मध्यप्रदेश
में
मानसून
की
पहली
भारी
बारिश
ने
दस्तक
के
साथ
ही
तबाही
का
मंजर
दिखाना
शुरू
कर
दिया
है।
सतना
जिले
के
चित्रकूट
और
आसपास
के
इलाकों
में
बीते
शुक्रवार
रात
से
लगातार
बारिश
हो
रही
है,
जिससे
जनजीवन
अस्त-व्यस्त
हो
गया
है।
चित्रकूट
की
मंदाकिनी
नदी
अपने
पूरे
उफान
पर
है।
वहीं
सतना
शहर
के
कई
हिस्सों
में
पानी
भरने
से
बाढ़
जैसे
हालात
बन
गए
हैं।
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रामघाट
की
दुकानें
जलमग्न,
SDRF
तैनात
चित्रकूट
में
मंदाकिनी
नदी
का
जलस्तर
तेजी
से
बढ़
रहा
है,
जिसके
कारण
रामघाट
क्षेत्र
में
करीब
सौ
से
ज्यादा
दुकानों
में
पानी
घुस
गया
है।
तुलसीदास
घाट
और
आरती
स्थल
पूरी
तरह
से
डूब
चुके
हैं।
दुकानदारों
को
रात
में
ही
अपना
सामान
समेटकर
घाट
छोड़ना
पड़ा।
हालात
को
देखते
हुए
प्रशासन
ने
रामघाट
की
ओर
ट्रैफिक
रोक
दिया
है
और
सुरक्षा
के
लिहाज
से
SDRF
की
टीमें
मौके
पर
तैनात
कर
दी
गई
हैं।
नदी
किनारे
रहने
वाले
लोगों
को
सतर्क
रहने
की
हिदायत
दी
जा
रही
है।
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में
डूबे
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शहर
के
भरहुत
नगर,
शेरगंज,
श्रीधाम
आश्रम
और
रैगांव
जैसे
इलाकों
में
जलभराव
की
स्थिति
गंभीर
बनी
हुई
है।
कई
घरों
में
गंदा
पानी
घुसने
से
घरेलू
सामान
खराब
हो
गया
है।
ग्रामीण
क्षेत्रों
में
भुमकहर,
कुड़िया,
अहिरवार
और
मझगवां
में
तेज
बहाव
वाली
सड़कों
को
पार
करने
की
कोशिश
में
ग्रामीण
खतरे
में
पड़ते
दिखे
हैं।
नदियों
का
जलस्तर
बढ़ा,
प्रशासन
अलर्ट
पर
कोठी
ब्लॉक
के
ग्राम
पुरवा
में
बहने
वाली
सेमरावल
नदी
खतरे
के
निशान
से
ऊपर
पहुंच
चुकी
है।
इसके
बावजूद
लोग,
खासकर
बच्चे
और
बुजुर्ग,
नदियों
के
किनारे
जमा
होकर
पानी
का
नजारा
देख
रहे
हैं,
जिससे
हादसों
की
आशंका
बढ़
गई
है।
जिला
प्रशासन
ने
सभी
संबंधित
विभागों
को
अलर्ट
रहने
और
ग्रामीणों
को
सतर्क
करने
के
निर्देश
जारी
किए
हैं।
खासकर
नदी-नालों
के
किनारे
रहने
वाले
लोगों
से
सावधानी
बरतने
की
अपील
की
गई
है।