MP Politics: जमातखाने में मोदी के नारे से बोहरा समुदाय में सख्त नाराजगी, कल बड़ी बैठक, होगा बड़ा फैसला

MP Politics: जमातखाने में मोदी के नारे से बोहरा समुदाय में सख्त नाराजगी, कल बड़ी बैठक, होगा बड़ा फैसला
MP Politics: Strong resentment among Bohra community due to Modi's slogan in Jamat Khana

बोहरा
समाज
के
ग्रुप
में
विरोध
जताया
जा
रहा
है।
इसे
लेकर
वीडियो
भी
जारी
किया
गया
है।


फोटो
:
सोशल
मीडिया

विस्तार

दो
दिन
पहले
बोहरा
समाज
के
जमातखाने
में
पहुंचकर
भाजपा
और
पीएम
मोदी
के
पक्ष
में
नारे
लगवाने
का
मामला
अब
तूल
पकड़ता
जा
रहा
है।
बोहरा
समुदाय
किसी
धार्मिक
स्थल
पर
इस
तरह
की
सियासी
गतिविधि
से
सख्त
नाराज
दिखाई
दे
रहा
है।
समाजजन
इस
मामले
को
अपने
साथ
हुआ
धोखा,
दबिश
और
भावी
मुश्किलों
से
जोड़
रहा
है। 

समाज
के
लोगों
को
जोड़कर
बनाए
गए
कई
वॉट्सएप
ग्रुप
में
चर्चाएं
तेज
हैं।
मामले
को
लेकर
संभवतः
सोमवार
को
समाज
की
एक
बड़ी
बैठक
भी
की
जा
सकती
है।
इसमें
भाजपा
प्रत्याशी
के
इस
रवैए
और
उन्हें
ऐसा
करने
की
इजाजत
देने
वाले
आमिल
को
लेकर
भी
अहम
फैसला
लिया
जाएगा।

शनिवार
को
सोशल
मीडिया
और
मीडिया
की
सुर्खी
बने
अलीगंज
के
हैदरी
जमातखाने
के
मामले
को
लेकर
अब
बोहरा
समुदाय
विचलित
दिखाई
दे
रहा
है।
समाज
के
जमातखाने
को
सियासत
का
स्थान
बना
लेने
से
लोग
नाराज
हैं।
समाज
के
विभिन्न
वॉट्सएप
ग्रुप
में
इसको
लेकर
भाजपा
प्रत्याशी
आलोक
शर्मा
और
समाज
के
आमिल
जौहर
अली
को
लेकर
नाराजगी
जताई
जा
रही
है।
ग्रुप
में
चली
चर्चाओं
में
कहा
जा
रहा
है
कि
भाजपा
प्रत्याशी
आलोक
शर्मा
पूर्व
में
भी
समाज
के
लोगों
का
सियासी
उपयोग
कर
चुके
हैं।
ग्रुप
चैट
में
किसी
मेंबर
ने
विरोध
दर्ज
कराया
है
कि
उन्हें
एक
आयोजन
में
बुलाकर
धोखे
से
माता
पूजन
कार्यक्रम
में
शामिल
करवा
दिया
गया
था।
बाद
में
इसको
सियासी
जामा
पहना
कर
प्रचारित
भी
किया
गया।
समाजजन
का
कहना
है
कि
यह
प्रक्रिया
उनके
समुदाय
के
लिए
धर्म
विरोधी
है।
जिसे
लेकर
उन्हें
कई
स्तर
पर
आलोचनाओं
का
शिकार
होना
पड़ा
था।

ग्रुप
मेंबर्स
का
यह
कहना
है
कि
समाज
की
अगुवाई
करने
के
लिए
नियुक्त
किए
गए
आमिल
जौहर
अली
शहर
भोपाल
की
स्थितियों
से
वाकिफ
नहीं
हैं।
इसलिए
वे
बिना
सोचे
समझे
किसी
राजनीतिक
गतिविधि
में
शामिल
हो
रहे
हैं,
जिसका
खामियाजा
स्थानीय
लोगों
को
लंबे
समय
तक
भुगतना
पड़ेगा।
समाजजन
ने
धार्मिक
स्थल
पर
सियासी
गतिविधियों
को
अपने
कारोबार
के
नुकसान
से
भी
जोड़ा
है।
उन्होंने
कहा
कि
हम
कारोबारी
लोग
हैं,
सभी
धर्म,
संप्रदाय,
जाति,
वर्ग
और
विचारधारा
के
लोगों
से
व्यापार
की
साझेदारी
होती
है।
इस
तरह
की
सियासी
सहभागिता
उनके
कारोबार
पर
विपरीत
प्रभाव
डालेगी।


