
विक्रांत
भूरिया।
–
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:
Amar
Ujala
Digital
विस्तार
मध्य
प्रदेश
में
लोकसभा
चुनाव
में
राजनीतिक
पार्टियां
जुटी
हुई
हैं।
इस
बीच
मध्य
प्रदेश
युवा
कांग्रेस
के
प्रदेश
अध्यक्ष
विक्रांत
भूरिया
ने
अपने
पद
से
इस्तीफे
की
पेशकश
की।
इसका
कारण
उन्होंने
उनके
पिता
कांतिलाल
भूरिया
के
लोकसभा
चुनाव
लड़ने
और
उनके
लोकसभा
क्षेत्र
में
ज्यादा
समय
देने
से
संगठन
में
वक्त
नहीं
दे
पाने
को
बताया।
उन्होंने
भारतीय
युवा
कांग्रेस
के
अध्यक्ष
श्रीनिवास
बीवी
को
अपने
इस्तीफे
की
पेशकश
का
पत्र
भेजा
था।
इसके
बाद
श्रीनिवास
बीवी
ने
भूरिया
का
इस्तीफा
स्वीकार
कर
मितेंद्र
सिंह
को
युवा
कांग्रेस
का
प्रदेश
अध्यक्ष
नियुक्त
किया।
विक्रांत
भूरिया
ने
अपने
पत्र
में
लिखा
कि
देश
इस
वक्त
लोकतंत्र
को
बचाने
की
मुहिम
में
लगा
हुआ
है।
इसके
लिए
हमारे
राष्ट्रीय
अध्यक्ष
मल्लिकार्जुन
खरगे
एवं
हम
सबके
नेता
राहुल
गांधी
पूरी
शक्ति
के
साथ
देश
भर
में
दौरे
और
सभाएं
कर
रहे
हैं।
इस
वक्त
प्रत्येक
लोकसभा
सीट
जीतना
जितना
कांग्रेस
के
लिए
जरूरी
है।
उससे
कहीं
ज्यादा
इस
देश
के
लोकतंत्र
के
लिए
जरूरी
है।
उन्होंने
आगे
लिखा
कि
मेरे
पिता
कांतिलाल
भूरिया
रतलाम-झाबुआ
लोकसभा
सीट
से
कांग्रेस
के
प्रत्याशी
हैं।
इस
कारणवश
मुझे
अपना
अधिकतम
समय
इस
लोकसभा
क्षेत्र
में
देना
पड़
रहा
है।
जिसके
चलते
मैं
मध्य
प्रदेश
युवा
कांग्रेस
के
अध्यक्ष
की
भूमिका
को
पूरे
प्रदेश
में
निभाने
में
खुद
को
असहज
पा
रहा
हूं
और
अपने
पद
के
साथ
न्याय
नहीं
कर
पा
रहा
हूं।
आपसे
अनुरोध
है
कि
अगर
आप
किसी
और
को
इस
महत्वपूर्ण
जवाबदारी
के
लिए
सही
समझें
तो
आप
आगे
बढ़ें,
मैं
आपके
साथ
हूं।
संगठन
का
हित
मेरे
लिए
सर्वोपरि
है।
ग्वालियर-चंबल
क्षेत्र
से
आते
है
मितेंद्र
सिंह
मध्य
प्रदेश
युवा
कांग्रेस
के
नए
अध्यक्ष
बनाए
गए
मितेंद्र
सिंह
ग्वालियर-चंबल
क्षेत्र
से
आते
है।
उनके
पिता
दर्शन
सिंह
ग्वालियर
शहर
कांग्रेस
अध्यक्ष
रह
चुके
हैं।
मितेंद्र
सिंह
ओबीसी
वर्ग
से
आते
है।
हाल
ही
में
उन्होंने
पीसीसी
चीफ
जीतू
पटवारी
से
मुलाकात
की
थी।
कांग्रेस
ने
आदिवासी
वर्ग
के
अध्यक्ष
को
हटाया
भाजपा
ने
विक्रांत
भूरिया
के
इस्तीफे
पर
कांग्रेस
को
आदिवासी
वर्ग
का
अपमान
बताया।
भाजपा
प्रवक्ता
नरेंद्र
सलूजा
ने
सोशल
मीडिया
पर
लिखा
कि
मध्य
प्रदेश
के
मंडला
में
राहुल
गांधी
ने
आदिवासी
वर्ग
पर
खूब
लंबा
चौड़ा
भाषण
दिया।
उनको
आगे
बढ़ाने
के
खूब
झूठे
वादे
किए
और
आज
ही
मध्य
प्रदेश
युवा
कांग्रेस
के
आदिवासी
वर्ग
के
अध्यक्ष
को
अचानक
पद
से
हटा
दिया
गया।
उन्होंने
लिखा
कि
यह
कांग्रेस
का
दोहरा
चरित्र
है।
दिग्विजय
सिंह,
जीतू
पटवारी
और
युवा
कांग्रेस
के
राष्ट्रीय
अध्यक्ष
तीनों
ने
राहुल
गांधी
के
निर्देश
पर
इस
काम
को
अंजाम
दिया
है।
नए
अध्यक्ष
का
पत्र
पहले
से
ही
तैयार
कर
लिया
गया
और
ताबड़तोड़
विक्रांत
भूरिया
को
बुलाकर
यह
जानकारी
दी
गई।
सलूजा
ने
कहा
कि
विक्रांत
भूरिया
ने
आग्रह
किया
के
मेरे
मान
सम्मान
का
प्रश्न
है,
मुझे
इस
प्रकार
एकदम
से
मत
हटाओ,
फिर
उन्हें
एक
घंटे
का
समय
स्क्रिप्ट
तैयार
कर
करने
के
लिए
दिया
गया।
फिर
एक
घंटे
में
उन्होंने
खुद
पद
छोड़ने
की
एक
स्क्रिप्ट
लिखी
और
जैसा
कि
पहले
से
ही
तय
था,
नए
अध्यक्ष
का
मात्र
एक
घंटे
में
लेटर
भी
जारी
हो
गया।
सलूजा
ने
लिखा
कि
समझा
जा
सकता
है
कि
जो
कांग्रेस
महीनों
तक
कोई
भी
निर्णय
नहीं
ले
पाती
है,
उसने
मात्र
एक
घंटे
में
यह
निर्णय
ले
लिया?
यह
है
कांग्रेस
की
आदिवासी
वर्ग
के
प्रति
सोच।