बीजेपी
और
कांग्रेस
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
लोकसभा
चुनाव
2024
सिमटने
लगा
है।
मध्यप्रदेश
के
चारों
चरण
के
मतदान
हो
चुके
हैं। अब
नतीजों
का
इंतजार
किया
जा
रहा
है।
ऐसे
में
बीजेपी और
कांग्रेस
दोनों
पार्टियों
ने
अपने-अपने
नेताओं
और
कार्यकर्ताओं
के
सामर्थ्य,
ऊर्जा,
परफॉर्मेंस
और
चुनाव
में
अदा
की
गई
भूमिका
का
आंकलन
करना
शुरू
कर
दिया
है।
दोनों
पार्टियां
गोपनीय
तौर
से
इनका
रिपोर्ट
कार्ड
तैयार
कर
रही
हैं।
इस
रिपोर्ट
कार्ड
के
आधार
पर
ही
पार्टी
में
इनकी
अगली
भूमिका
तय
होना
है।
सूत्रों
के
मुताबिक,
बीजेपी ने
तय
किया
है
कि
वह
चुनाव
में
सक्रियता
के
लिहाज
से
तय
करेगी
की
नेताओं
का
प्रमोशन
किया
जाए
या
उन्हें
डिमोशन
देकर
सजा
से
नवाजा
जाए।
सूत्रों
का
कहना
है
कि
इन
नेताओं
की
चुनावी
सक्रियता
पर
आधारित
रिपोर्ट
नतीजे
से
पहले
दिल्ली
पहुंचेगी।
बीजेपी नेताओं
की
गुप्त
रिपोर्ट
तैयार
करने
के
लिए
निजी
एजेंसियों
का
सहारा
लिया
है, जिनसे
बीजेपी नेताओं
की
गुप्त
रिपोर्ट
तैयार
कराई
जा
रही
है।
सूत्रों
का
कहना
है
कि
बीजेपी संगठन
दूसरे
प्रदेशों
से
आए
नेताओं
से
भी
फीडबैक
ले
रहा
है।
बताया
जा
रहा
है
कि
रिपोर्ट
में
ईमानदार
और
दगाबाज
नेताओं
की
पूरी
कुंडली
तैयार
की
जा
रही
है।
इसमें
सभी
29
लोकसभा
सीटों
पर
अलग
रिपोर्ट
तैयार
की
जा
रही
है।
सूत्र
बताते
हैं
कि
तेजी
से
चल
रहे
इस
जासूसी
अभियान
के
दौरान
अब
तक
तीन
चरणों
की
रिपोर्ट
तैयार
हो
चुकी
है।
जबकि
चौथे
चरण
पर
फिलहाल
काम
चल
रहा
है।
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कांग्रेस
का
कुंडली
निकालो
अभियान
भी
जारी
चुनाव
से
पहले
और
चुनाव
के
दौरान
कई
नुकसान
उठा
चुकी
कांग्रेस
अब
अपने
बाकी
लोगों
पर
सहज
विश्वास
करने
की
स्थिति
में
नहीं
है।
इसी
के
चलते
उसने
भावी
रणनीति
के
तहत
अपने
नेताओं
और
कार्यकर्ताओं
को
तोलने
का
मन
बनाया
है।
इसके
चलते
तय
किया
गया
है
कि
पार्टी
चुनाव
के
दौरान
सुस्त
बैठे
रहे
पदाधिकारियों
पर
कार्रवाई
करेगी।
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हालांकि,
फिलहाल
यह
कार्यवाही
चुनाव
परिणाम
आने
तक
शिथिल
रखी
गई
है।
तय
किया
गया
है
कि
चुनाव
परिणाम
आने
के
बाद
नेताओं
का
रिपोर्ट
कार्ड
तैयार
किया
जाएगा।
प्रदेश
कांग्रेस
इन
नेताओं
का
रिपोर्ट
कार्ड
तैयार
करेगी।
इस
दौरान
प्रदेश
की
एक-एक
सीट
का
आंकलन
किया
जाएगा।
सूत्र
बताते
हैं
कि
कांग्रेस
उन
नेताओं
का
लेखा
जोखा
भी
निकालेगी,
जो
चुनाव
के
दौरान
नाराज
होकर
घर
बैठे
रहे
हैं।
…भोपाल
से
खान
आशु
की
रिपोर्ट