
देशभर
में
बढ़े
सुरक्षा
तनाव
के
बीच
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
ने
शुक्रवार
को
राजधानी
भोपाल
स्थित
समत्व
भवन
में
प्रदेश
की
सुरक्षा
को
लेकर
एक
उच्चस्तरीय
बैठक
ली।
बैठक
में
मुख्यमंत्री
ने
स्पष्ट
कहा
कि
राष्ट्रीय
सुरक्षा
सर्वोच्च
प्राथमिकता
है,
और
मौजूदा
हालातों
को
देखते
हुए
प्रदेश
में
हर
नागरिक
की
सुरक्षा
सुनिश्चित
की
जाए।
मुख्यमंत्री
ने
अधिकारियों
को
निर्देश
दिए
कि
जरूरी
नागरिक
सेवाओं
पर
विशेष
ध्यान
दिया
जाए,
और
सुरक्षा
से
जुड़े
सभी
ऐहतियाती
कदम
तुरंत
लागू
किए
जाएं।
उन्होंने
अफवाहों
पर
नियंत्रण
और
राष्ट्रविरोधी
गतिविधियों
व
प्रचार
पर
सख्त
कार्रवाई
के
निर्देश
भी
दिए।
उन्होंने
कहा
कि
लोगों
को
सचेत
और
जागरूक
करना
जरूरी
है,
ताकि
कोई
भी
भ्रामक
जानकारी
उन्हें
भ्रमित
न
कर
सके।
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अधिकारियों
को
छुट्टी
पर
न
जाने
के
निर्देश
डॉ.
यादव
ने
आपदा
प्रबंधन,
स्वास्थ्य
सेवाएं,
अग्निशमन
और
आपातकालीन
सेवाओं
को
और
मजबूत
करने
पर
जोर
दिया।
उन्होंने
यह
भी
कहा
कि
जब
तक
हालात
सामान्य
नहीं
हो
जाते,
कोई
भी
अधिकारी
या
फील्ड
स्टाफ
अवकाश
पर
न
जाए।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री
ने
बैठक
में
मौजूद
वरिष्ठ
अधिकारियों
से
विभागीय
समन्वय
और
तात्कालिक
प्रतिक्रिया
तंत्र
को
और
बेहतर
करने
के
निर्देश
दिए।
उन्होंने
कहा
कि
सभी
विभाग
किसी
भी
आपात
स्थिति
से
निपटने
के
लिए
पूरी
तरह
सतर्क
और
तैयार
रहें।
बैठक
में
यह
अधिकारी
रहे
मौजूद
इस
बैठक
में
मुख्य
सचिव
अनुराग
जैन,
एसीएस
गृह
जे.एन.
कंसोटिया,
एसीएस
मुख्यमंत्री
कार्यालय
डॉ.
राजेश
राजौरा,
डीजीपी
कैलाश
मकवाना,
डीजी
होमगार्ड
अरविंद
कुमार,
एडीजी
इंटेलिजेंस
ए.
साईं
मनोहर
समेत
अन्य
वरिष्ठ
अधिकारी
मौजूद
रहे।
बैठक
में
प्रदेश
की
सुरक्षा,
नागरिक
सुविधाएं
और
प्रशासनिक
तंत्र
की
समीक्षा
की
गई।
सीएम
डॉ.
यादव
की
सुरक्षा
भी
बढ़ाई
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
की
सुरक्षा
व्यवस्था
को
और
सख्त
कर
दिया
गया
है।
प्रदेश
में
हाई
अलर्ट
की
स्थिति
को
देखते
हुए
उनकी
सुरक्षा
में
अब
पोर्टेबल
फोल्डआउट
बैलिस्टिक
शील्ड
जैसी
उन्नत
तकनीक
को
शामिल
किया
गया
है।
इसके
साथ
ही
मुख्यमंत्री
की
सुरक्षा
में
तैनात
अधिकारियों
और
सुरक्षाकर्मियों
की
संख्या
में
भी
बढ़ोतरी
की
गई
है।
यह
खास
बुलेटप्रूफ
शील्ड
किसी
भी
खतरे
की
स्थिति
में
तेजी
से
खोली
जा
सकती
है
और
व्यक्ति
को
सामने
से
सुरक्षा
कवच
प्रदान
करती
है।
इसे
हमले
की
आशंका
पर
सुरक्षाकर्मी
झटके
से
खोलते
हैं,
जिससे
यह
तुरंत
फोल्ड
होकर
रक्षा
कवच
में
बदल
जाती
है।