
छतरपुर
जिले
के
बमीठा
थाना
क्षेत्र
अंतर्गत
ग्राम
गढ़ा
बगेश्वरधाम
में
बने
होमस्टे
के
हादसे
से
प्रशासन
और
पुलिस
एक्टिव
मोड
में
आ
गई
है।
मंगलवार
को
कलेक्टर
एवं
एसपी
ने
मौके
पर
जाकर
अन्य
अधिकारियों
के
माध्यम
से
निरीक्षण
कराया
और
गैर
कानूनी
ढंग
से
बने
होमस्टे
को
गिराने
के
निर्देश
दिए।
एक
होमस्टे
सील
कर
दिया
गया
है।
निरीक्षण
में
तीन
घरेलू
गैस
सिलिंडर
भी
जब्त
किए
गए
हैं।
मानकों
को
दरकिनार
कर
बने
होमस्टे
गिराए
जा
रहे
हैं।
जानकारी
के
मुताबिक
भारी
बारिश
और
आसपास
कहीं
बिजली
के
गिरने
की
धमक
से
एक
ढाबे
की
दीवार
गिर
गई,
जिससे
उसमें
करीब
एक
दर्जन
लोग
दब
गए।
इस
हादसे
में
एक
महिला
की
मौत
हो
गई।
अन्य
लोग
घायल
हो
गए।
इस
घटना
के
बाद
कलेक्टर
पार्थ
जायसवाल
और
एसपी
अगम
जैन
गढ़ा
पहुंचे,
जहां
उन्होंने
होम
स्टे
की
जांच
करवाई।
जांच
के
दौरान
कई
होम
स्टे
मानकों
के
अनुरूप
नहीं
मिले,
जिन्हें
गिराने
के
आदेश
दिए
गए।
देर
शाम
प्रशासन
की
जेसीबी
ने
होमस्टे
गिराने
शुरू
कर
दिए।
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निरीक्षण
के
दौरान
राजेंद्र
सिंह
घोष
के
होम
स्टे
को
राधेश्याम
चौरसिया
किराए
पर
संचालित
कर
रहे
थे।
इसमें
कमी
पाए
जाने
पर
सील
कर
दिया
गया।
कार्रवाई
के
दौरान
राजनगर
एसडीएम
प्रशांत
अग्रवाल,
खजुराहो
एसडीओ
की
नवीन
दुबे,
नौगांव
एसडीओपी
अमित
मेश्राम,
जनपद
सीईओ
राकेश
शुक्ला,
तहसीलदार
धीरज
गौतम,
एमपीईबी,
खाद्य
विभाग
के
अधिकारियों
के
अलावा
ग्राम
पंचायत
के
सचिव
और
पटवारी
उपस्थित
रहे।