Anuppur News: अनूपपुर, इंदौर समेत पांच जिलों में फर्जी बैंक बनाकर डेढ़ करोड़ की ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार

पुलिस
ने
फर्जी
बैंक
बनाकर
डेढ़
करोड़
रुपये
की
ठगी
के
दो
आरोपियों
को
गिरफ्तार
कर
लिया।
आरोपियों
ने
अनूपपुर
समेत
पांच
जिलों
में
फर्जी
बैंक
खोलते
हुए
लोगों
को
25
से
30
प्रतिशत
ब्याज
का
झांसा
देकर
डेढ़
करोड़
रुपये
बैंक
खातों
में
जमा
कराए
और
फिर
एक
दिन
बैंक
को
बंद
कर
फरार
हो
गए।
मामले
की
शिकायत
पीड़ित
उपभोक्ताओं
ने
जब
पुलिस
के
पास
की
तो
जांच
में
पुलिस
भी
हैरान
रह
गई,
क्योंकि
जिस
नाम
से
बैंक
का
संचालन
किया
जा
रहा
था,
ऐसी
कोई
बैंक
थी
ही
नहीं।

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आरोपियों
ने
आईडीसीएस
इंडिया
नाम
से
ग्राहकों
से
अपनी
फर्जी
बैंक
में
फिक्स
डिपाजिट
कराए
थे
और
लोन
दिलाने
का
झांसा
दिया
था।
ये
फर्जी
बैंक
अनूपपुर,
डिंडौरी,
मंडला,
बालाघाट
एवं
इंदौर
में
खोली
थी।
यहां
ग्राहकों
से
लाखों
रुपये
की
फिक्स
डिपाजिट
कराई
गई।
फरियादी
अभिजीत
सिंह
पिता
चारधाम
सिंह
उम्र
करीब
32
साल
निवासी
वार्ड
नंबर
14
पुरानी
बस्ती
अनूपपुर
ने
कोतवाली
अनूपपुर
में
रिपोर्ट
दर्ज
कराई
कि
तहसील
कार्यालय
के
पास
गिरधारीलाल
सोनी
के
किराये
के
भवन
में
खोली
गई
आईडीसीएस
इंडिया
नाम
की
बैक
के
ब्रांच
मैनेजर
दीपक
उपाध्याय
एवं
सीईओ
योगेश
श्रीवास
ने
जमा
राशि
पर
6
प्रतिशत
प्रतिमाह
ब्याज
देने
का
झांसा
देकर
3
दिसंबर
2024
को
एक
लाख
रुपये
की
फिक्स
डिपाजिट
कराई
और
बांड
लेटर
दिया।
पिछले
तीन
माह
से
कंपनी
का
ऑफिस
बंद
है
एवं
ब्याज
राशि
भी
मिलना
बंद
हो
चुकी
है।


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रिपोर्ट
पर
थाना
कोतवाली
अनूपपुर
में
अपराध
दर्ज
कर
गठित
पुलिस
टीम
ने
बैंक
के
अनूपपुर
कार्यालय
को
सीलबंद
कर
दिया
गया।
साथ
ही
मंडला
पहुंचकर
कंपनी
के
मालिक
एवं
सीईओ
योगेश
श्रीवास
पिता
कन्हैयालाल
श्रीवास
उम्र
22
वर्ष
निवासी
महराजपुर
जिला
मंडला
एवं
ब्रांच
मैनेजर
दीपक
उपाध्याय
पिता
चंद्रिका
प्रसाद
उपाध्याय
उम्र
28
वर्ष
निवासी
भुआ
बिछिया
जिला
मंडला
को
गिरफ्तार
कर
पूछताछ
की
जा
रही
है।
इसके
साथ
ही
बैंक
संचालन
के
लिए
मकान
किराए
से
देने
वाले
व्यक्ति
के
विरुद्ध
भी
अपराध
दर्ज
किया
गया
है।

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में
गंदे
नाले
का
पानी
पीने
को
मजबूर
बैगा,
बूंद-बूंद
के
लिए
कर
रहे
संघर्ष


जब्त
किए
गए
बैंक
से
संबंधित
दस्तावेज

शनिवार
की
शाम
कोतवाली
अनूपपुर
पुलिस
ने
सीलबंद
किए
गए
आईडीसीएस
इंडिया
के
कार्यालय
की
तलाशी
में
एफडी
एवं
लोन
के
कई
दस्तावेज,
5
स्मार्ट
फोन,
लैपटॉप,
2
प्रिंटर,
बैंक
चेक,
स्टेट
बैंक
आफ
मॉरिसस
के
फर्जी
तैयार
बैकिंग
फार्म
विभिन्न
बिल,
स्टेशनरी
सामान
जब्त
किया
गया।
अभी
तक
की
विवेचना
में
81
निवेशको
से
कुल
1
करोड़
51
लाख
रुपये
की
धोखाधड़ी
की
जानकारी
मिली
है। 


लग्जरी
कार
समेत
अन्य
संपत्तियां
जब्त
की
जाएंगी

मुख्य
आरोपी
योगेश
श्रीवास
ने
निवेशकों
की
गाढी
कमाई
से
प्राप्त
धनराशि
से
20
लाख
रुपये
की
महंगी
लक्जरी
कार,
साढ़े
तीन
लाख
रुपये
की
मोटर
सायकल,
पांच
लाख
रुपये
के
सोने
के
जेवरात,
मंडला
में
50
लाख
रुपये
का
आवासीय
प्लाट
खरीद
चुका
है।
उसे
पुलिस
जब्त
करने
की
कार्रवाई
में
जुटी
है।
पुलिस
ने
आरोपियों
के
सभी
बैंक
खाते
सीज
करा
दिए
हैं।

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लगा
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जल
योजनाएं
और
181
हैंडपंप
गर्मी
के
इस
मौसम
में
पड़े
बंद


53
लोगों
को
नौकरी
पर
रखा,
वेतन
भी
नहीं
दिया

आरोपियों
ने
फर्जी
बैंक
का
संचालन
पांच
जिलों
में
प्रारंभ
किया
और
यहां
बैंक
स्टाफ
के
रूप
में
53
लोगों
की
नियुक्ति
की।
इनकी
नियुक्ति
के
वक्त
उन्हें
यह
नहीं
बताया
गया
कि
यह
बैंक
फर्जी
है।
कुछ
दिनों
में
वेतन
मिल
जाने
की
बात
कह
कर
उनसे
काम
लेते
रहे।