
मध्य
प्रदेश
की
राजधानी
भोपाल
में
शुरू
हो
रहे
ग्लोबल
इंवेस्टर्स
समिट
का
शुभारंभ
सोमवार
को
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
करेंगे।
इससे
एक
दिन
पहले
भोपाल
पहुंचे
प्रधानमंत्री
ने
कुशाभाऊ
ठाकरे
कंवेशन
सेंटर
में
विधायक,
सांसद
और
प्रतिनिधियों
के
साथ
चर्चा
और
डिनर
किया।
रात्रि
विश्राम
राजभवन
में
करने
के
बाद
प्रधानमंत्री
सोमवार
सुबह
10.15
बजे
इंदिरा
गांधी
राष्ट्रीय
मानव
संग्रहालय
में
जीआईएस
का
शुभारंभ
करेंगे।
इससे
पहले
प्रधानमंत्री
सुबह
10
बजे
मानव
संग्रहालय
पहुंचने
वाले
थे,
लेकिन
12
वीं
बोर्ड
परीक्षा
में
विद्यार्थियों
के
सेंटर
पर
पहुंचने
की
सुविधा
को
देखते
हुए
उन्होंने
अपना
कार्यक्रम
15
मिनट
आगे
बढ़ा
दिया।
इस
समिट
में
60
देशों
के
133
विदेशी
प्रतिनिधि
शामिल
होंगे।
इसमें
से
कई
उद्यमी
और
निवेशक
एक
दिन
पहले
पहुंच
गए
और
कुछ
सुबह
पहुंचेंगे।
यह
समिट
मध्य
प्रदेश
के
औद्योगिक
विकास
को
नई
दिशा
देने
के
लिए
एक
महत्वपूर्ण
कदम
साबित
होगी।
इस
समिट
का
उद्देश्य
निवेशकों
को
राज्य
की
औद्योगिक
क्षमताओं
से
अवगत
कराते
हुए,
मध्य
प्रदेश
को
राष्ट्रीय
और
अंतर्राष्ट्रीय
स्तर
पर
एक
प्रमुख
निवेश
केंद्र
के
रूप
में
स्थापित
करना
है।
सरकार
को
समिट
में
25
लाख
करोड़
के
निवेश
आने
और
उससे
20
लाख
रोजगार
के
अवसर
सृजित
होने
का
दावा
है।
60
देशों
के
133
विदेशी
प्रतिनिधि
शामिल
होंगे
राजधानी
देश
और
विदेश
के
निवेशकों
और
उद्योमियों
के
लिए
तैयार
है।
जीआईएस
में
60
देशों
के
133
विदेशी
प्रतिनिधि
शामिल
होंगे।
इस
समिट
में
10
देशों
के
राजदूत-
मेक्सिको,
ब्राजील,
अर्जेंटीना,
पेरू,
अंगोला,
बुर्किना
फासो,
मोरक्को,
मोल्दोवा,
नेपाल,
जिम्बाब्वे।
8
उच्चायुक्त-
ऑस्ट्रेलिया,
श्रीलंका,
फिजी,
जमैका,
लेसोथो,
रवांडा,
सेशेल्स,
युगांडा।
7
काउंसल
जनरल-
जापान,
जर्मनी,
मलेशिया,
स्विट्जरलैंड,
इटली,
थाईलैंड,
ताइवान।
6
मेंबर
ऑफ
मिनिस्टर/
एमपी/महापौर-
जिम्बाब्वे
के
उप
मंत्री,
उल्पानोवस्क
क्षेत्र,
रूस
की
सरकार
का
प्रतिनिधिमंडल,
मेयर
और
गेराईस
क्रॉस
टाउन
काउंसिल
के
अध्यक्ष,
हाउस
ऑफ
लार्ड्स,
यूके
के
सदस्य,
ओटावा
मेयर,
नॉर्वे
के
पूर्व
मंत्री।
11
आनरेरी
काउंसल-
