
नर्मदापुरम
जिला
मुख्यालय
पर
कई
ऐसे
निजी
अस्पताल
संचालित
हो
रहे
हैं,
जिनके
रजिस्ट्रेशन
समाप्त
हो
गए
हैं
और
बिना
रजिस्ट्रेशन
के
अवैध
रूप
से
अस्पताल
संचालित
किए जा
रहे
थे।
जब
स्वास्थ्य
विभाग
को
इसकी
जानकारी
मिली
तो
स्वास्थ्य
विभाग
में
हड़कंप
मच
गया।
आनन-फानन
में
मंगलवार
को स्वास्थ्य
विभाग
की
टीम
ने
मुख्यालय
पर
संचालित
हो
रहे
कई
अस्पतालों
का
निरीक्षण
किया।
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बता
दें
कि निरीक्षण
के
दौरान
नर्मदापुरम
में
मालखेड़ी
रोड
पर
एसपी
बंगले
के
सामने
जिला
अस्पताल
में
पदस्थ
एमडी
डॉक्टर
अंश
चुग
के
भाई
का
अस्पताल
सर्वजन
का
निरीक्षण
किया।
निरीक्षण
के
दौरान
स्वास्थ्य
विभाग
की
टीम
ने
अस्पताल
के
दस्तावेजों
की
जांच
की।
जांच
के
दौरान
अस्पताल
का
रजिस्ट्रेशन
दो साल
पहले
ही
समाप्त
होना
पाया
गया।
अस्पताल
अवैध
रूप
से
संचालित
हो
रहा
था।
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द्वारा
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अस्पताल
में
आईसीयू
और
सोनोग्राफी
की
मशीन
भी
पाई
गई, जिनको
संचालित
करने
के
भी
कोई
दस्तावेज
अस्पताल
संचालक
के
द्वारा
स्वास्थ्य
विभाग
को
प्रस्तुत
नहीं
किए गए।
अस्पताल
संचालक
के
दस्तावेज
नहीं
मिलने
पर
स्वास्थ्य
विभाग
की
टीम
ने
अस्पताल
को
सील
कर
दिया।
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ने
दर्ज
की
FIR
स्वास्थ्य
विभाग
की
टीम
जब
सर्वजन
अस्पताल
में
निरीक्षण
करने
के
लिए
पहुंची
तो
इस
बात
को
लेकर
अस्पताल
संचालक
और
परिजन
स्वास्थ्य
विभाग
की
टीम
से
बहस
करने
लगे।
इसके
बाद
स्वास्थ्य
विभाग
टीम
को
पुलिस
बुलाना
पड़ा।
पुलिस
की
मौजूदगी
में
स्वास्थ्य
विभाग
की
टीम
ने
कार्रवाई
की।
वहीं,
मामले
में
जिला
अस्पताल
की
सिविल
सर्जन
सुनीता
कामले
ने
जानकारी
देते
हुए
बताया
कि
स्वास्थ्य
विभाग
को
अस्पताल
के
अवैध
रूप
से
संचालित
होने
की
शिकायत
मिल
रही
जांच
करने
के
लिए
टीम
अस्पताल
पहुंची। जांच
के
दौरान
अस्पताल
बिना
रजिस्ट्रेशन
के
अवैध
रूप
से
संचालित
हो
रहा
था।
अस्पताल
का
रजिस्ट्रेशन
दो साल
पहले
2024
को
ही
समाप्त
हो
चुका
था।
बिना
रजिस्ट्रेशन
के
अस्पताल
संचालित
हो
रहा
था, जिसे
सील
किया
गया।