
डिंडौरी
जिले
के
मेहदवानी
थाना
क्षेत्र
के
कुम्हारिन
टोला
गांव
के
एक
घर
में
मां,
बेटी
और
बेटे
के
शव
फांसी
के
फंदे
पर
लटके
हुए
मिले।
पिता
बाजार
से
घर
लौटा
तो
उसने
शव
फंदे
पर
लटके
देखे
तो
उसका
कलेजा
फट
गया।
चीख-पुकार
सुनकर
घर
के
बाहर
लोगों
की
भीड़
लग
गई।
उसने
शव
को
नीचे
उतारा
और
पुलिस
को
सूचना
दी।
मौके
पर
पहुंची
पुलिस
ने
शव
को
कब्जे
में
लेकर
पोस्टमार्टम
के
लिए
अस्पताल
भेजा
और
केस
दर्ज
कर
जांच
शुरू
कर
दी।
जिले
के
मेहदवानी
थाना
क्षेत्र
के
कुम्हारिन
टोला
गांव
के
एक
घर
में
मां,
बेटी
और
बेटे
के
शव
फांसी
के
फंदे
पर
लटके
हुए
मिले।
पिता
बाजार
से
घर
लौटा
तो
उसने
शव
फंदे
पर
लटके
देखे
तो
उसका
कलेजा
फट
गया।
चीख-पुकार
सुनकर
घर
के
बाहर
लोगों
की
भीड़
लग
गई।
उसने
शव
को
नीचे
उतारा
और
पुलिस
को
सूचना
दी।
मौके
पर
पहुंची
पुलिस
ने
शव
को
कब्जे
में
लेकर
पोस्टमार्टम
के
लिए
अस्पताल
भेजा
और
केस
दर्ज
कर
जांच
शुरू
कर
दी।
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हादसे
का
दर्द
पुलिस
अधीक्षक
वाहिनी
सिंह
ने
बताया
कि
कुम्हारिन
टोला
गांव
में
राजेंद्र
प्रजापति
अपने
परिवार
के
साथ
रहते
हैं।
वह
चाट-फुल्की
का
ठेला
चलाते
हैं।
उसकी
पत्नी
मधु
की
मानसिक
स्थिति
ठीक
नहीं
थी,
उसका
इलाज
भी
चल
रहा
था।
शुक्रवार
को
राजेंद्र
प्रतिदिन
की
तरह
ठेला
लगाने
चौराहे
पर
गए
थे।
पत्नी
मधु
प्रजापति
भी
शाम
करीब
6
बजे
तक
उसके
साथ
थी।
इसके
बाद
वह
घर
आ
गई।
रात
करीब
8
बजे
राजेंद्र
घर
लौटे
तो
टीवी
चल
रही
थी,
वह
अंदर
पहुंचे
तो
एक
कमरे
में
पत्नी
मधु
(35),
बेटी
शिवानी
(12)
और
बेटा
आदित्य
(10)
पंखे
से
फंदे
पर
लटके
हुए
थे।
उन्होंने
तुरंत
तीनों
को
नीचे
उतारा,
लेकिन
तब
तक
उनकी
मौत
हो
चुकी
थी।
इसके
बाद
राजेंद्र
ने
पुलिस
और
पड़ोसियों
को
सूचना
दी।
घटना
की
सूचना
मिलते
ही
मेहदवानी
पुलिस
मौके
पर
पहुंची।
शवों
को
पंचनामा
कार्रवाई
के
बाद
पोस्टमार्टम
के
लिए
भिजवाया
गया
है।
पुलिस
ने
मर्ग
कायम
कर
जांच
शुरू
कर
दी
है।
अधीक्षक
वाहिनी
सिंह
ने
बताया
कि
कुम्हारिन
टोला
गांव
में
राजेंद्र
प्रजापति
अपने
परिवार
के
साथ
रहते
हैं।
वह
चाट-फुल्की
का
ठेला
चलाते
हैं।
उसकी
पत्नी
मधु
की
मानसिक
स्थिति
ठीक
नहीं
थी,
उसका
इलाज
भी
चल
रहा
था।
शुक्रवार
को
राजेंद्र
प्रतिदिन
की
तरह