बुल्गारिया,
जिबूती,
अल्बानिया,
तुवालु,
हैती,
म्यांमार,
पलाऊ,
पोलैंड,
दक्षिण
कोरिया,
रोमानिया,
उज्बेकिस्तान।
66
अंतरराष्ट्रीय
संगठनों
से
भागीदारी-
विश्व
बैंक,
डब्ल्यूएआईपीए,
जेट्रो,
टीएआई
तारा,
इंडो
जर्मन
चैंबर
ऑफ
कॉमर्स,
भारत
आयरलैंड
परिषद,
सिंगापुर
इंडियन
चैंबर
ऑफ
कॉमर्स,
कोरिया
इंडियन
चैंबर
ऑफ
कॉमर्स,
इंडो
पोलिश
चैंबर
ऑफ
कॉमर्स
एंड
इंडस्ट्री
शामिल
होंगे।
विज्ञापन
समापन
कार्यक्रम
में
25
फरवरी
को
केंद्रीय
गृहमंत्री
शाह
होंगे
शामिल
जीआईएस
के
दूसरे
दिन
25
फरवरी
को
समापन
में
मुख्य
सचिव
अनुराग
जैन
राज्य
के
विकास
के
संदर्भ
में
भविष्य
की
रूपरेखा
पर
प्रकाश
डालेंगे।
इसके
बाद
‘मध्यप्रदेश-अनंत
संभावनाएं’
नामक
वीडियो
की
प्रस्तुति
होगी।
इसमें
राज्य
की
विशाल
क्षमता
और
अवसरों
को
प्रदर्शित
किया
जाएगा।
प्रमुख
उद्योगपति
सभा
को
संबोधित
कर
अपना
विजन
और
अनुभव
साझा
करेंगे।
केंद्रीय
गृह
एवं
सहकारिता
मंत्री
अमित
शाह
का
मुख्य
संबोधन
होगा।
सीएम
करेंगे
वन-टू-वन
मीटिंग
मुख्यमंत्री
डॉ.
यादव
भी
संबोधित
करेंगे।
दो
दिवसीय
निवेश
शिखर
सम्मेलन
के
दौरान
मुख्यमंत्री
डॉ.
यादव
प्रमुख
उद्योगपतियों
के
साथ
वन-टू-वन
मीटिंग
और
प्रदेश
के
औद्योगिक
निवेश
संभावनाओं
पर
परस्पर
चर्चा
करेंगे।
ऑटो,
टेक्सटाइल,
ओडीओपी
की
प्रदर्शनी
जीआईएस-2025
में
इन
निवेश
शिखर
सम्मेलनों
के
समानांतर
ऑटो
एक्सपो
जोन,
इलेक्ट्रिक
वाहनों
और
स्वच्छ
गतिशीलता
में
नवाचारों
का
प्रदर्शन,
टेक्सटाइल
एक्सपो
जोन,
टिकाऊ
और
सुरक्षात्मक
वस्त्रों
का
प्रदर्शन
और
एमपी
मंडप
प्रदर्शनियां,
मध्य
प्रदेश
की
औद्योगिक
ताकत
और
निवेश
प्रोत्साहन
को
उजागर
करना
सहित
कई
प्रदर्शनियां
होंगी।
इसके
अलावा
समिट
में
कई
समानांतर
एक्सपो
आयोजित
किए
जाएंगे,
जिनमें
मध्यभारत
फैब्रिक
और
फैशन
एक्सपो
में
मध्य
प्रदेश
के
समृद्ध
कपड़ा
उद्योग,
परिधान
में
नवाचार
और
उभरते
वैश्विक
फैशन
रुझानों
को
प्रदर्शित
किया
जाएगा।
ओडीओपी
विलेज:
राज्य
की
एक
जिला,
एक
उत्पाद
(ओडीओपी)
पहल,
स्थानीय
कारीगरों
और
लघु
उद्योगों
का
प्रदर्शन
किया
जाएगा।
एमपी
पैवेलियन
प्रदर्शनी
राज्य
के
औद्योगिक
परिदृश्य
और
व्यावसायिक
प्रोत्साहनों
के
बारे
में
