उज्जैन
लोकसभा
सीट
के
प्रत्याशी
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
लोकसभा
चुनाव
के
लिए
उज्जैन
में
13
मई
2024
को
मतदान
होने
वाले
हैं।
इसके
पहले
सोमवार
को नाम
वापसी
की
अंतिम
दिनांक
पर
यह
तस्वीर
साफ
हो
गई
कि
आखिर
चुनाव
में
कितने
प्रत्याशी
अपना
भाग्य
आजमा
रहे
हैं।
चुनाव
में
कुल
नौ प्रत्याशी
मैदान
में
हैं,
जिसमें
से
इस
बार
दो
अनिल
तो
दो
महेश
आमने-सामने
होंगे।
नाम
निर्देशन
के
अंतिम
दिन उज्जैन
आलोट
संसदीय
क्षेत्र
में
किसी
भी
अभ्यर्थी
द्वारा
नाम
वापस
नहीं
लिया
है, जिसके
बाद
अब
यह
साफ हो
गया
है
कि
अब
कुल
नौ अभ्यर्थी
निर्वाचन
के
लिए
मैदान
में
रहेंगे।
इसमें
भारतीय
जनता
पार्टी
के
अभ्यर्थी
अनिल
फिरोजिया,
इंडियन
नेशनल
कांग्रेस
के
अभ्यर्थी
महेश
परमार,
भीम
सेना
दल
के
डॉ.
हेमंत
परमार,
बहुजन
समाज
पार्टी
के
प्रकाश
चौहान,
निर्दलीय गंगा
मालवीय,
निर्दलीय
महेश
परमार,
निर्दलीय
अभ्यर्थी
अनिल,
निर्दलीय
अभ्यर्थी
ईश्वरलाल
और
निर्दलीय
अभ्यर्थी
सुरेश
शामिल
हैं।
विधानसभा
चुनाव
की
तरह
ही
इस
बार
यह
लोकसभा
चुनाव
भी
रोचक
होगा।
क्योंकि
चुनाव
में
भी
एक
ही
नाम
के
दो
प्रत्याशी
अपना
भाग्य
आजमा
रहे
हैं।
इस
चुनाव
में
इंडियन
नेशनल
कांग्रेस
की
ओर
से
जहां
महेश
परमार
चुनावी
मैदान
में
उतरे
हैं। वहीं,
निर्दलीय
के
रूप
में
महेश
पिता
रतनलाल
परमार
निवासी
कनार्दीपुरा
तराना
भी
चुनावी
मैदान
में
हैं।
उनके
साथ
ही
भारतीय
जनता
पार्टी
की
ओर
से
जहां
अनिल
फिरोजिया
चुनावी
मैदान
में
हैं
तो
वहीं
ग्राम
डोलची
मकान
क्षेत्र
में
रहने
वाले
अनिल
पिता
भागीरथ
मालवीय
भी
इस
बार
चुनावी
मैदान
में
उतरे
हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
दो
अभ्यर्थियों
के
नाम
निर्देशन
पत्र
हुए
अमान्य
लोकसभा
निर्वाचन
2024
के
लिए
उज्जैन
आलोट
संसदीय
क्षेत्र
के
लिए
प्राप्त
11
अभ्यर्थियों
के
नाम
निर्देशन
पत्रों
की
कलेक्टर
एवं
रिटर्निंग
आफिसर
नीरज
कुमार
सिंह
की
उपस्थिति
में
की
गई
स्क्रूटनी
की
गई
थी, जिसमें
नौ अभ्यर्थियों
के
नाम
निर्देशन
पत्र
स्वीकृत
और
दो अभ्यर्थियों
के
नाम
निर्देशन
पत्र
अमान्य
किए
गए
थे। दीपिका
द्वारा
इंडियन
नेशनल
कांग्रेस
के
अभ्यर्थी
के
रूप
में
नाम
निर्देशन
पत्र
जमा
किया
गया
था, जिनके
आवश्यक
संख्या
में
प्रस्तावक
नहीं
होने
और
शपथ
पत्र
पूर्णतः
प्रस्तुत
नहीं
करने
पर
नाम
निर्देशन
पत्र
अमान्य
किया
गया
था।
इसी
प्रकार
पीपुल्स
पार्टी
ऑफ़
इंडिया
के
अभ्यर्थी
पुष्पेंद्र
द्वारा
भी
शपथ
पत्र
पूर्णतः
प्रस्तुत
न
करने
पर
उनका
नाम
निर्देशन
पत्र
अमान्य
किया
गया
था।