
भोपाल
में
आयोजित
महिला
सशक्तिकरण
सम्मेलन
में
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
ने
नारीसशक्तिकरण
पर
जोर
देते
हुए
चार
अलग‐अलग
क्षेत्रों
की
स्वयंनिर्भर
महिलाओं
का
अभिनंदन
स्वीकार
किया।
इन
चारों
महिलाओं
ने
प्रधानमंत्री
को
पुष्पगुच्छ
और
विशिष्ट
उपहार
देकर
सम्मानित
किया,
जिससे
यह
संदेश
गया
कि
महिलाएं
हर
क्षेत्र
में
बराबरी
से
कार्य
कर
रही
हैं।
इन
चारों
महिलाओं
ने
प्रधानमंत्री
से
व्यक्तिगत
बातचीत
की
और
हाथ
जोड़कर
उनका
अभिवादन
स्वीकार
किया।
पीएम
मोदी
ने
भी
इन
सभी
को
उनके
कार्य
एवं
योगदान
के
लिए
शुभकामनाएं
दीं,
साथ
ही
महिलाओं
के
महत्व
को
दोहराया
कि
वे
देश
की
प्रगति
में
कभी
पीछे
नहीं
हैं।
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1.
कैंसर
रोगियों
की
सहारा:
ज्ञानेश्वरी
देवी
जबलपुर
की
ज्ञानेश्वरी
देवी
ने
पीएम
मोदी
को
पुष्पगुच्छ
अर्पित
किया।
वह
कैंसर
पीड़ित
अंतिम
अवस्था
के
मरीजों
की
देखभाल
और
उनका
मानसिक
समर्थन
करने
वाली
जानी
जाती
हैं।
अपने
त्याग
और
सेवा
भाव
के
कारण
उन्हें
“कैंसर
रोगियों
की
ममतामयी
सहेली”
के
रूप
में
सम्मान
मिला
है।
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2.
खेल
जगत
की
शान:
प्राची
यादव
प्रधानमंत्री
से
मिलीं
प्राची
यादव,
भारत
की
पहली
महिला
पैरालंपिक
कैनोइस्ट
एवं
अर्जुन
पुरस्कार
विजेता
हैं।
टोक्यो
पैरालंपिक
में
पदक
जीतकर
उन्होंने
देश
का
नाम
रोशन
किया।
एमपी
के
ओबीसी
वर्ग
से
आने
वाली
प्राची
ने
प्रधानमंत्री
को
पुष्पगुच्छ
भेंट
करते
हुए
खेल
क्षेत्र
में
महिलाओं
की
संभावनाओं
पर
चर्चा
की
और
उनका
उत्साहवर्धन
प्राप्त
किया।
3.
ग्रामीण
विकास
की
मिसाल:
सरपंच
आरती
पटेल
धार
जिले
के
तिरला
गांव
की
सरपंच
आरती
पटेल
ने
प्रधानमंत्री
से
भेंट
कर
महेश्वर
घाट
की
प्रतिकृति
उपहार
स्वरूप
दी।
54
वर्ष
की
उम्र
में
भी
आरती
पटेल
ने
अपने
गांव
में
स्वच्छता
अभियानों
और
विकास
कार्यों
में
सक्रिय
योगदान
दिया
है।
उनकी
पहल
ने
ग्रामीण
स्तर
पर
साफ‐सफाई
और
बुनियादी
ढांचे
में
सुधार
लाने
का
उदाहरण
कायम
किया
है।
4.
पारंपरिक
शिल्प
की
बेटी:
मीनाक्षी
ठाकले
महेश्वरी
साड़ी
बुनाई
और
शॉल
उत्पादन
से
जुड़ी
मीनाक्षी
ठाकले,
नागेश्वरी
स्वयं
सहायता
समूह
महेश्वर
की
सदस्य
हैं।
उन्होंने
प्रधानमंत्री
को
हाथ
से
बुनी
महेश्वरी
शॉल
भेंट
की।
मीनाक्षी
की
कुटीर
उद्योग
के
प्रति
लगन
और
शिल्प
कला
में
निपुणता
ने
उन्हें
पहचान
दिलाई
है।