भोपाल
में
6
कोचिंग
इंस्टीट्यूट
के
बेसमेंट
सील
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
दिल्ली
के
राजेंद्र
नगर
स्थित
एक
आईएएस
की
यूपीएससी
परीक्षा
की
तैयारी
कराने
वाले
कोचिंग
सेंटर
के
बेसमेंट
में
पानी
भराने
से
तीन
छात्रों
की
मौत
के
बाद
मध्य
प्रदेश
की
डॉ.
मोहन
यादव
सरकार
सख्त
है।
मंगलवार
को
भोपाल
में
कोचिंग
सेंटर
की
जांच
की
गई
है।
इसमें
6
कोचिंग
सेंटर
के
बेसमेंट
को
टीम
ने
सील
कर
दिया।
भोपाल
कलेक्टर
कौशलेंद्र
विक्रम
सिंह
के
निर्देश
पर
एमपी
नगर
स्थित
कोचिंग
संस्थानों
का
निरीक्षण
एसडीएम
आशुतोष
शर्मा
ने
किया।
इस
दौरान
कौटिल्य
अकादमी,
औरस
अकैडमी,
द
लैंप
क्लासेज,
अनएकेडमी
सेंटर,
रेजोनेंस
क्लासेस,
स्टेप
अप
अकादमी,
नीट
मेंटर,
मितेश
राठी
क्लासेस,
फिजिक्स
वाला
कोचिंग,
और
दुर्रानी
क्लासेस
टीम
पहुंची।
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एसडीएम
आशुतोष
शर्मा
ने
बताया
कि
निरीक्षण
के
दौरान
यह
पाया
गया
कि
इन
कोचिंग
संस्थानों
के
बेसमेंट
का
उपयोग
पार्किंग
के
अलावा
अन्य
व्यवसायिक
गतिविधियों
के
लिए
किया
जा
रहा
था।
यहां
पर
क्लास
भी
लगाई
जा
रही
थी।
जिसके
बाद
हमने
किसी
दुर्घटना
की
आशंका
को
देखते
हुए
औरस
अकैडमी,
कौटिल्य
अकादमी,
स्टेप
अप
अकैडमी,
अनएकेडमी,
नीट
मेंटर
एकेडमी,
और
दुर्रानी
क्लासेस
के
बेसमेंट
को
सील
कर
दिया
गया
है।
इनके
रास्ते
को
भी
बंद
कर
दिया
गया।
भविष्य
में
कोई
भी
दुर्घटना
से
बचने
के
लिए
हम
सुनिश्चित
करेंगे
कि
इसका
उपयोग
ना
हो।
उन्होंने
बताया
कि
इन
संस्थानों
को
भविष्य
में
बेसमेंट
एरिया
में
क्लास
संचालित
न
करने
के
निर्देश
दिए
गए
हैं
और
वैधानिक
कार्यवाही
के
लिए
रिपोर्ट
वरिष्ठ
कार्यालय
को
भेजी
जा
रही
है।
इस
कार्रवाई
के
दौरान
नायब
तहसीलदार
अनामिका
सर्राफ़
के
नेतृत्व
में
राजस्व
दल,
पुलिस
विभाग,
नगर
निगम
के
जोनल
अधिकारी,
नगर
निगम
का
फायर
अमला,
वार्ड
प्रभारी,
और
बीडीए
के
इंजीनियरों
का
संयुक्त
दल
उपस्थित
था।
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अग्निशमन
और
लिफ्ट
की
भी
होगी
जांच
कलेक्टर
के
निर्देश
के
बाद
जांच
टीम
अब
कोचिंग
संस्थानों
को
नोटिस
जारी
करेगी।
साथ
ही
निरीक्षण
के
दौरान
टीम
अग्नि
सुरक्षा,
लिफ्ट
के
ऑडिट
समेत
आग
लगने
पर
निकासी
को
लेकर
प्रवेश
द्वार
के
नियमों
का
पालन
किया
जा
रहा
है
या
नहीं
इसकी
भी
जांच
करेंगे।
साथ
ही
स्टूडेंट्स
को
आपातकालीन
स्थितियों
के
बारे
में
बताया
गया
है
या
नहीं
इसकी
भी
जानकारी
लेंगे।
दिल्ली
में
तीन
छात्रों
को
की
चली
गई
जान
दिल्ली
के
राजेंद्र
नगर
में
कोचिंग
इंस्टीट्यूट
के
बेसमेंट
में
पानी
भराने
से
तीन
छात्र-छात्राओं
की
मौत
हो
गई
थी।
इसके
बाद
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
ने
दिल्ली
हादसे
के
बाद
भोपाल
में
मंत्रालय
में
एक
बैठक
में
कोचिंग
संस्थानों
के
निरीक्षण
करने
के
निर्देश
दिए
थे।
इसके
बाद
प्रदेश
के
सभी
छोटे
बड़े
शहर
में
कोचिंग
संस्थानों
का
सर्वे
किया
जा
रहा
है।
इसकी
रिपोर्ट
वरिष्ठ
कार्यालय
को
भेजी
जाएगी।