
मध्य
प्रदेश
सरकार
ने
राज्य
के
लाखों
बच्चों
के
पोषण
स्तर
को
सुधारने
के
लिए
एक
बड़ा
कदम
उठाया
है।
महिला
एवं
बाल
विकास
विभाग
आंगनवाड़ियों
में
अब
सप्ताह
में
तीन
दिन
बच्चों
को
दूध
बांटने
की
तैयारी
कर
रहा
है।
इसको
लेकर
प्रस्ताव
तैयार
किया
जा
रहा
है।
जिसे
स्वीकृति
के
लिए
वित्त
विभाग
को
भेजा
जाएगा।
जानकारी
के
अनुसार
आंगनवाड़ी
के
करीब
50
लाख
बच्चों
को
सप्ताह
में
तीन
दिन
टेट्रा
पैक
दूध
बांटा
जाएगा। इस
पर
पर
सालाना
करीब
300
करोड़
रुपये
खर्च
आने
का
अनुमान
है। बता
दें,
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
ने
हाल
ही
में
विभाग
की
समीक्षा
बैठक
में
आंगनवाड़ियों
में
दूध
बांटने
की
पहल
करने
को
कहा
था।
इसका
उद्देश्य
बच्चों
को
प्रोटीन
युक्त
आहार
उपलब्ध
कराना
है,
जिससे
उनके
शारीरिक
और
मानसिक
विकास
को
मजबूती
मिल
सके। महिला
एवं
बाल
विकास
विभाग
के
अधिकारियों
का
कहना
है
कि
यह
कदम
न
सिर्फ
बच्चों
के
पोषण
स्तर
में
सुधार
लाएगा,
बल्कि
कुपोषण
से
लड़ाई
में
भी
मददगार
साबित
होगा।
योजना
के
लागू
होने
के
बाद
आंगनवाड़ी
केंद्रों
की
भूमिका
और
भी
अहम
हो
जाएगी,
जहां
बच्चों
को
नियमित
रूप
से
पोषक
आहार
के
साथ
अब
दूध
भी
मिलेगा।
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क्या
होता
है
टेट्रा
पैक
दूध
महिला
एवं
बाल
विकास
विभाग
आंगनवाडियों
में
प्रत्येक
बच्चे
को
100
ग्राम
दूध
उपलब्ध
कराएंगा।
इस
योजना
में
गर्भवती
महिलाओं
को
भी
जोड़ा
जा
सकता
है।
टेट्रा
पैक
दूध
को
15
दिन
तक
सुरक्षित
रखा
जा
सकता
है।
यह
दूध
एक
विशेष
प्रक्रिया
से
गुजरता
है,
जिसमें
दूध
को
उच्च
तापमान
(लगभग
135-150
डिग्री
सेल्सियस)
पर
कुछ
सेकंड्स
के
लिए
गर्म
किया
जाता
है,
ताकि
उसमें
मौजूद
बैक्टीरिया
और
सूक्ष्मजीव
नष्ट
हो
जाएं।
इस
प्रक्रिया
के
बाद
दूध
को
पैक
किया
जाता
है,
जिससे
उसे
बिना
रेफ्रीजरेट
किए
लंबे
समय
तक
स्टोर
किया
जा
सकता
है।
इसे
खोलने
के
बाद
इसे
रेफ्रिजरेटर
में
रखना
पड़ता
है
और
फिर
कुछ
दिन
के
भीतर
उसका
सेवन
करना
होता
है।
विज्ञापन
वित्त
विभाग
को
भेजेंगे
प्रस्ताव
महिला
एवं
बाल
विकास
विभाग
की
मंत्री
निर्मला
भूरिया
ने
कहा
कि
आंगनवाडियों
में
दूध
बांटने
को
लेकर
प्रस्ताव
बना
रहा
है।
इसे
पहले
स्वीकृति
के
लिए
वित्त
विभाग
को
भेजा
जाएगा।