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:
बासित
जरगर
विस्तार
मध्य
प्रदेश
में
स्कूल
खुलने
वाले
हैं।
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
के
सख्त
निर्देशों
का
पालन
करने
में
जिला
प्रशासन
का
अमला
जुट
गया
है।
जबलपुर
में
18
स्कूलों
पर
कार्रवाई
की
गई
है।
इसके
बाद
अन्य
जिलों
में
भी
प्रशासनिक
अमले
ने
सक्रियता
बढ़ा
दी
है।
उमरिया
कलेक्टर
ने
निजी
स्कूलों
के
प्राचार्यों
और
संचालकों
के
साथ
बैठक
की।
उन्हें
सख्त
हिदायत
दी
कि
अभिभावकों
पर
किसी
खास
दुकान
से
पुस्तकें
और
गणवेश
खरीदने
का
दबाव
न
बनाया
जाए।
उमरिया
कलेक्टर
धरणेंद्र
कुमार
ने
स्कूल
संचालकों
और
प्राचार्यों
से
कहा
कि स्कूलों
में
शासन
द्वारा
निर्धारित
पाठ्यक्रम
की
पुस्तकों
से
ही
अध्यापन
का
कार्य
संपन्न
होना
चाहिए।
एनसीईआरटी
या
प्रदेश
सरकार
द्वारा
निर्धारित
पाठ्यक्रम
की
पुस्तकों
से
ही
पढ़ाया
जाए।
किसी
अन्य
प्रकाशक
या
मुद्रक
की
पुस्तकें
अध्यापन
में
उपयोग
न
की
जाए।
न
ही
गणवेश
या
अन्य
अध्यापन
सामग्री
के
लिए
अभिभावको
पर
दबाव
डाला
जाए।
न
ही
किसी
खास
दुकान
से
गणवेश
या
अध्यापन
सामग्री
क्रय
करने
के
लिए
बाध्य
किया
जाए।
यदि
ऐसा
पाया
गया
तो
संबंधित
स्कूलों
एवं
उनके
संचालक
मंडल
के
विरुध्द
शासन
के
प्रावधान
के
अनुसार
कार्रवाई
की
जाएगी। बैठक
में
जिला
शिक्षा
अधिकारी
एमएस
गौर,
जिला
समन्वयक
सर्व
शिक्षाअभियान
सुशील
मिश्रा,
अशासकीय
स्कूलों
के
संचालक
एवं
प्राचार्य
उपस्थित
रहे।
NCERT,
SCERT
की
किताबों
से
पढ़ाया
जाए
राज्य
शासन
ने
आदेश
जारी
किया
है
कि
स्कूल
प्रबंधन
एवं
प्राचार्य
एनसीईआरटी,
एससीईआरटी
से
संबंधित
पुस्तकों
के
साथ
अन्य
प्रकाशकों
की
अधिक
मूल्य
की
पुस्तकें
एवं
अन्य
सामग्री
क्रय
करने
के
लिए
अभिभावकों
पर
अनुचित
दबाव
न
बनाएं।
यदि
कोई
स्कूल
ऐसा
करता
पाया
जाए
तो
उस
पर
सख्त
कार्रवाई
की
जाए।
इसमें
स्कूल
की
मान्यता
खत्म
करने
से
लेकर
एफआईआर
करने
तक
के
प्रावधान
हैं।