मंत्री
प्रहला
पटेल
और
भाजपा
प्रदेश
मीडिया
प्रभारी
आशीष
अग्रवाल
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
मध्य
प्रदेश
में
लोकसभा
चुनाव
में
तीसरे
और
चौथे
चरण
में
वोटिंग
होनी
है।
इससे
पहले
सियासी
पारा
तेज
होता
जा
रहा
है।
भाजपा
के
वरिष्ठ
नेता
और
मंत्री
प्रहलाद
पटेल
ने
कांग्रेस
पर
जमकर
निशाना
साधा
है।
पटेल
ने
रविवार
को
भारतीय
जनता
पार्टी
के
स्टेट
मीडिया
सेंटर
में
पत्रकारवार्ता
को
संबोधित
किया।
पटेल
ने
कहा
कि
कांग्रेस
और
इंडी
गठबंधन
का
हिडन
एजेंडा
है-एससी,
एसटी
और
ओबीसी
का
हक
छीन
कर
अपने
चहेतों
को
देना।
कांग्रेस
दलित,
आदिवासी
और
पिछड़ा
वर्ग
के
आरक्षण
का
हिस्सा
मुस्लिमों
को
देना
चाहती
है।
पटेल
ने
कहा
कि
कांग्रेस
की
मुस्लिम
तुष्टिकरण
और
बहुसंख्यक
वर्ग
के
विरोध
की
मंशा
व्यापक
रूप
से
जनता
के
सामने
आ
गई
है।
कांग्रेस
का
यह
षड्यंत्र
देश
को
कमजोर
करने
वाला,
संवैधानिक
मान्यताओं
को
चकनाचूर
करने
वाला
है,
जिसकी
जितनी
निंदा
की
जाए,
वह
कम
है।
हमारे
संविधान
निर्माता
ने
जिस
धर्म
आधारित
आरक्षण
को
स्वीकार
नहीं
किया
था,
उसकी
बात
करके
कांग्रेस
पार्टी
अपनी
चुनावी
लाभ
के
लालच
में
देश
के
संविधान
को
दरकिनार
कर
रही
है।
कांग्रेस
कहती
है
कि
देश
के
संसाधनों
पर
पहला
हक
मुसलमानों
का
है,
जबकि
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
कहते
हैं
कि
देश
के
संसाधनों
पर
पहला
हक
गरीबों
का
है।
भारतीय
जनता
पार्टी
कांग्रेस
के
इस
प्रयास
को
कभी
सफल
नहीं
होने
देगी
और
देश
के
बहुसंख्यक
समाज,
दलित,
पिछड़ों
और
आदिवासियों
को
भी
इसके
खिलाफ
खड़ा
होना
होगा।
उन्होंने
कहा
कि
कांग्रेस
ने
पिछड़ा
वर्ग
आयोग
को
संवैधानिक
दर्जा
ना
देने
का
षड्यंत्र
किया।
मुस्लिम
तुष्टिकरण
के
लिए
दलित,
पिछड़ों,
आदिवासियों
के
हक
छीने
पटेल
ने
कहा
कि
1993
में
पिछड़ा
वर्ग
आयोग
बन
जाने
के
बावजूद
2004
में
आंध्र
प्रदेश
में
कांग्रेस
की
सरकार
ने
मुस्लिमों
को
7
से
10
प्रतिशत
आरक्षण
देने
का
प्रावधान
किया,
जबकि
वहां
मुस्लिम
आबादी
सिर्फ
9.5
फीसदी
थी।
कांग्रेस
सभी
मुसलमान
जातियों
को
ओबीसी
यानी
सामाजिक
व
शैक्षणिक
रूप
से
पिछड़ा
बता
रही
है।
कांग्रेस
ने
आंध्रप्रदेश
में
चार
बार
मुस्लिम
आरक्षण
को
लागू
करने
की
कोशिश
की,
लेकिन
सुप्रीम
कोर्ट
के
हस्तक्षेप
के
कारण
ऐसा
नहीं
कर
पाई।
कांग्रेस
ने
2009
के
लोकसभा
चुनाव
में
मुस्लिमों
को
शिक्षा
और
नौकरियों
में
आरक्षण
देने
का
वादा
किया
था।
कांग्रेस
चाहती
थी
कि
ओबीसी
आरक्षण
के
अंदर
ही
मुस्लिमों
के
लिए
अलग
से
कोटा
हो।
2011
में
यूपीए-2
के
दौरान
अल्पसंख्यक
मामलों
के
मंत्रालय
ने
ओबीसी
कोटा
के
भीतर
8.4
प्रतिशत
सब
कोटा
का
प्रस्ताव
रखा,
जिसमें
मुसलमानों
के
लिए
6
प्रतिशत
आरक्षण
भी
शामिल
था।
कांग्रेस
का
ये
क्रांतिकारी
काला
काम
यही
है
कि
ये
आपका
अधिकार,
आपका
पैसा,
आपकी
संपत्ति
हड़प
कर
अपने
चहेते
अल्पसंख्यक
वर्ग
को
सौंप
देंगे।
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