MP News: “स्वच्छता साथी Wash On Wheels” से ग्रामीण स्वच्छता में क्रांति, अब पूरे प्रदेश में लागू होगा मॉडल


लोकमाता
देवी
अहिल्याबाई
की
300वीं
जयंती
पर
भोपाल
के
जंबूरी
मैदान
में
आयोजित
महिला
सशक्तिकरण
महासम्मेलन
में
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
की
उपस्थिति
के
साथ
ही
छिंदवाड़ा
जिला
पंचायत
द्वारा
विकसित
“स्वच्छता
साथी
Wash
On
Wheels”
नवाचार
को
नई
पहचान
मिली।
जंबूरी
मैदान
पर
प्रदर्शनी
में
प्रधानमंत्री
ने
इसकी
जानकारी
ली। 
इस
पहल
ने
ग्रामीण
क्षेत्रों
में
संस्थागत
और
व्यक्तिगत
शौचालयों
की
नियमित
एवं
व्यवस्थित
सफाई
सुनिश्चित
करते
हुए
स्वावलंबन
का
संदेश
दिया
है।
अब
इसे
पूरे
मध्यप्रदेश
में
लागू
करने
का
निर्णय
लिया
गया
है।


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ग्रामीण
स्वच्छता
की
चुनौती
को
कर
रहा
आसान

ग्रामीण
इलाकों
में
पारंपरिक
सफाई
प्रणालियों
की
अनुपलब्धता
तथा
स्वच्छता
मित्रों
की
कमी
के
कारण
ग्राम
पंचायतों
के
संस्थागत
शौचालय
(जैसे—स्कूल,
आंगनवाड़ी,
स्वास्थ्य
केंद्र,
छात्रावास
आदि)
अपेक्षित
स्वच्छता
बनाए
रखने
में
असमर्थ
रहे।
निजी
घरेलू
शौचालयों
की
सफाई
पर
भी
निगरानी
नहीं
हो
पाती
थी।
इन
कमियों
को
दूर
करने
के
लिए
छिंदवाड़ा
जिला
पंचायत
ने
आठ
माह
पूर्व
“Wash
On
Wheels”
का
शुभारंभ
किया,
ताकि
क्लस्टर
स्तर
पर
ही
मोबाइल
सफाई
सेवा
(टॉयलेट
क्लीनिंग)
उपलब्ध
हो
सके।


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Holkar
Jayanti: ‘देवी
अहिल्या
की
दृष्टि
से
चल
रही
सरकार’,
मोदी
बोले-
लोकमाता
के
काम
हैं
प्रेरणा


आठ
माह
पहले
किया
नवाचार 

छिंदवाड़ा
जिला
पंचायत
के
सीईओ
अग्रिम
कुमार
ने
बताया
कि
“हमने
आठ
माह
पहले
छिंदवाड़ा
और
पांढुर्णा
के
790
पंचायतों
में
नवाचार
शुरू
किया।
अब
36
स्वच्छता
साथी
नियमित
रूप
से
सेवा
दे
रहे
हैं।
इस
मोबाइल
एप
आधारित
टॉयलेट
क्लीनिक
सर्विस
के
माध्यम
से
पिछले
आठ
माह
में
करीब
30
हजार
बुकिंग
प्राप्त
हुई
हैं,
जिसमें
स्वच्छता
साथी
प्रति
माह
20–30
हजार
रुपए
कमा
रहे
हैं।
यह
मॉडल
बहुत
जल्द
पूरे
प्रदेश
के
जिला
पंचायतों
में
लागू
किया
जाएगा।”
ये
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पढ़ें-  PM
Modi
in
Bhopal: आतंकियों
ने
नारीशक्ति
को
चुनौती
दी,
यही
उनका
काल
बना;
जानें
पीएम
मोदी
के
भाषण
की
बड़ी
बातें


ऐसे
करता
है
काम

जिले
की
11
जनपद
पंचायतों
में
से
प्रारंभ
में
तीन
पंचायतों
को
चयनित
कर
प्रत्येक
में
एक
क्लस्टर
गठित
किया
गया।
बाद
में
ग्रामीण
स्तर
पर
विस्तार
करते
हुए
शेष
पंचायतों
को
जोड़ा
जा
रहा
है।
प्रत्येक
क्लस्टर
में
शामिल
स्वच्छता
साथियों
को
चिन्हांकित
किया
गया।
उन्हें
व्यक्तिगत
सुरक्षा
किट
(हेलमेट,
चश्मा,
मास्क,
ग्लव्स,
पीपीई
किट,
गमबूट)
एवं
आधुनिक
सफाई
उपकरण—इलेक्ट्रिक/बैटरी
ऑपरेटेड
वॉशर
मशीन,
टॉयलेट
क्लीनर,
फिनाइल,
ब्रश,
झाड़ू,
वाइपर,
मग,
बाल्टी
आदि—प्रदान
किए
गए।

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Modi
in
Bhopal: भोपाल
दौरे
पर
प्रधानमंत्री
मोदी,
महिला
IPS
के
हाथों
सुरक्षा
की
कमान;
मंच
से
देंगे
खास
संदे


QR
कोड
आधारित
बुकिंग
व्यवस्था 

ग्रामीण
परिवार
या
कोई
संस्था
QR
कोड
स्कैन
कर
बुकिंग
कर
सकती
है।
बुकिंग
के
समय
उपयोगकर्ता
को
पता
देना
होता
है
कि
किस
स्थान
(पंचायत
भवन,
स्कूल,
स्वास्थ्य
केंद्र,
छात्रावास
या
घरेलू
शौचालय)
और
किस
दिन
और
किस
समय
क्लीनिंग
करवानी
है।
बुकिंग
की
सूचना
संबंधित
पंचायत
कार्यालय
पर
पहुंचती
है,
जहां
से
नजदीकी
स्वच्छता
साथी
को
असाइनमेंट
मिलता
है।
निर्धारित
दिन
स्वच्छता
साथी
वाहन
सहित
वॉशर
मशीन
लेकर
जाकर
शौचालय
की
सफाई
करते
हैं
और
बुकिंग
के
अनुसार
शुल्क
प्राप्त
करते
हैं।


5
किमी
तक
200
रुपए 

क्लस्टर
मुख्यालय
से
5
किमी
तक
प्रति
शौचालय
200
रुपए
तय
किया
गया
है।
5
किमी
से
अधिक
दूरी
पर
प्रति
यूनिट
250
रुपए
लिया
जाता
है।
प्रत्येक
स्वच्छता
साथी
को
आवंटित
कार्यों
के
एवज
में
मासिक
लगभग
 20,000
रुपए
की
अनुमानित
आय
सुनिश्चित
की
गई
है।
स्वचछता
कर्मी
ने
अनामिका
बेलवंशी
ने
बताया
कि
वह
सात
माह
पहले
इस
काम
से
जुड़ी।
उनको
अब
तक
2.36
लाख
रुपए
की
आय
हो
चुकी
है।