
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
सागर
जिले
के
गढ़ाकोटा
में
गुरुवार
को
23वें
वृहद
सामूहिक
विवाह
समारोह
में
शामिल
हुए।
इस
समारोह
में
3
हजार
219
जोड़े
परिणय
सूत्र
में
बंधे।
कार्यक्रम
को
संबोधित
करते
हुए
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
ने
कहा
कि
हमारे
सनातन
धर्म
में
सभी
की
सुख-समृद्धि
और
उन्नति
की
कामना
की
गई
है।
उन्होंने
कहा
कि
सामूहिक
विवाह
सामाजिक
समरसता
का
सशक्त
माध्यम
है।
विवाह
में
सिर्फ
वर-वधु
का
विवाह
नहीं
बल्कि
दो
परिवारों
और
कुटुंबों
का
मिलन
भी
होता
है।
उन्होंने
कहा
कि
हर
माता-पिता
का
यह
सपना
होता
है
कि
उसकी
बेटी
का,
उन्होंने
जितने
अच्छे
से
लालन-पालन
किया
उससे
अच्छा
लालन-पालन
और
प्यार
उसे
ससुराल
में
मिलेगा।
इस
विश्वास
के
साथ
ही
बेटी
के
माता-पिता
उसे
वर
को
सौंपते
हैं।
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कल्याणियों
का
पुनर्विवाह
एक
अच्छी
पहल
मुख्यमंत्री
ने
कहा
कि
मुझे
विश्वास
है
कि
वर
पक्ष
के
परिवार
बहु
को
बेटी
के
समान
ही
प्यार
और
सम्मान
देंगे।
उन्होंने
कहा
कि
गढ़ाकोटा
में
आयोजित
सामूहिक
विवाह
कार्यक्रम
में
निकाह
के
साथ
पुनर्विवाह
भी
हो
रहे
हैं।
कल्याणियों
का
पुनर्विवाह
एक
अच्छी
पहल
है।
यह
पवित्र
कार्य
है।
मुख्यमंत्री
ने
जन-प्रतिनिधियों
और
समाजसेवियों
से
अपील
करते
हुए
कहा
कि
वे
कल्याणियों
के
पुनर्विवाह
में
उनका
सहयोग
करें।
विज्ञापन
बुंदेलखंड
के
वीरों
का
गौरवशाली
इतिहास
मुख्यमंत्री
ने
कहा
कि
प्रदेश
सरकार
कल्याणियों
के
पुनर्विवाह,
निःशक्तजन
के
विवाह
और
सामाजिक
समरसता
स्थापित
करने,
अंतरजातीय
विवाह
को
प्रोत्साहित
कर
रही
है।
उन्होंने
कहा
कि
बुंदेलखंड
वीरों
की
भूमि
है,
बुंदेलखंड
के
वीरों
का
गौरवशाली
इतिहास
रहा
है।
मुख्यमंत्री
डॉ.
यादव
ने
बुंदेलखंड
की
पवित्र
भूमि
में
सामूहिक
कन्या
विवाह
के
भव्य
समारोह
के
लिए
आयोजकों
को
बधाई
और
शुभकामनाएं
दीं।
सामाजिक
समरसता
का
महाकुंभ
है
मुख्यमंत्री
सामूहिक
विवाह
समारोह
रहली
विधायक
एवं
पूर्व
भार्गव
ने
मुख्यमंत्री
सामूहिक
विवाह/निकाह
समारोह
को
संबोधित
करते
हुए
कहा
कि
कन्यादान
महादान
है,
कन्यादान
करने
से
मोक्ष
प्राप्त
होता
है।
उन्होंने
कहा
कि
23
वर्ष
पहले
प्रारंभ
किया
गया
यह
कार्यक्रम
जीवन
के
अंतिम
क्षण
तक
जारी
रहेगा।
उन्होंने
कहा
कि
उनका
रहली
की
जनता
के
साथ
पीढ़ियों
का
रिश्ता
है।
विधायक
भार्गव
ने
कहा
कि
धार्मिक,
सामाजिक,
सांस्कृतिक
महाकुंभ
में
3
हजार
219
से
अधिक
नवदंपत्तियों
ने
सात
फेरे
लिए
हैं।
मुझे
अब
तक
28
हजार
से
अधिक
बेटियों
का
कन्यादान
का
सौभाग्य
प्राप्त
हुआ
है।
उन्होंने
कहा
कि
मेरे
जीवन
की
अंतिम
सांस
तक
बेटियों
का
कन्यादान
करने
का
सिलसिला
चलता
रहेगा।
उन्होंने
कहा
कि
कन्यादान
विवाह
समारोह
समाज
से
भेदभाव
मिटाने
का
कार्य
भी
कर
रहा
है।
बुंदेली
व्यंजनों
से
किया
गया
स्वागत
23वें
कन्यादान
विवाह
निकाह
समारोह
में
3
हजार
से
अधिक
नव-दंपत्तियों
के
साथ
घराती-बरातियों
का
बुंदेली
व्यंजनों
के
साथ
स्वागत
किया
गया।
कन्यादान
कार्यक्रम
में
सभी
बुंदेली
व्यंजनों
के
साथ
आम
का
पाना,
फ्रूटी,
आइसक्रीम,
कढ़ी-चावल,
बिजोरा,
रोटी,
खीर,
पुरी,
पापड़,
चटनी,
अचार
सलाद
सहित
अन्य
बुंदेली
व्यंजन
परोसे
गए।