Damoh News: नेशनल हाईवे को मंजूरी, पहले फेज में दमोह से जबेरा तक बनेगी 45 किमी लंबी सड़क, टेंडर प्रक्रिया पूरी


दमोह
से
जबलपुर
के
बीच
110
किमी
लंबे
नेशनल
हाईवे
का
निर्माण
जल्द
ही
शुरू
होने
वाला
है।
NHAI
ने
पहले
फेज
में
दमोह
से
जबेरा
तक
42
किमी
लंबे
सड़क
खंड
के
निर्माण
के
लिए
पहला
टेंडर
जारी
कर
दिया
है,
जो
इसी
महीने
मई
में
खुलेगा।
लोगों
को
जल्द
ही
जबलपुर
तक
पहुंचने
में
सुविधा
हो
जाएगी,
जिसके
लिए
लोग
काफी
समय
से
इंतजार
कर
रहे
थे।
335
करोड़
की
लागत
से
बनने
वाली
इस
सड़क
को
दो
साल
में
पूरा
करने
का
लक्ष्य
तय
किया
है।
यह
सड़क
बनने
पर
दमोह
के
रहवासियों
को
जबेरा
तक
सफर
करने
में
महज
40
मिनट
का
समय
लगेगा,
जबकि
अभी
सड़क
जर्जर
होने
की
वजह
से
सफर
करने
में
वाहन
चालकों
को
1
से
1.25
घंटे
का
समय
लगता
है।
निर्माण
के
दौरान
अभाना
और
नोहटा
क्षेत्र
में
बाईपास
भी
प्रस्तावित
है,
ताकि
यातायात
सुगम
और
बाधा
रहित
बना
रहे।
इस
मार्ग
में
छह
बाईपास
बनाने
की
बात
भी
कही
जा
रही
है,
लेकिन
यह
तभी
तय
होगा
जब
सड़क
का
निर्माण
शुरू
हो
जाएगा।

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पत्नी


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प्रोजेक्ट
का
पहला
पड़ाव
पास

NHAI
के
महाप्रबंधक
अमृत
लाल
साहू
ने
बताया
दमोह
से
जबलपुर
के
बीच
हाईवे
तीन
चरणों
में
बनाया
जाएगा।
पहले
चरण
में
दमोह
से
जबेरा
तक
की
सड़क
बनेगी।
इसके
बाद
दूसरा
चरण
सिंग्रामपुर
से
कटंगी
और
तीसरा
चरण
कटंगी
से
जबलपुर
तक
होगा।
दिल्ली
से
पहले
पहले
फेस
की
स्वीकृति
मिल
गई
है।
जिसकी
टेंडर
प्रक्रिया
चालू
हो
गई
है।
उन्होंने
बताया
कि
दूसरे
चरण
के
निर्माण
से
पहले
एनएचएआई
को
वाइल्डलाइफ
एक्सपर्ट्स
से
सर्वे
कराना
होगा,
क्योंकि
प्रस्तावित
मार्ग
रानी
दुर्गावती
टाइगर
रिजर्व
के
बीच
से
गुजरता
है।
सिंग्रामपुर
से
कटंगी
के
बीच
में
कई
जगह
वन
विभाग
का
हिस्सा

गया
है।
ऐसे
में
विभाग
से
अनुमति
मांगी
गई
है।
इस
हिस्से
में
सड़क
बनेगी
या
ओवरब्रिज
यह
फैसला
सर्वे
रिपोर्ट
के
आधार
पर
होगा।
जब
तक
वन
विभाग
की
अनुमति
नहीं
मिलती,
तब
तक
बाकी
दोनों
चरणों
का
कार्य
आरंभ
नहीं
हो
सकेगा।
पहले
चरण
की
डिजाइन
और
ड्राइंग
कंपलीट
होने
के
बाद
इसकी
टेंडर
प्रक्रिया
चालू
कर
दी
गई
है।
इससे
पहले
टेंडर
प्रक्रिया
में
देरी
के
कारण
एनएचएआई
ने
सड़क
के
गड्ढे
भरवाकर
मरम्मत
कराई
थी।

बता
दें
दमोह-जबलपुर
की
दूरी
110
किमी
है
और
यह
मार्ग
2022
से
स्वीकृत
है।
उस
समय
दमोह
से
तत्कालीन
सांसद
प्रहलाद
पटेल
थे
उन्होंने
केंद्रीय
मंत्री
नितिन
गडकरी
से
इस
मार्ग
को
स्वीकृत
कराया
था।
नेशनल
हाइवे
2024
अगस्त
में
एनएचएआई
को
हैंडओवर
कर
दिया
गया
और
अब
दमोह
से
जबेरा
के
बीच
42
किमी
सड़क
बनाने
का
पहला
टेंडर
जारी
होने
वाला
है।