
राज्य
सरकार
ने
रविवार
को
प्रशासनिक
सर्जरी
करते
हुए
वरिष्ठ
IAS
अधिकारियों
के
बड़े
पैमाने
पर
तबादले
किए।
इस
फेरबदल
में
मुख्यमंत्री
सचिवालय,
नगरीय
प्रशासन
और
सहकारिता
जैसे
अहम
विभागों
में
नेतृत्व
बदला
गया
है।
सूत्रों
के
अनुसार,
मुख्यमंत्री
सचिवालय
में
अपर
मुख्य
सचिव
रहे
डॉ.
राजेश
राजौरा
को
मुख्य
सचिव
अनुराग
जैन
के
साथ
तालमेल
नहीं
बन
पाने
के
कारण
हटाया
गया
है।
उनकी
जगह
नीरज
मंडलोई
को
मुख्यमंत्री
कार्यालय
का
नया
अपर
मुख्य
सचिव
बनाया
गया
है।
मंडलोई
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
की
‘गुड
बुक’
में
लंबे
समय
से
माने
जाते
रहे
हैं।
उनके
इस
पद
पर
आने
की
चर्चा
काफी
समय
से
चल
रही
थी।
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पिछले
साल
जून
में
राजेश
राजौरा
को
मुख्यमंत्री
कार्यालय
में
अपर
मुख्य
सचिव
के
पद
पर
नियुक्त
किया
गया
था।
उस
समय
उनके
साथ
सीएमओ
में
दो
प्रमुख
सचिव
और
की
भी
तैनाती
हुई
थी।
मुख्यमंत्री
कार्यालय
में
कुल
9
आईएएस
अधिकारियों
की
टीम
बनाई
गई
थी,
जिसकी
कमान
राजौरा
के
हाथ
में
थी।
कुछ
समय
पहले
वरिष्ठ
आईएएस
अधिकारी
राघवेंद्र
सिंह,
संजय
शुक्ल
और
भरत
यादव
को
भी
सीएमओ
से
हटा
दिया
गया
था।
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संजय
दुबे
को
बड़ी
जिम्मेदारी
वहीं,
बताया
जा
रहा
है
कि
नगरीय
विकास
एवं
आवास
विभाग
के
एसीएस
संजय
कुमार
शुक्ल
को
मंत्री
के
साथ
अधिक
निकटता
और
वरिष्ठ
स्तर
पर
समन्वय
की
कमी
के
चलते
हटा
दिया
गया
है।
उन्हें
अब
सामान्य
प्रशासन
विभाग
का
अपर
मुख्य
सचिव
बनाया
गया
है।
वहीं,
मुख्यमंत्री
की
विश्वस्त
सूची
में
शामिल
संजय
दुबे
को
नगरीय
प्रशासन
विभाग
की
कमान
सौंपी
गई
है।
यह
विभाग
इस
समय
बहुत
महत्वपूर्ण
माना
जा
रहा
है।
शहरी
विकास,
मेट्रो
परियोजनाएं,
स्मार्ट
सिटी
जैसे
बड़े
प्रोजेक्ट
प्रदेश
में
चल
रहे
हैं।
डीपी
आहूजा
को
मिली
जिम्मेदारी,
सिपाहा
और
सेलवेंद्रन
को
भी
नई
भूमिका
लंबे
समय
से
‘लूप
लाइन’
में
माने
जा
रहे
डीपी
आहूजा
को
अब
महत्वपूर्ण
सहकारिता
विभाग
का
प्रमुख
सचिव
नियुक्त
किया
गया
है।
प्रबल
सिपाहा,
जो
करीब
साढ़े
तीन
साल
से
लोक
सेवा
आयोग
के
सचिव
के
रूप
में
कार्यरत
थे,
अब
आयुक्त,
उच्च
शिक्षा
बनाए
गए
हैं।
वहीं,
एम.
सेलवेंद्रन,
जो
अब
तक
प्रभारी
सचिव
(कार्मिक)
थे,
को
उनके
प्रदर्शन
को
देखते
हुए
सचिव
किसान
कल्याण
के
पद
से
हटा
कर
कार्मिक
सचिव
सामान्य
प्रशासन
विभाग
बनाया
गया
है।