Mp Weather Report : प्रदेश में बदला रहेगा मौसम, 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट | Amar Ujala


मध्य
प्रदेश
में
आंधी
बारिश
का
दौर
जारी
है।
प्रदेश
के
5
जिलों
में
बुधवार
को
भारी
बारिश
का
अलर्ट
है।
भारी
बारिश
के
अलर्ट
वाले
जिलों
में
धार,
झाबुआ,
रतलाम,
नीमच
और
मंदसौर
शामिल
हैं।
मौसम
विभाग
ने
कहा
है
कि
आज
भोपाल,
इंदौर,
उज्जैन,
ग्वालियर,
जबलपुर
समेत
पूरे
प्रदेश
में
बारिश,
तेज
आंधी
और
गरज-चमक
वाला
मौसम
रहेगा।
अलग-अलग
स्थानों
पर
बनी
चार
मौसम
प्रणालियों
के
असर
से
मानसून
के
आगे
बढ़ने
का
सिलसिला
बना
हुआ
है।
 अब
तक
प्रदेश
के
इंदौर
समेत
19
जिलों
में
मानसून
की
एंट्री
हो
गई
है।
वहीं,
अगले
24
घंटे
के
अंदर
भोपाल,
उज्जैन-जबलपुर
में
भी
मानसून
पहुंच
सकता
है। 

प्रदेश
के
19
जिलों
में
पहुंचा
मानसून 
इंदौर
समेत
प्रदेश
के
19
जिलों
में
मंगलवार
तक
मानसून
पहुंच
गया।
इस
दौरान
प्रदेश
में
आंधी-बारिश
का
दौर
भी
जारी
रहा।
मंगलवार
को
सिंगरौली
में
आकाशीय
बिजली
गिरने
से
दो
बच्चियों
की
मौत
हो
गई।
वहीं,
भोपाल,
राजगढ़,
धार,
रतलाम,
छिंदवाड़ा,
जबलपुर,
मंडला,
सतना,
टीकमगढ़
समेत
कई
जिलों
में
बारिश
दर्ज
की
गई।
बारिश
की
वजह
से
दिन
के
तापमान
में
भी
गिरावट
हुई
है।
शिवपुरी
में
ही
पारा
सबसे
ज्यादा
40
डिग्री
रहा।
वहीं,
सबसे
कम
तापमान
इकलौते
हिल
स्टेशन
पचमढ़ी
में
28.2
डिग्री
सेल्सियस
दर्ज
किया
गया।
5
बड़े
शहरों
की
बात
करें
तो
भोपाल
में
34.4
डिग्री,
इंदौर
में
32.2
डिग्री,
ग्वालियर
में
38.5
डिग्री,
उज्जैन
में
33
डिग्री
और
जबलपुर
में
पारा
34.5
डिग्री
सेल्सियस
दर्ज
किया
गया।

प्रदेश
में
आंधी-बारिश
के
4
सिस्टम
एक्टिव
मौसम
विभाग
की
सीनियर
वैज्ञानिक
डॉ.
दिव्या
ई.
सुरेंद्रन
ने
बताया
कि
वर्तमान
में
आंधी
और
बारिश
के
4
सिस्टम
एक्टिव
है।
गुजरात
क्षेत्र
और
पड़ोसी
हिस्से
में
लो
प्रेशर
एरिया
(कम
दवाब
क्षेत्र)
और
एक
साइक्लोनिक
सर्कुलेशन
सिस्टम
सक्रिय
है।
वहीं,
वेस्टर्न
डिस्टरबेंस
और
टर्फ
की
एक्टिविटी
भी
देखने
को
मिल
रही
है।
इस
वजह
से
अगले
चार
दिन
तक
पूरे
प्रदेश
में
मौसम
बदला
रहेगा।
कुछ
जिलों
में
भारी
बारिश
का
अलर्ट
है।
यानी,
24
घंटे
में
सवा
4
इंच
पानी
गिर
सकता
है।

एमपी
में
एक
दिन
लेट
पहुंचा
मानसून
इस
बार
देश
में
मानसून
8
दिन
पहले
ही

गया
था।
वहीं,
महाराष्ट्र,
छत्तीसगढ़
समेत
कई
राज्यों
में
यह
तय
समय
से
पहले
पहुंच
गया।
ऐसे
में
अनुमान
था
कि
मध्यप्रदेश
में
यह
जून
के
पहले
सप्ताह
में
ही

जाएगा,
लेकिन
ऐसा
नहीं
हुआ।
पिछले
15
दिन
से
मानसून
महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़
में
एक
ही
जगह
पर
ठहरा
रहा।
इस
वजह
से
एमपी
में
इसकी
एंट्री
नहीं
हो
पाई।
13-14
जून
को
मानसून
आगे
बढ़ा।
बावजूद
यह
प्रदेश
में
1
दिन
लेट
हो
गया।
बता
दें
कि
एमपी
में
मानसून
के
प्रवेश
की
सामान्य
तारीख
15
जून
ही
है।
पिछले
साल
यह
21
जून
को
एंटर
हुआ
था।