जानकारी
प्रदान
करती
है।
एमपी
डिजिटल
एक्सपीरियंस
जोन
– प्रधानमंत्री
मोदी
5,000
वर्ग
फीट
में
निर्मित
इमर्सिव
सेंटर
का
भ्रमण
करेंगे।
इसमें
वे
मध्य
प्रदेश
की
समृद्ध
विरासत,
ऐतिहासिक
धरोहर
और
पर्यटन
स्थलों
का
वर्चुअल
अनुभव
लेंगे।
यह
जोन
जीआईएस
में
आने
वाले
प्रतिभागियों
को
मध्यप्रदेश
की
परंपरा
और
नवाचार
के
संगम
का
अनुभव
कराएगा।
इसमें
हुकुमचंद
मिल,
नदी
जोड़ो
परियोजना,
मोहासा
बाबई
इंडस्ट्री
पार्क,
पीएम
मित्र
पार्क,
नवीन
नीतियां,
एयर
एंबुलेंस,
महाकाल
लोक,
आदिवासी
कला,
कूनो
चीता
प्रोजेक्ट,
एमपी
का
टेक्सटाइल
और
भीम
बैठका
व
अन्य
प्रोजेक्ट
में
कुछ
का
प्रदर्शन
किया
जाएगा।
सामान्य
प्रदर्शनी
–
व्यवसायियों
को
अपने
उत्पादों,
सेवाओं
और
तकनीकी
प्रगति
को
उजागर
करने
के
लिए
मंच
प्रदान
करना।
जीआईएस-2025
कुशल
यातायात
और
सुरक्षा
प्रबंधन,
ई-कार्ट
स्टेशन
और
शटल
सेवाओं
के
साथ
सहज
कार्यक्रम
अनुभव
प्रदान
करेगा।
स्थिरता
और
नवाचार
पर
केंद्रित,
इसका
उद्देश्य
कार्बन-रहित
आयोजन
बनना
है।
जीआईएस-2025,
निवेश
शिखर
सम्मेलन
से
कहीं
अधिक
भारत
के
सबसे
तेजी
से
बढ़ते
राज्यों
में
से
एक
मध्यप्रदेश
में
आर्थिक
अवसरों
का
प्रवेश
द्वार
है।
यह
“उद्योग
एवं
रोजगार
वर्ष
2025”
की
शुरुआत
का
प्रतीक
है,
जिसका
उद्देश्य
रोजगार
सृजित
करना,
कौशल
विकास
को
बढ़ाना
और
विश्व
स्तरीय
बुनियादी
ढांचा
तैयार
करना
है।
यह
शिखर
सम्मेलन
निवेशकों
के
विश्वास
को
सुदृढ़
करेगा,
नई
नीतियों
को
क्रियान्वित
करेगा
और
रोजगार
के
अवसर
खोलेगा,
जिससे
राज्य
“विकसित
भारत-विकसित
मध्य
प्रदेश”
की
ओर
अग्रसर
होगा।
ग्लोबल
इन्वेस्टर्स
समिट
में
6
विभागीय
सम्मेलन,
6
कंट्री
सेशन
और
10
विशेष
सत्र
आयोजित
किए
जाएंगे।
इनमें
प्रमुख
सत्रों
में
शामिल
हैं:
विभागीय
सम्मेलन-
आईटी
और
प्रौद्योगिकी
नवीन
और
नवीकरणीय
ऊर्जा
पर्यटन
खनन
एमएसएमई
और
स्टार्टअप
नगरीय
विकास
प्रवासी
मध्यप्रदेश
कंट्री
सेशन
में
इन
देशों
और
क्षेत्रों
के
बारे
में
चर्चा
की
जाएगी:
इन
क्षेत्रों
पर
विशेष
ध्यान
दिया
जाएगा-
फार्मा
और
मेडिकल
डिवाइस
कौशल
विकास
वस्त्र
और
परिधान
खाद्य
प्रसंस्करण
और
बागवानी
लॉजिस्टिक्स
रोड
इंफ्रास्ट्रक्चर
डेवलपमेंट
वन
एमएसएमई