Shahdol News: शहडोल मेडिकल कॉलेज में पर्ची के लिए अब नहीं लगेगी लंबी कतार, स्कैन एंड शेयर OPD शुरू

Shahdol News: शहडोल मेडिकल कॉलेज में पर्ची के लिए अब नहीं लगेगी लंबी कतार, स्कैन एंड शेयर OPD शुरू
Now there will be no long queues for cutting the slips.Scan and share OPD system started in medical college

ओपीडी
के
सामने
लगे
बारकोड
को
स्कैन
करता
मरीज
का
परिजन

विस्तार

शहडोल
जिले
के
बिरसा
मुंडा
चिकित्सा
महाविद्यालय
में
अब
मरीजों
को
ओपीडी
पर्ची
कटाने
के
लिए
लंबी
कतार
मे
नहीं
लगना
पड़ेगा।
नई
व्यवस्था
के
बाद
अब
इससे
मुक्ति
मिल
जाएगी।
मेडीकल
कॉलेज
में
मरीजों
को
ओपीडी
दिखाने
के
लिए
आधे
घंटे
से
ज्यादा
का
समय
सिर्फ
पर्चा
बनवाने
में
लग
जाया
करता
था।
इससे
मरीज
और
परिजन
लगातार
परेशान
हो
रहे
थे।
उक्त
व्यवस्था
में
सुधार
के
लिए
शासन
ने
आयुष्मान
भारत
डिजिटल
मिशन
के
अंतर्गत
स्कैन
एंड
शेयर
ओपीडी
पद्धति
अपनाई
है।
इसकी
शुरुआत
अब यहां
के
शासकीय
चिकित्सा
महाविद्यालय
में
भी
हो
गई
है।

इस
संबंध
मे
अस्पताल
अधीक्षक
डॉ
नागेंद्र
सिंह
ने
बताया
कि
मरीजों
के
हितों
को
ध्यान
में
रखते
हुए
इस
व्यवस्था
को
शुकवार
से
अमल
में
लाया
गया
है।
इस
प्रकिया
के
आरंभ
हो
जाने
से
मरीजों
को
अब
लंबी
कतार
से
आजादी
मिल
जाएगी।
स्कैन
एंड
शेयर
के
उपयोग
की
जानकारी
देते
हुए
डॉ.
सिंह
ने
बताया
कि
इसका
उपयोग
बहुत
आसान
है।
इसके
लिए
मरीज
को
अपने
मोबाइल
में
आभा
एप्लीकेशन
डाउनलोड
करना
होगा।
इसे
आधार
नंबर
अथवा
रजिस्टर्ड
मोबाइल
नंबर
द्वारा
वेरिफाई
करना
होगा।
आभा
के
वेरिफाई
होने
के
बाद
अस्पताल
में
लगे
क्यूआर
कोड
को
स्कैन
करना
होगा।
इससे
मरीज
को
टोकन
नंबर
मिल
जाएगा।
इसके
बाद
रिसेप्शन
में
अपना
नम्बर
डिसप्ले
होने
पर
पर्चा
प्राप्त
कर
मरीज
संबंधित
विभाग
में
अपनी
जांच
करवा
सकता
है।
उक्त
पूरी
प्रक्रिया
आसानी
से
केवल
दस
मिनट
में
पूरी
हो
जाएगी।
अस्पताल
प्रबंधक
डॉ
साबिर
खान
ने
बताया
कि
मरीजों
और
उनके
परिजनों
की
सहायता
के
लिए
रिसेप्शन
के
पास
वॉलंटियर
भी
मौजूद
रहते
है।
ताकि
मरीज
को
एप्लिकेशन
डाउनलोड
करने
में
या
अन्य
किसी
कार्य
में
समस्या
ना
हो।
जिस
मरीज
का
आभा
कार्ड
बना
हुआ
है।
उन्हें
स्कैन
एंड
शेयर
के
उपयोग
में
मदद
की
जा
रही
है।
इन
मरीज
का
आभा
कार्ड
नही
बना
है।
उन्हें
आभा
कार्ड
बनवाने
में
अस्पताल
के
वॉलेंटियर
लगातार
सहायता
कर
रहे
हैं।
डॉ.
खान
ने
बताया
कि
आभा
एप्लिकेशन
में
मरीज
के
सभी
उपचार
सम्बंधित
दस्तावेज
अपलोड
करके
सुरक्षित
रखे
जा
सकते
हैं।
जरूरत
होने
पर
किसी
भी
स्थान
में
एप्लीकेशन
से
डाउनलोड
किए
जा
सकते
है।
अब
मरीज
को
लंबी
कतार
के
साथ-साथ
पर्चा
संभालने
से
भी
आजादी
मिल
जाएगी।