ठेला
लगाने
चौराहे
पर
गए
थे।
पत्नी
मधु
प्रजापति
भी
शाम
करीब
6
बजे
तक
उसके
साथ
थी।
इसके
बाद
वह
घर
आ
गई।
रात
करीब
8
बजे
राजेंद्र
घर
लौटे
तो
टीवी
चल
रही
थी,
वह
अंदर
पहुंचे
तो
एक
कमरे
में
पत्नी
मधु
(35),
बेटी
शिवानी
(12)
और
बेटा
आदित्य
(10)
पंखे
से
फंदे
पर
लटके
हुए
थे।
उन्होंने
तुरंत
तीनों
को
नीचे
उतारा,
लेकिन
तब
तक
उनकी
मौत
हो
चुकी
थी।
इसके
बाद
राजेंद्र
ने
पुलिस
और
पड़ोसियों
को
सूचना
दी।
घटना
की
सूचना
मिलते
ही
मेहदवानी
पुलिस
मौके
पर
पहुंची।
शवों
को
पंचनामा
कार्रवाई
के
बाद
पोस्टमार्टम
के
लिए
भिजवाया
गया
है।
पुलिस
ने
मर्ग
कायम
कर
जांच
शुरू
कर
दी
है।
अकेले
बचे
राजेंद्र
का
बुरा
हाल
राजेंद्र
प्रजापति
ने
बिलखते
हुए
बताया
कि
मधु
से
उसकी
शादी
2011
में
एक
सम्मेलन
में
हुई
थी।
वह
मानसिक
रूप
से
बीमार
थी,
साथ
ही
कुछ
दिन
से
नींद
नहीं
आने
की
शिकायत
कर
रही
थी।
उसका
इलाज
भी
कराया,
लेकिन
उसे
कोई
आराम
नहीं
मिल
रहा
था।
कभी
नहीं
सोचा
था
कि
वह
ऐसा
कुछ
कर
सकती
है।
पत्नी
और
बच्चों
की
मौत
के
बाद
राजेंद्र
का
बुरा
हाल
है।
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की
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के
बाद
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में
मिल
रहा
यह
सब;
हालत
कैसी
क्या
बच्चों
को
मारकर
मां
फंदे
पर
झूली?
पुलिस
तीनों
की
मौत
को
प्रथम
दृष्टया
आत्महत्या
मान
रही
है।
लेकिन,
कहा
जा
रहा
है
कि
बच्चों
की
उम्र
इतनी
नहीं
थी
कि
उन्हें
जबरन
फांसी
पर
लटकाया
जा
सके।
ऐसे
में
संभव
है
उन्हें
पहले
कोई
नशीला
पदार्थ
दिया
गया
हो।
पुलिस
का
कहना
है
कि
पोस्टमार्टम
रिपोर्ट
आने
के
बाद
ही
स्थिति
स्पष्ट
हो
सकेगी।
वहीं,
कुछ
ग्रामीणों
ने
बताया
कि
फंदे
पर
लटके
दोनों
बच्चों
के
हाथ
बंधे
थे।
ऐसे
में
एक
संभावना
यह
भी
जताई
जा
रही
है
कि
मां
मधु
ने
हाथ-पैर
बांधकर
बच्चों
को
फंटे
पर
लटका
दिया
हो।
फॉरेंसिक
टीम
ने
जुटाए
सबूत
तीन
मौतों
की
सूचना
पर
फॉरेंसिक
टीम
और
वरिष्ठ
अधिकारी
भी
मौके
पर
पहुंचे।
फॉरेंसिक
टीम
ने
घटनास्थल
की
गहनता
से
जांच
की
और
सबूत
जुटाए।
पुलिस
ने
मधु
के
पति
राजेंद्र
के
भी
बयान
लिए
हैं।
पुलिस
जांच
कर
यह
जानने
का
प्रयास
कर
रही
है
कि
अगर
यह
आत्महत्या
है
तो
मधु
ने
ऐसा
कदम
क्यों
उठाया।