होगी
बैठक,
लेंगे
फैसला

वॉट्सएप
ग्रुप
में
चली
चर्चाओं
में
यह
भी
तय
किया
गया
है
कि
इस
मामले
को
लेकर
दाऊदी
बोहरा
समाज
सोमवार
को
एक
बड़ी
बैठक
कर
सकता
है।
इसमें
भाजपा
प्रत्याशी
आलोक
शर्मा
के
लिए
अपनाए
जाने
वाले
भावी
रवैए
और
आमिल
जौहर
अली
के
द्वारा
अपनाई
गई
सह्रदयता
पर
चर्चा
की
जाएगी।


जारी
किए
जा
रहे
खंडन
वीडियो

भाजपा
प्रत्याशी
आलोक
शर्मा
के
समर्थकों
द्वारा
सोशल
मीडिया
पर
प्रचारित
किए
जा
रहे
वीडियो
का
समाजजनों
ने
खंडन
किया
है।
समाज
के
कमरुद्दीन
दाऊदी
ने
सोशल
मीडिया
के
विभिन्न
प्लेटफॉर्म
पर
जारी
वीडियो
में
इस
गतिविधि
पर
नाराजगी
जताई
है।
उन्होंने
कहा
कि
किसी
भी
धार्मिक
स्थल
पर
इस
तरह
की
गतिविधि
स्वीकार
नहीं
की
जा
सकतीं।
साथ
ही
जमातखाने
को
मस्जिद
कहकर
प्रचारित
किया
जाना
किसी
अपराध
से
कम
नहीं
है।
उन्होंने
कहा
कि
चुनाव
के
समय
समाज
के
उलेमाओं
से
मुलाकात
करने,
उनका
आशीर्वाद
लेने
या
समाज
के
लोगों
से
वोट
अपील
करने
के
लिए
राजनीतिक
लोग
आते
रहे
हैं।
लेकिन
इस
तरह
से
सियासी
नारेबाजी
और
उसके
गलत
तरीके
से
किए
जाने
वाले
प्रचार
को
स्वीकार
नहीं
किया
जा
सकता।


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यह
है
मामला

ईद
उल
फितर
के
मौके
पर
आयोजित
बोहरा
समुदाय
के
एक
कार्यक्रम
में
भाजपा
प्रत्याशी
आलोक
शर्मा
पहुंचे
थे।
यह
आयोजन
अलीगंज
स्थित
बोहरा
समुदाय
के
जमातखाने
में
हुआ
था।
कार्यक्रम
के
दौरान
जहां
आलोक
शर्मा
और
उनके
समर्थकों
ने
भाजपा
और
पीएम
मोदी
के
पक्ष
में
नारे
लगाए
थे।
वहीं
आमिल
जौहर
अली
ने
समाज
के
पीएम
मोदी
के
साथ
मधुर
रिश्तों
का
जिक्र
किया
था।
इसके
कुछ
दिनों
शनिवार
को
आलोक
समर्थकों
ने
इस
कार्यक्रम
का
वीडियो
सोशल
मीडिया
पर
वायरल
किया।
इसमें
जमातखाने
की
बजाए
मस्जिद
का
नाम
प्रचारित
किया
गया।
देश
स्तर
पर
वायरल
हुए
इस
वीडियो
से
लोगों
में
यह
भ्रांति
फैलाने
के
प्रयास
भी
हुए
कि
आयोजन
बोहरा
समुदाय
का

होकर
मुस्लिम
समाज
की
किसी
मस्जिद
का
है।


(भोपाल
से
खान
आशु
की
रिपोर्ट)