
नरसिंहपुर
जिला
अस्पताल
में
दिनदहाड़े
हुई
नर्सिंग
छात्रा
की
निर्मम
हत्या
ने
पूरे
जिले
को
हिलाकर
रख
दिया
है।
यह
घटना
न
सिर्फ
कानून-व्यवस्था
पर
गंभीर
सवाल
खड़े
करती
है,
बल्कि
जिला
अस्पताल
की
सुरक्षा
व्यवस्था
की
भी
पोल
खोलती
है।
पिछले
शुक्रवार
को
अस्पताल
परिसर
में
नर्सिंग
की
ट्रेनिंग
ले
रही
छात्रा
संध्या
चौधरी
की
गला
रेत
कर
हत्या
कर
दी
गई।
यह
खौफनाक
वारदात
उसी
अस्पताल
में
हुई
जहां
लोगों
का
इलाज
होता
है।
आरोपी
अभिषेक
उर्फ
तरुण
कोष्टी
ने
संध्या
पर
कई
बार
चाकू
से
हमला
किया।
इस
दौरान
अस्पताल
में
मौजूद
लोग
तमाशबीन
बने
रहे,
किसी
ने
उसे
रोकने
की
हिम्मत
नहीं
दिखाई।
सिविल
सर्जन
के
अनुसार,
कुछ
कर्मचारियों
ने
रोकने
की
कोशिश
की
थी,
लेकिन
आरोपी
उन्हें
धमका
रहा
था।
विज्ञापन
Trending
Videos
इस
निर्मम
हत्या
का
एक
वीडियो
भी
सामने
आया
है,
जिसमें
आरोपी
लगातार
संध्या
के
गले
पर
वार
करता
दिख
रहा
है।
घटना
के
बाद
आरोपी
ने
खुद
पुलिस
के
सामने
आत्मसमर्पण
कर
दिया।
घायल
हालत
में
उसे
अस्पताल
में
भर्ती
कराया
गया।
संध्या
की
मां
और
दादी
ने
मीडिया
से
बात
करते
हुए
अपनी
बेटी
के
लिए
न्याय
की
गुहार
लगाई।
वहीं,
अस्पताल
प्रशासन
ने
अपनी
असहायता
जताई
है।
घटना
के
बाद
मौके
पर
मौजूद
डॉक्टरों
को
मानसिक
आघात
की
बात
कहकर
छुट्टी
पर
भेज
दिया
गया
है।
विज्ञापन
पुलिस
ने
इसे
“रेयर
ऑफ
द
रेयरेस्ट”
केस
मानते
हुए
जल्द
से
जल्द
चार्जशीट
तैयार
कर
कोर्ट
में
पेश
करने
की
बात
कही
है।
पुलिस
के
अनुसार,
संध्या
और
आरोपी
के
बीच
सोशल
मीडिया
के
ज़रिए
दोस्ती
हुई
थी,
जो
बाद
में
प्रेम
संबंधों
में
बदली।
लेकिन
जब
आरोपी
को
संध्या
की
किसी
और
से
बातचीत
की
जानकारी
मिली
तो
उसने
यह
क्रूर
कदम
उठाया।
यह
भी
पढ़ें: सुभाष
नगर
ओवरब्रिज
पर
फिर
हादसा,
स्कूल
वैन
डिवाइडर
से
टकराई,
बच्चे
सुरक्षित
पोस्टमार्टम
रिपोर्ट
भी
बताती
है
कि
संध्या
की
गर्दन
पर
एक
ही
बार
में
इतना
गहरा
वार
किया
गया
कि
उसने
मौके
पर
ही
दम
तोड़
दिया।
डॉक्टरों
के
मुताबिक,
यह
पूरी
तरह
से
पूर्व
नियोजित
हत्या
थी।
यह
घटना
एक
बार
फिर
यह
सोचने
पर
मजबूर
कर
रही
है
कि
आखिर
महिलाएं
कब
सुरक्षित
होंगी,
और
अस्पताल
जैसे
सुरक्षित
माने
जाने
वाले
स्थानों
में
भी
कब
तक
जान
का
खतरा
बना
रहेगा।
अब
निगाहें
अदालत
पर
हैं
कि
वह
इस
हत्यारे
को
क्या
सजा
सुनाती
है।