
जबलपुर
जिले
में
एक
बार
फिर
गेहूं
खरीदी
में
बड़ा
घोटाला
सामने
आया
है।
बरेला
और
सिहोरा
थाना
क्षेत्र
में
खाद्य
अधिकारियों
की
शिकायत
पर
खरीदी
केंद्र
प्रभारी,
कंप्यूटर
ऑपरेटर
सहित
अन्य
के
खिलाफ
प्रकरण
दर्ज
किया
गया
है।
दोनों
स्थानों
पर
करीब
एक
करोड़
रुपये
के
गेहूं
की
हेराफेरी
का
मामला
सामने
आया
है।
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बरेला:
53
लाख
से
अधिक
का
गेहूं
गायब
बरेला
पुलिस
से
प्राप्त
जानकारी
के
अनुसार,
खाद्य
विभाग
की
ओर
से
की
गई
शिकायत
में
बताया
गया
कि
श्री
शक्ति
संकुल
स्तरीय
संगठन,
पिपरिया
द्वारा
संचालित
गेहूं,
जिसे
पटपरा
स्थित
शिवांशी
वेयरहाउस
में
रखा
गया
था,
वहां
53
लाख
34
हजार
940
रुपये
कीमत
का
2051.90
क्विंटल
गेहूं
कम
पाया
गया।
जांच
में
यह
भी
सामने
आया
कि
यह
गेहूं
खरीदा
ही
नहीं
गया
था,
फिर
भी
शासन
से
राशि
प्राप्त
कर
ली
गई।
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ये
भी
पढ़ें: 45
साल
की
महिला
से
सामूहिक
दुष्कर्म,
बेहोश
मिली,
अंदरूनी
अंग
बाहर
पड़े
थे,
कुछ
देर
बात
मौत;
यह
भी
आशंका
4104
बोरियां
कम
मिलीं
कलेक्टर
द्वारा
गठित
जांच
टीम
को
जांच
के
दौरान
243
किसानों
का
डाटा
मिला,
जिनसे
कुल
31410.40
क्विंटल
गेहूं
की
खरीदी
हुई
थी।
वहीं,
संस्था
द्वारा
पोर्टल
पर
62820
बोरियों
की
खरीदी
दर्ज
की
गई,
जबकि
गोदाम
में
गिनती
करने
पर
केवल
58717
बोरियां
ही
मिलीं-
यानी
4104
बोरियां
कम
पाई
गईं।
इस
मामले
में
श्री
शक्ति
संकुल
की
प्रबंधक
व
खरीदी
केंद्र
प्रभारी
शिववती
आर्मो,
कंप्यूटर
ऑपरेटर
देवी
साहू,
और
ग्राउंड
सर्वेयर
आकाश
ठाकुर
सहित
अन्य
के
खिलाफ
एफआईआर
दर्ज
कर
जांच
शुरू
कर
दी
गई
है।
ये
भी
पढ़ें: ‘ये
मुस्लिम
मोहल्ला!
तिलक
लगाकर
आया
तो
उड़ा
दूंगा’,
धमकी
देकर
आसिम
ने
नेता
को
जड़ा
तमाचा;
क्या
है
मामला?
मझौली:
42
लाख
से
अधिक
की
हेराफेरी
इसी
तरह
मझौली
के
ग्राम
लटुआ
रीछी
स्थित
उपार्जन
स्थल
‘अन्नपूर्णा
आदित्य
ग्रेडिंग
एंड
वेयरहाउस’
की
जांच
में
यह
तथ्य
सामने
आया
कि
वहां
328
किसानों
से
समर्थन
मूल्य
पर
31288
क्विंटल
गेहूं
की
खरीदी
दर्ज
थी,
जबकि
मौके
पर
केवल
19040
क्विंटल
गेहूं
ही
मिला।
यहां
1623
क्विंटल
गेहूं,
जिसकी
कीमत
42
लाख
19
हजार
800
रुपये
आंकी
गई
है,
कम
पाया
गया।
जांच
में
सामने
आया
कि
समिति
प्रबंधक
व
खरीदी
केंद्र
प्रभारी
सूरज
सिंह,
कंप्यूटर
ऑपरेटर
अंकुश
पटेल
और
ग्राउंड
सर्वेयर
हर्षित
कुर्मी
ने
आपसी
सांठगांठ
कर
बिना
वास्तविक
खरीदी
के
ई-उपार्जन
पोर्टल
पर
फर्जी
प्रविष्टियां
कीं।
ये
भी
पढ़ें: प्यार,
रेप
और
ब्लैकमेलिंग,
नागदा
कांड
का
एक
आरोपी
केदारनाथ
भागा,
ये
नहीं
होता
तो
लंबा
चलता
दरिंदगी
का
खेल
पुलिस
ने
दर्ज
किए
केस
खाद्य
विभाग
की
रिपोर्ट
और
जांच
प्रतिवेदन
के
आधार
पर
पुलिस
ने
दोनों
मामलों
में
आरोपियों
के
विरुद्ध
प्रकरण
दर्ज
कर
उन्हें
विवेचना
में
लिया
है।
जांच
जारी
है
और
मामले
में
और
भी
खुलासे
हो
सकते
हैं।