Rajgarh News: महिला ने गटका जहर, खंभे पर चढ़ा युवक, अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम के फूले हाथ-पांव


जीरापुर
के
समीपवर्ती
काशीखेड़ी
गांव
में
अतिक्रमण
हटाने
पहुंची
प्रशासनिक
टीम
को
ग्रामीणों
के
तीखे
विरोध
का
सामना
करना
पड़ा।
कार्रवाई
के
दौरान
उस
वक्त
हालात
बेकाबू
हो
गए
जब
एक
महिला
ने
तहसीलदार
और
पुलिसकर्मियों
के
सामने
जहरीला
पदार्थ
पी
लिया,
जबकि
उसका
भतीजा
गांव
में
ही
स्थित
33
केवी
की
हाईटेंशन
लाइन
के
खंभे
पर
चढ़
गया
और
जमकर
हंगामा
किया।

जानकारी
के
अनुसार,
तहसीलदार
आर.पी.
सिंह
गौड़,
थाना
प्रभारी
प्रदीप
गोलियां
और
बड़ी
संख्या
में
पुलिस
बल
के
साथ
प्रशासन
की
टीम
सोमवार
सुबह
काशीखेड़ी
पहुंची
थी।
टीम
मानसिंह,
बनेसिंह
और
कमल
दांगी
के
कथित
अतिक्रमण
में
बने
मकानों
को
गिराने
के
लिए
3–4
जेसीबी
मशीनें
लेकर
आई
थी।
प्रशासनिक
टीम
के
पहुंचते
ही
ग्रामीणों
में
हड़कंप
मच
गया।
पहले
तो
प्रभावित
परिवार
ने
हाथ
जोड़कर
कार्रवाई
रोकने
की
गुहार
लगाई,
लेकिन
जब
तोड़फोड़
शुरू
करने
की
बात
कही
गई,
तो
परिवार
ने
आत्महत्या
की
चेतावनी
दे
डाली।
इसके
बावजूद
कार्रवाई
जारी
रही,
तो
बनेसिंह
की
पत्नी
अनारबाई
(55)
ने
सबके
सामने
जहर
पी
लिया।
वहीं,
उनका
भतीजा
रामचरण
33
केवी
बिजली
के
खंभे
पर
चढ़
गया
और
जान
देने
की
धमकी
देने
लगा।

हालात
बिगड़ते
देख
प्रशासन
ने
बिजली
कंपनी
को
फोन
कर
लाइन
बंद
करवाई,
जिससे
बड़ा
हादसा
टल
गया।
काफी
प्रयासों
के
बाद
युवक
को
नीचे
उतारा
गया।
जहर
पीने
के
बाद
गंभीर
हालत
में
अनारबाई
को
जीरापुर
अस्पताल
ले
जाया
गया,
जहां
प्राथमिक
उपचार
के
बाद
उसे
जिला
अस्पताल
रेफर
कर
दिया
गया।

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ने
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स्थानीय
विधायक
पर
लगाए
आरोप

बनेसिंह
ने
बताया
कि
उनके
परिवार
के
पांच
भाई
बीते
65
वर्षों
से
काशीखेड़ी
गांव
में
रह
रहे
हैं।
उनका
आरोप
है
कि
बीते
छह
महीनों
से
स्थानीय
विधायक
और
उनके
पुत्र
के
इशारे
पर
उन्हें
अतिक्रमण
के
नाम
पर
टारगेट
किया
जा
रहा
है।
गांव
के
अधिकांश
घर
सरकारी
जमीन
पर
बने
हैं,
लेकिन
हमें
चुन-चुनकर
परेशान
किया
जा
रहा
है,”
जबकि
विधायक
का
सबसे
ज्यादा
सरकारी
जमीन
पर
अतिक्रमण
है।
उनका
नहीं
तोड
कर
प्रसासन
हमें
परेशान
कर
रहे
है।


पीड़ित
बोले-
नोटिस
में
दिए
सिर्फ
12
घंटे

पीड़ित
परिवार
ने
यह
भी
आरोप
लगाया
कि
रविवार
रात
करीब
10
बजे
प्रशासन
ने
उन्हें
12
घंटे
के
भीतर
मकान
खाली
करने
का
नोटिस
थमा
दिया।
सोमवार
सुबह
10
बजे
ही
जेसीबी
लेकर
प्रशासन
टीम
मकान
तोड़ने
पहुंच
गई।
हमने
अधिकारियों
से
कहा
कि
मकान
के
अंदर
25
कट्टे
प्याज,
तीन
ट्राली
लहसुन,
चार
ट्रॉली
गेहूं
और
भूसा
भरा
हुआ
है।
थोड़ा
वक्त
दीजिए,
लेकिन
जवाब
मिला…
मकान
खाली
नहीं
किया
तो
अब
टूटेगा।
बनेसिंह
का
आरोप
है
कि
तहसीलदार
ने
उन्हें
धमकाते
हुए
कहा
कि
मरना
है
तो
मरो,
मकान
जरूर
टूटेगा।
इसके
बाद
ही
उनकी
पत्नी
ने
जहर
खा
लिया
और
भतीजा
खंभे
पर
चढ़
गया।

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जांच
और
कार्रवाई
की
मांग

ग्रामीणों
ने
तहसीलदार
और
अन्य
जिम्मेदार
अधिकारियों
पर
कार्रवाई
की
मांग
की
है।
पीड़ित
परिवार
ने
दोषियों
पर
एफआईआर
दर्ज
कर
तहसीलदार
को
सस्पेंड
करने
की
मांग
उठाई
है।


क्या
बोले
तहसीलदार

जीरापुर
तहसीलदार आरपी
सिंह
गौड़
ने
बताया
कि बेदखली
का
नोटिस
देने
के
बाद
आज
सुबह
बड़ी
संख्या
में
पुलिस
बल
हमारा
राजस्व
विभाग
अतिक्रमण
हटाने
गए
थे।
उन्हें
घर
से
बाहर
निकालने
की
समझाइश
दी।
तो
तभी
उन
लोगों
के
द्वारा
अभद्रता
की
गई।
गाली
गलौज
और
मारपीट
करने
को
उतारू
हो
गये।
एक
युवक
विद्युत
पोल
पर
चढ़
गया।
वहीं
एक
महिला
ने
जहरीला
पदार्थ
पीकर
आत्महत्या
करने
की
कोशिश
की।
तभी
हमने
कार्रवाई
को
स्थागित
कर
काशी
खेड़ी
गांव
के
कुछ
लोगों
के
खिलाफ
शासकीय
कार्य
में
बाधा
डालने
की
एफआईआर
दर्ज
करने
के
लिए
थाना
प्रभारी
जीरापुर
को
आदेशित
किया
है।