MP News: भोपाल में हजारों आचार्य करेंगे गीता का सस्वर पाठ, बनेगा रिकॉर्ड, सीएम ने की समीक्षा

मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
ने
गीता
जयंती
और
तानसेन
समारोह
के
लिए
भव्य
आयोजनों
की
तैयारियों
की
समीक्षा
की
और
अधिकारियों
को
दिशा-निर्देश
दिए।
गीता
जयंती
के
तहत
मध्य
प्रदेश
में
8
से
11
दिसंबर
तक
विभिन्न
सांस्कृतिक,
धार्मिक
और
शैक्षिक
कार्यक्रम
आयोजित
होंगे।
वहीं,
तानसेन
समारोह
के
शताब्दी
वर्ष
पर
देश
और
विदेश
में
कई
सांस्कृतिक
गतिविधियां
आयोजित
की
जाएंगी। इन
आयोजनों
के
लिए
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
ने
राज्य
सरकार
की
व्यापक
तैयारियों
का
विवरण
दिया।
उन्होंने
कहा
कि
8
दिसंबर
को
गीता
जयंती
के
कार्यक्रम
के
साथ-साथ
8
से
11
दिसंबर
तक
अंतर्राष्ट्रीय
गीता
महोत्सव
का
आयोजन
किया
जाएगा।
इस
आयोजन
के
दौरान
भगवान
श्रीकृष्ण
के
जीवन
के
विविध
पहलुओं
और
गीता
के
सार्थक
संदेशों
का
प्रचार
किया
जाएगा।
मुख्यमंत्री
ने
कहा
कि
भगवान
श्रीकृष्ण
ने
उज्जैन
स्थित
सांदीपनि
आश्रम
में
शिक्षा
ग्रहण
की
थी,
जिससे
यह
स्थान
विशेष
रूप
से
महत्वपूर्ण
हो
जाता
है।
गीता
जयंती
पर
आयोजित
होने
वाले
कार्यक्रमों
में
विद्यार्थियों
के
बीच
गीता
के
संदेशों
का
प्रचार-प्रसार
और
ज्ञान
परीक्षा
का
आयोजन
भी
होगा।
इस्कॉन
संस्था
के
सहयोग
से
यह
कार्यक्रम
आयोजित
किए
जाएंगे।


विज्ञापन

11
दिसंबर
को
भोपाल
के
मोतीलाल
नेहरू
स्टेडियम
में
गीता
का
सस्वर
पाठ
करने
के
लिए
हजारों
आचार्य
एकत्र
होंगे,
जिससे
नया
विश्व
रिकॉर्ड
बनेगा।
इस
आयोजन
में
विभिन्न
सांस्कृतिक
प्रस्तुतियां,
जैसे
साधो
बैंड
की
प्रस्तुति
और
गीता
आधारित
प्रदर्शनी
भी
होगी।
इसके
अलावा,
9
दिसंबर
को
हरियाणा
में
गीता
जयंती
के
कार्यक्रम
में
मुख्यमंत्री
डॉ.
यादव
शामिल
होंगे। उज्जैन
में
गीता
संवाद
कार्यक्रम
के
अंतर्गत
8
दिसंबर
को
प्रख्यात
गीतकार
मनोज
मुन्तशिर
शुक्ला
का
गीता
संवाद
होगा।
इसके
अलावा,
9
दिसंबर
को
श्रीकृष्ण
आधारित
महानाट्य
‘कृष्णायन’
की
प्रस्तुति
होगी।
10
और
11
दिसंबर
को
स्वामी
सरस्वती
द्वारका
पीठ
समेत
कई
आध्यात्मिक
विभूतियों
के
व्याख्यान
और
सांगीतिक
प्रस्तुतियां
होंगी।


विज्ञापन


विज्ञापन

अंतर्राष्ट्रीय
गीता
महोत्सव
के
तहत
उज्जैन
में
विभिन्न
देशों
के
प्रतिनिधि
और
विद्वान
भी
अपनी
उपस्थिति
दर्ज
कराएंगे।
साथ
ही,
11
दिसंबर
को
मोटिवेशनल
स्पीकर
विवेक
बिंद्रा
का
व्याख्यान
और
भारतीय
परंपरा
के
विभिन्न
आयामों
का
लोकार्पण
भी
होगा।
तानसेन
समारोह
की
शताब्दी
पर
ग्वालियर
और
अन्य
देशों
में
कार्यक्रम
होंगे।
यह
समारोह
15
से
19
दिसंबर
तक
चलेगा,
जिसमें
राष्ट्रीय
सम्मान
अलंकरण
भी
दिए
जाएंगे।
समारोह
के
दौरान
विभिन्न
स्थानों
पर
संगीत
प्रस्तुतियां,
वाद्य
यंत्रों
की
प्रस्तुति,
और
सांस्कृतिक
आयोजन
होंगे।
तानसेन
के
जीवन
और
संगीत
पर
आधारित
फिल्में
भी
प्रदर्शित
की
जाएंगी,
और
देशभर
में
विभिन्न
कार्यक्रम
आयोजित
किए
जाएंगे। इसके
अलावा,
मध्य
प्रदेश
के
विभिन्न
शहरों
जैसे
भोपाल,
रीवा,
गुना,
शिवपुरी
और
ओरछा
में
तानसेन
समारोह
के
अंतर्गत
संगीत
श्रृंखलाओं
का
आयोजन
किया
जाएगा।
मुख्यमंत्री
डॉ.
यादव
ने
सभी
कार्यक्रमों
को
सफल
बनाने
के
लिए
संबंधित
विभागों
को
आवश्यक
निर्देश
दिए
हैं।
इस
वर्ष
के
आयोजनों
से

केवल
धार्मिक
और
सांस्कृतिक
जागरूकता
बढ़ेगी,
बल्कि
राज्य
की
सांस्कृतिक
धरोहर
को
वैश्विक
स्तर
पर
पहचान
मिलेगी।