
मध्य
प्रदेश
में
मानसूनी
बारिश
का
दौर
जारी
है।
कई
जिले
में
भारी
बारिश
से
नदी
नाले
उत्पन्न
में।
गुरुवार
को
भी
15
में
जिलों
में
भारी
बारिश
का
अलर्ट
है
बालाघाट-अलीराजपुर
में
24
घंटे
में
8
इंच
तक
बारिश
हो
सकती
है।
वहीं,
13
जिलों
में
भारी
बारिश
की
संभावना
है।
इससे
पहले
बुधवार
को
प्रदेश
के
20
से
ज्यादा
जिलों
में
बारिश
हुई।
भोपाल
में
पुरानी
बिल्डिंग
का
हिस्सा
गिरने
से
एक
युवक
की
मौत
हो
गई,
जबकि
आकाशीय
बिजली
गिरने
से
टीकमगढ़
में
16
बकरियों
की
जान
चली
गई।
सीहोर
में
इतनी
बारिश
हुई
कि
सड़कों
पर
खड़ी
गाड़ियां
आधी
डूब
गईं।
आज
इन
जिलों
में
बारिश
का
अरेंज
और
यलो
अलर्ट
गुरुवार
को
जिन
जिलों
में
भारी
बारिश
का
अलर्ट
है,
उनमें
नीमच,
मंदसौर,
झाबुआ,
धार,
सीहोर,
विदिशा,
रायसेन,
नर्मदापुरम,
सतना,
मैहर,
पन्ना,
सिवनी
और
मंडला
शामिल
हैं।
बालाघाट
और
अलीराजपुर
में
अति
भारी
बारिश
का
ऑरेंज
अलर्ट
है।
वहीं,
भोपाल,
इंदौर,
उज्जैन,
ग्वालियर,
जबलपुर
समेत
अन्य
जिलों
में
बारिश
का
यलो
अलर्ट
है।
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सतना
में
सबसे
ज्यादा
2.2
इंच
हुई
बारिश
बुधवार
को
प्रदेश
के
26
जिलों
में
बारिश
हुई।
सतना
में
सबसे
ज्यादा
2.2
इंच
पानी
गिर
गया।
छतरपुर
के
खजुराहो
में
1.7
इंच,
भोपाल
में
1.4
इंच,
खरगोन
में
1
इंच,
छतरपुर
के
नौगांव
और
सीधी
में
आधा
इंच
बारिश
हुई।वहीं,
दतिया,
बैतूल,
गुना,
ग्वालियर,
नर्मदापुरम,
इंदौर,
रतलाम,
शिवपुरी,
उज्जैन,
छिंदवाड़ा,
जबलपुर,
मंडला,
नरसिंहपुर,
रीवा,
उमरिया,
सीहोर,
कटनी,
टीकमगढ़,
श्योपुर,
शाजापुर,
धार,
डिंडोरी
में
भी
बारिश
का
दौर
जारी
रहा।
रात
में
कई
जिलों
में
बारिश
हुई।
प्रदेश
के
बीचों
बीच
से
गुजर
रही
ट्रफ
मौसम
विभाग
के
अनुसार,
एक
ट्रफ
प्रदेश
के
बीचोंबीच
से
गुजर
रही
है।
वहीं,
साइक्लोनिक
सर्कुलेशन
सिस्टम
भी
एक्टिव
है।
इस
वजह
से
प्रदेश
में
बारिश
का
दौर
चल
रहा
है।
मौसम
विभाग
की
सीनियर
वैज्ञानिक
डॉ.
दिव्या
ई.
