
मध्यप्रदेश
सरकार
की
‘पीएम
श्री
एयर
एम्बुलेंस
सेवा’
को
और
अधिक
कुशल
बनाने
के
लिए
राजधानी
भोपाल
में
एक
मॉक
ड्रिल
का
आयोजन
किया
गया।
इस
अभ्यास
में
डमी
मरीज
को
बरकतउल्लाह
विश्वविद्यालय
स्थित
हेलीपैड
से
एयरलिफ्ट
किया
गया,
जिससे
आपातकालीन
चिकित्सा
सेवाओं
की
तत्परता
और
प्रभावशीलता
का
मूल्यांकन
किया
गया।
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इस
मॉक
ड्रिल
का
उद्देश्य
यह
सुनिश्चित
करना
था
कि
आपातकालीन
परिस्थितियों
में
मरीजों
को
शीघ्र
और
सुरक्षित
रूप
से
उच्च
स्तरीय
चिकित्सा
केंद्रों
तक
पहुंचाया
जा
सके।
विशेष
रूप
से,
बरकतउल्लाह
विश्वविद्यालय
का
हेलीपैड
अखिल
भारतीय
आयुर्विज्ञान
संस्थान
(AIIMS)
भोपाल
के
निकट
स्थित
है,
जिससे
मरीजों
को
त्वरित
उपचार
प्रदान
किया
जा
सकता
है।
विज्ञापन
भोपाल
के
मुख्य
चिकित्सा
एवं
स्वास्थ्य
अधिकारी
डॉ.
प्रभाकर
तिवारी
ने
बताया
कि
एम्स
से
बरकतउल्लाह
विश्वविद्यालय
की
दूरी
लगभग
3
किलोमीटर
है,
जिसे
ग्रीन
कॉरिडोर
बनाकर
3
से
4
मिनट
में
पूरा
किया
जा
सकता
है।
इस
मॉक
ड्रिल
के
माध्यम
से
यह
सुनिश्चित
किया
गया
कि
आपातकालीन
स्थितियों
में
मरीजों
को
न्यूनतम
समय
में
उपचार
के
लिए
एयरलिफ्ट
किया
जा
सके। ‘पीएम
श्री
एयर
एम्बुलेंस
सेवा’
प्रदेश
के
दूरस्थ
अंचलों
से
भी
मरीजों
को
उच्च
चिकित्सा
केंद्रों
तक
पहुंचाने
के
लिए
कार्यरत
है।
यह
सेवा
सड़क
दुर्घटनाओं,
औद्योगिक
हादसों,
प्राकृतिक
आपदाओं
और
गंभीर
बीमारियों
के
इलाज
के
लिए
मरीजों
को
एयरलिफ्ट
करती
है।
इस
सेवा
के
माध्यम
से
प्रदेशवासियों
को
त्वरित
और
प्रभावी
चिकित्सा
सहायता
उपलब्ध
कराई
जा
रही
है। यह
मॉक
ड्रिल
प्रदेश
में
आपातकालीन
चिकित्सा
सेवाओं
की
तत्परता
और
प्रभावशीलता
को
बढ़ाने
की
दिशा
में
एक
महत्वपूर्ण
कदम
है,
जो
नागरिकों
को
उच्च
स्तरीय
चिकित्सा
सेवाएं
प्रदान
करने
के
लिए
सरकार
की
प्रतिबद्धता
को
दर्शाता
है।