
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
ने
युवा
संसद
के
जनप्रतिनिधियों
से
संवाद
किया।
शुक्रवार
को
भोपाल
में
आयोजित
युवा
संसद
कार्यक्रम
में
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव,
भाजपा
प्रदेश
अध्यक्ष
एवं
सांसद
विष्णुदत्त
शर्मा,
युवा
मोर्चा
के
नेता
रोहित
चहल
और
वैभव
पंवार
ने
हिस्सा
लिया।
इस
अवसर
पर
आपातकाल
से
जुड़े
ऐतिहासिक
घटनाक्रमों
की
समीक्षा
के
साथ
युवा
वर्ग
को
जागरूक
करने
पर
बल
दिया
गया।
इस
दौरान
उन्होंने
सवाल
पूछते
हुए
कहा
कि
आपातकाल
पर
युवा
संसद
बुलाने
की
जरूरत
क्यों
पड़ी?
अगर
आज
आपातकाल
होता
तो
आपके
हाथ
में
अखबार
नहीं
आता,
इलेक्ट्रॉनिक
मीडिया
में
खबर
नहीं
आती।
अभिव्यक्ति
की
स्वतंत्रता
छीन
ली
जाती।
वहीं,
निशाना
साधते
हुए
कहा
कि
जो
मां
ने
किया
वही
बेटे
ने
किया
और
आज
वही
राहुल
गांधी
भी
कर
रहे
हैं।
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मुख्यमंत्री
ने
मंच
पर
सवालिया
लहजे
में
पूछा
कि
आपातकाल
पर
युवा
संसद
बुलाने
की
जरूरत
क्यों
पड़ी?
उन्होंने
कहा
कि
यदि
आज
भी
ऐसा
समय
आता,
तो
अखबार
नहीं
पढ़
सकते,
मीडिया
की
आवाज
दब
जाती,
अभिव्यक्ति
पर
अंकुश
लग
जाता।
इस
ऐतिहासिक
निर्णय
का
उद्देश्य
तत्कालीन
प्रधानमंत्री
द्वारा
लोकतंत्र
को
दबाने
और
भ्रष्टाचार
छिपाने
वाला
कदम
था,
जिसे
इतिहास
की
सबसे
बड़ी
भूल
बताया
गया।
डॉ.
यादव
ने
कांग्रेस
पर
निशाना
साधते
हुए
कहा
कि
उसी
परिवार
ने
वह
रास्ता
अपनाया,
जिसे
आज
राहुल
गांधी
दोहरा
रहे
हैं।
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प्रदेश
अध्यक्ष
विष्णुदत्त
शर्मा
ने
बताया
कि
उस
समय
के
नौजवान
कई
तो
महज
15-16
वर्ष
के
सामूहिक
रूप
से
जेल
गए।
उन्होंने
कांग्रेस
पर
आरोप
लगाया
कि
वह
अब
संविधान
की
नकली
किताबें
लेकर
देश
को
गुमराह
कर
रही
है
और
कहा,
यह
वंशवाद
की
राजनीति
का
असर
है।
उनका
मानना
है
कि
राजनीति
को
परिवारवाद
से
मुक्त
होकर
युवा
नेतृत्व
की
दिशा
में
ले
जाना
चाहिए।
युवा
मोर्चा
के
प्रदेश
प्रभारी
रोहित
चहल
ने
कहा
कि
कांग्रेस
ने
आपातकाल
के
दौरान
संविधान
को
अपनी
स्वार्थ
नीति
के
लिए
बदलने
की
कोशिश
की।
वहीं
युवा
मोर्चा
अध्यक्ष
वैभव
पंवार
ने
काले
दौर
की
तहरीरों
से
युवाओं
को
जोड़ते
हुए
कहा
कि
देश
का
लोकतंत्र
सबसे
बड़ा
लोकतंत्र
है
और
अब
इसकी
रक्षा
युवाओं
का
कर्तव्य
है।