
केंद्र
सरकार
द्वारा
जिला
परिवहन
कार्यालयों
में
वाहनों
की
मैनुअल
फिटनेस
प्रक्रिया
समाप्त
कर
ऑटोमेटेड
टेस्टिंग
स्टेशन
(एटीएस)
के
माध्यम
से
ही
वाहन
फिटनेस
कराए
जाने
का
प्रावधान
किया
है।
हालांकि
मध्यप्रदेश
के
55
जिलों
में
से
फिलहाल
केवल
9
जिलों
में
ही
एटीएस
की
सुविधा
उपलब्ध
है,
जबकि
46
जिलों
में
अभी
यह
व्यवस्था
शुरू
नहीं
हो
सकी
है।
इस
स्थिति
को
देखते
हुए
परिवहन
मंत्री
उदय
प्रताप
सिंह
ने
केंद्र
सरकार
से
मैनुअल
फिटनेस
प्रक्रिया
को
जारी
रखने
का
आग्रह
किया
है।
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परिवहन
मंत्री
उदय
प्रताप
सिंह
ने
गुरुवार
को
नई
दिल्ली
में
केंद्रीय
सड़क
परिवहन
एवं
राष्ट्रीय
राजमार्ग
मंत्री
नितिन
गडकरी
से
सौजन्य
भेंट
की।
इस
दौरान
मध्यप्रदेश
में
सड़क
परिवहन
और
राष्ट्रीय
राजमार्गों
से
जुड़े
विभिन्न
महत्वपूर्ण
विषयों
पर
विस्तार
से
चर्चा
की
गई।
मुलाकात
के
दौरान
परिवहन
मंत्री
सिंह
ने
सड़क
परिवहन
एवं
राजमार्ग
मंत्रालय
द्वारा
1
जनवरी
2026
को
जारी
पत्र
का
उल्लेख
करते
हुए
बताया
कि
इसके
तहत
जिला
परिवहन
कार्यालयों
में
वाहनों
की
मैनुअल
फिटनेस
प्रक्रिया
को
समाप्त
कर
केवल
ऑटोमेटेड
टेस्टिंग
स्टेशन
के
माध्यम
से
फिटनेस
परीक्षण
किए
जाने
का
प्रावधान
किया
गया
है।
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प्रदेश
में
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में
प्रदेश
के
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इंदौर,
भोपाल,
जबलपुर,
उज्जैन,
सतना,
सिंगरौली,
देवास
और
धार
जिलों
में
एटीएस
संचालित
हैं,
जहां
वाहन
फिटनेस
पूरी
तरह
से
ऑटोमेटेड
प्रणाली
से
की
जा
रही
है।
इसके
अलावा
प्रदेश
के
शेष
जिलों
में
एटीएस
की
सुविधा
उपलब्ध
नहीं
है।
परिवहन
मंत्री
ने
कहा
कि
मध्यप्रदेश
भौगोलिक
दृष्टि
से
एक
बड़ा
राज्य
है,
जहां
कई
जिलों
के
बीच
की
दूरी
150
किलोमीटर
से
अधिक
है।
ऐसे
में
एटीएस
विहीन
जिलों
के
वाहन
स्वामियों
को
फिटनेस
परीक्षण
के
लिए
दूसरे
जिलों
में
वाहन
ले
जाना
पड़ता
है,
जिससे
समय
अधिक
लगता
है
और
ईंधन
खर्च
भी
बढ़ता
है।
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में
वस्त्र
उद्योग
को
रोजगार
आधारित
विकास
में
दी
सर्वोच्च
प्राथमिकता
उन्होंने
यह
भी
बताया
कि
यात्री
वाहनों
के
परमिट
निर्धारित
मार्गों
और
क्षेत्रों
के
लिए
जारी
किए
जाते
हैं।
ऐसे
में
परमिट
मार्ग
से
बाहर
जाकर
फिटनेस
परीक्षण
कराना
वैधानिक
दृष्टि
से
भी
उपयुक्त
नहीं
है।
इन
सभी
परिस्थितियों
को
ध्यान
में
रखते
हुए
परिवहन
मंत्री
सिंह
ने
केंद्रीय
मंत्री
नितिन
गडकरी
से
आग्रह
किया
कि
जब
तक
प्रदेश
के
सभी
जिलों
में
ऑटोमेटेड
टेस्टिंग
स्टेशन
स्थापित
नहीं
हो
जाते,
तब
तक
एटीएस
विहीन
जिलों
में
जिला
परिवहन
कार्यालयों
के
माध्यम
से
मैनुअल
वाहन
फिटनेस
प्रक्रिया
को
जारी
रखने
की
अनुमति
दी
जाए।
केंद्रीय
सड़क
परिवहन
एवं
राष्ट्रीय
राजमार्ग
मंत्री
नितिन
गडकरी
ने
इस
विषय
पर
सहमति
व्यक्त
करते
हुए
प्रक्रिया
को
शीघ्र
अनुमति
प्रदान
करने
का
आश्वासन
दिया।