्रतिष्ठा
को
लेकर
सवाल
खड़े
करने
वाले
दिग्विजय
सिंह
अपने
चुनावी
भाषण
का
अंत
बीजेपी
के
शुरुवात
के
जय
श्री
राम
के
जवाब
में
अंत
में
जय
सिया
राम
से
देते
हुए
नजर
आए।