
भारत
से
11,000
किमी दूर,
फिजी
देश
में
बागेश्वर
मठ
का
कार्य
प्रारंभ
है,
अब
बागेश्वर
महाराज
ने
बिहार
राज्य
में
भी
बागेश्वर
मठ
बनाने
की
बात
कही।
उन्होंने
कहा
कि
मुंबई
की
तरह
बिहार
में
भी
बागेश्वर
का
धाम
बनाएंगे,
ताकि
वहां
के
लोगों
के
परेशान
नहीं
होना
पड़े।
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पर
बाबा
विश्वनाथ
की
रज
से
महाराज
ने
किया
तिलक,
बधाई
देने
उमड़ा
जनसैलाब
बता
दें
कि
बागेश्वर
सरकार
6
जुलाई
को
पटना
के
गांधी
मैदान
में
सनातन
महाकुंभ
में
शामिल
होने
के
लिए
गए
थे।
वहां
बागेश्वर
महाराज
और
गुरु
रामभद्राचार्य
जी
सहित
500
से
अधिक
साधु-संत
शामिल
हुए।
इस
दौरान
बागेश्वर
महाराज
ने
अपने
उद्बोधन
में
कहा
कि
अगर
हिंदू
राष्ट्र
की
शुरुआत
होगी
तो
वह
पहला
राज्य
बिहार
होगा।
पटना
में
हम
राजनीति
नहीं,
रामनीति
के
चक्कर
में
आए।
बिहार
चुनाव
के
बाद
बिहार
में
पद
यात्रा
करेंगे,
जातिवाद
पर
नहीं,
राष्ट्रवाद
जिएंगे
और
कुछ
लोग
तिरंगा
में
चांद
देखना
चाहते
हैं,
हम
चांद
पर
तिरंगा
देखना
चाहते
हैं।
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बाबा
का
जन्मदिन,
धीरेंद्र
शास्त्री
ने
भक्तों
से
उपहार
के
बदले
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ये
चीज
बागेश्वर
महाराज
सनातन
महाकुंभ
पटना
से
शाम
को
वापस
धाम
पहुंचे,
जहां
उन्होंने
दिव्य
दरबार
लगाया।
दरबार
के
प्रारंभ
में
कहा
कि
बिहार
का
कर्जा
हम
कभी
नहीं
चुका
पाएंगे।
जब
हमें
मौका
मिलता
है
हम
बिहार
चलते
हैं।
हमने
रास्ते
में
चेलों
से
कहा
कि
एक
मठ
बिहार
में
भी
होना
चाहिए।
5-6
महीनों
में
निर्णय
लेंगे
कि
बिहार
में
कहां
मठ
बनेगा।
एक
मठ
स्थापित
करेंगे
ताकि
बिहार
बहुत
गरीब,
मिथिलांचल,
मधुबनी,
मुजफ्फरपुर,
दरभंगा
इस
क्षेत्र
के
लोग
बड़ी
दूर
से
2,
3
ट्रेनों
को
बदलकर
बागेश्वर
धाम
आते
हैं।
10-15
दिन
हम
तक
पहुंचने
में
लग
जाते
हैं।
उनके
ही
क्षेत्र
में
बागेश्वर
हनुमान
का
विग्रह
स्थापित
करेंगे,
जो
समर्थवान
हैं
वो
यहां
आ
जाएंगे।
बाकी
6-7
महीने
में
हम
वहां
पहुंच
जाएंगे।

छतरपुर
पहुंचकर
लोगों
से
मिलते
बाबा
बागेश्वर

बाबा
बागेश्वर
ने
बिहार
से
लौटकर
बागेश्वर
धाम
पर
दरबार
लगाया।

धाम
पहुंचकर
लोगों
से
मिलते
बाबा
बागेश्वर