MP News: किसानों की समृद्धि के लिए मंदसौर में 3 मई को राज्य स्तरीय कृषक सम्मेलन का आयोजन


मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
प्रदेश
में
कृषि
नवाचार
और
उद्यमिता
को
बढ़ावा
देने
के
उद्देश्य
से
3
मई
2025
को
मंदसौर
जिले
के
सीतामऊ
में
राज्य
स्तरीय
कृषक
सम्मेलन
एवं
कृषि
उद्योग
समागम-
2025
का
शुभारंभ
करेंगे।
इस
एक
दिवसीय
आयोजन
में
उप
मुख्यमंत्री
जगदीश
देवड़ा,
कृषि
मंत्री
एदल
सिंह
कंषाना,
उद्यानिकी
एवं
खाद्य
प्रसंस्करण
मंत्री
नारायण
सिंह
कुशवाह,
जनप्रतिनिधि,
कृषक,
उद्यमी,
निर्यातक
तथा
एफपीओ
(FPO)
प्रतिनिधि
बड़ी
संख्या
में
भाग
लेंगे।

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मंदसौर
में
औषधीय
फसलों
को
मिलेगा
बढ़ावा

कार्यक्रम
के
दौरान
मुख्यमंत्री
डॉ.
यादव
खाद्य
प्रसंस्करण
क्षेत्र
में
रुचि
रखने
वाले
निवेशकों
के
साथ
संवाद
भी
करेंगे।
इसका
उद्देश्य
मंदसौर
जिले
में
निवेश
को
प्रोत्साहित
कर
कृषि
आधारित
उद्योगों
को
बढ़ावा
देना
है।
मंदसौर
औषधीय
एवं
मसाला
फसलों
की
खेती
में
अग्रणी
जिला
है,
और
इस
मेले
से
इस
क्षेत्र
को
और
अधिक
बल
मिलेगा।


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तकनीकी
जानकारी
और
आधुनिक
खेती
पर
फोकस

किसान
मेला
एवं
एग्री-हॉर्टी
एक्सपो
में
किसानों
को
उन्नत
बीज,
आधुनिक
कृषि
यंत्र,
शासन
की
योजनाएं,
संरक्षित
खेती,
प्राकृतिक
एवं
जैविक
कृषि,
मत्स्य
पालन,
खाद्य
प्रसंस्करण
आदि
की
जानकारी
दी
जाएगी।
साथ
ही
कृषि
आधारित
उद्योगों,
एफपीओ
और
निर्यातकों
के
लिए
संगोष्ठियां
एवं
नेटवर्किंग
सत्र
भी
आयोजित
किए
जाएंगे।


विभिन्न
विभागों
के
स्टॉल्स
होंगे
आकर्षण
का
केंद्र

कृषक
सम्मेलन
में
कृषि
अभियांत्रिकी,
कृषि,
उद्यानिकी,
एम.पी.
एग्रो,
एमएसएमई,
पशुपालन,
मत्स्य,
नवकरणीय
ऊर्जा
और
राजस्व
विभाग
सहित
कई
विभागों
के
स्टॉल्स
लगाए
जाएंगे।
इन
स्टॉल्स
में
ड्रोन,
आधुनिक
कृषि
यंत्र,
नई
बीज
किस्में,
उर्वरक,
कीटनाशक,
सूक्ष्म
सिंचाई
संयंत्र,
वर्मी
बेड,
मल्चिंग,
संरक्षित
खेती,
फूड
प्रोसेसिंग,
बायोफलॉक,
आरएएस
(Recirculatory
Aquaculture
System),
केज
कल्चर,
आदर्श
गौशाला,
सांची
मिल्क
पार्लर,
एंब्रियो
ट्रांसफर
तकनीक
और
एग्री-सोलर
वॉल्टाइक
जैसे
इनोवेटिव
मॉडल्स
का
प्रदर्शन
किया
जाएगा।

हितग्राहियों
को
मिलेगा
लाभ,
निवेशकों
से
होगा
संवाद

मुख्यमंत्री
डॉ.
यादव
इस
अवसर
पर
राज्य
सरकार
की
विभिन्न
योजनाओं
के
हितग्राहियों
को
हितलाभ
भी
वितरित
करेंगे
और
निवेशकों
से
सीधे
संवाद
कर
राज्य
में
कृषि
निवेश
को
बढ़ावा
देने
पर
चर्चा
करेंगे।
यह
आयोजन
प्रदेश
के
किसानों
के
लिए
नवाचार,
तकनीकी
उन्नयन
और
कृषि
उद्यमिता
की
दिशा
में
एक
सार्थक
पहल
साबित
होगा।