सुरेंद्रन
ने
बताया
कि
अगले
4
दिन
तक
प्रदेश
के
कई
जिलों
में
अति
भारी
या
भारी
बारिश
की
चेतावनी
जारी
की
गई
है।
मानसून
एक्टिव
होने
के
बाद
तेज
बारिश
बता
दें
कि
इस
बार
देश
में
मानसून
8
दिन
पहले
ही
आ
गया
था।
वहीं,
महाराष्ट्र,
छत्तीसगढ़
समेत
कई
राज्यों
में
यह
तय
समय
से
पहले
पहुंच
गया।
ऐसे
में
अनुमान
था
कि
मध्यप्रदेश
में
यह
जून
के
पहले
सप्ताह
में
ही
आ
जाएगा,
लेकिन
ऐसा
नहीं
हुआ।
पिछले
15
दिन
से
मानसून
महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़
में
एक
ही
जगह
पर
ठहरा
रहा।
इस
वजह
से
एमपी
में
इसकी
एंट्री
नहीं
हो
पाई।
13-14
जून
को
मानसून
आगे
बढ़ा।
बावजूद
यह
प्रदेश
में
1
दिन
लेट
हो
गया।
हालांकि,
3
दिन
में
ही
मानसून
ने
प्रदेश
के
53
जिलों
को
कवर
कर
लिया।
वहीं,
एक
के
ठहराव
के
बाद
बाकी
बचे
2
जिले-
भिंड
और
मऊगंज
में
भी
मानसून
एंटर
हो
गया।
इस
तरह
5
दिन
में
ही
मानसून
ने
पूरे
प्रदेश
को
कवर
कर
लिया।
एमपी
में
मानसून
के
प्रवेश
की
सामान्य
तारीख
15
जून
ही
है।
पिछले
साल
यह
21
जून
को
एंटर
हुआ
था।
मानसून
के
एक्टिव
होने
के
बाद
से
ही
पूरे
प्रदेश
में
तेज
बारिश
का
दौर
चल
रहा
है।
ऐसे
में
उम्मीद
है
कि
जून
की
सामान्य
बारिश
का
आंकड़ा
मानसून
पार
कर
लेगा।
अगले
4
दिन
ऐसा
रहेगा
मौसम
26
जून
:
बालाघाट,
अलीराजपुर
में
अति
भारी
बारिश
का
ऑरेंज
अलर्ट
है।
24
घंटे
में
यहां
8
इंच
तक
पानी
गिर
सकता
है।
नीमच,
मंदसौर,
झाबुआ,
धार,
सीहोर,
विदिशा,
रायसेन,
नर्मदापुरम,
सतना,
मैहर,
पन्ना,
सिवनी
और
मंडला
में
भारी
बारिश
हो
सकती
है।
भोपाल,
इंदौर,
उज्जैन,
ग्वालियर,
जबलपुर
समेत
अन्य
जिलों
में
बारिश
का
यलो
अलर्ट
है।
27
जून
:
शिवपुरी,
गुना,
अशोकनगर,
दमोह,
कटनी,
उमरिया,
शहडोल,
जबलपुर,
मंडला,
डिंडौरी,
अनूपपुर,
सिवनी
में
भारी
बारिश
का
अलर्ट
है।
अन्य
जिलों
में
भी
बारिश
का
दौर
जारी
रहेगा।
28
जून
:
ग्वालियर,
मुरैना,
भिंड,
दतिया,
अशोकनगर,
निवाड़ी,
टीकमगढ़,
छतरपुर,
रीवा,
जबलपुर,
मंडला,
सिवनी,
छिंदवाड़ा,
पांढुर्णा,
सीहोर,
विदिशा,
राजगढ़
में
भारी
बारिश
की
चेतावनी
है।
अन्य
जिलों
में
यलो
अलर्ट
जारी
किया
गया
है।
29
जून
:
ग्वालियर,
शिवपुरी,
नर्मदापुरम,
बैतूल,
छिंदवाड़ा,
पांढुर्णा,
सिवनी,
मंडला,
डिंडौरी,
अनूपपुर,
शहडोल,
मैहर,
सतना,
रीवा,
मऊगंज,
सीधी
और
सिंगरौली
में
भारी
बारिश
का
अलर्ट
है।
भोपाल,
इंदौर,
उज्जैन,
जबलपुर
समेत
अन्य
जिलों
में
बारिश
का
यलो
अलर्ट
है।