
प्रदेश
के
छतरपुर
में
स्थित
बागेश्वर
धाम
में
आज
प्रधानमंत्री
नरेंद्र
मोदी
पहुंचे।
वे
यहां
बनने
वाले
कैंसर
अस्पताल
की
नींव
रखने
आए
थे।
उन्होंने
करीब
35
मिनट
जनता
को
संबोधित
किया।
इस
दौरान
विपक्ष
पर
हमला
बोला,
धीरेंद्र
शास्त्री
की
तारीफ
की
और
उनकी
मां
से
भी
मुलाकात
भी
की।
कुछ
लोग
हैं,
जो
हमारी
संस्कृति
और
सिद्धांतों
पर
हमला
करते
रहते
हैं
पीएम
मोदी
ने
बुंदेलखंडी
में
बोलकर
अपने
भाषण
की
शुरुआत
की।
मोदी
ने
कहा
कि
बहुत
ही
कम
दिनों
में
मुझे
दूसरी
बार
वीरों
की
इस
धरती
बुंदेलखंड
आने
का
सौभाग्य
मिला
है।
इस
बार
तो
बालाजी
का
बुलावा
आया
है।
ये
हनुमान
जी
की
कृपा
है
कि
आस्था
का
ये
केंद्र
अब
आरोग्य
का
केंद्र
भी
बनने
जा
रहा
है।
अभी
मैंने
यहां
श्री
बागेश्वर
धाम
मेडिकल
साइंस
एंड
रिसर्च
इंस्टीट्यूट
का
भूमिपूजन
किया
है।
ये
संस्थान
दस
एकड़
में
बनेगा।
पहले
चरण
में
ही
100
बेड
की
सुविधा
होगी।
मैं
इस
काम
के
लिए
धीरेंद्र
शास्त्री
को
बधाई
देता
हूं।
भाइयों
बहनों
नेताओं
का
एक
वर्ग
ऐसा
है
जो
धर्म
का
मखौल
उड़ाता
है,
उपहास
उड़ाता
है,
लोगों
को
तोड़ने
में
जुटा
है।
और
बहुत
बार
विदेशी
ताकतें
भी
इन
लोगों
का
साथ
देकर
देश
और
धर्म
को
कमजोर
करने
की
कोशिश
करती
दिखती
है।
हिंदू
आस्था
से
नफरत
करने
वाले
ये
लोग
सदियों
से
किसी
न
किसी
भेष
में
रहते
रहे
हैं।
गुलामी
की
मानसिकता
से
घिरे
हुए
लोग
हमारे
मठ,
मान्यताओं
और
मंदिरों
पर,
संत,
संस्कृति
और
सिद्धांतों
पर
हमला
करते
रहते
हैं।
ये
लोग
हमारे
पर्व,
परंपरा
और
प्रथाओं
को
गाली
देते
हैं।
जो
संस्कृति
स्वभाव
से
ही
प्रगतिशील
है
उस
पर
ये
कीचड़
उछालने
की
हिम्मत
दिखाते
हैं।
हमारे
समाज
को
बांटना,
उसकी
एकता
को
तोड़ना
ही
उनका
मकसद
है।
शास्त्री
दे
रहे
एकता
का
मंत्र
मोदी
ने
कहा
कि
मेरे
छोटे
भाई
धीरेंद्र
शास्त्री
काफी
समय
से
एकता
के
मंत्र
को
देकर
लोगों
को
जागरूक
करते
रहते
हैं।
अब
उन्होंने
समाज
और
मानवता
के
हित
में
एक
और
संकल्प
लिया
है।
इस
कैंसर
संस्थान
के
निर्माण
की
जिम्मेदारी।
यानी
अब
यहां
बागेश्वर
धाम
में
भजन,
भोजन
और
निरोगी
जीवन
तीनों
का
आशीर्वाद
मिलेगा।
मोदी
ने
कहा
कि
साथियों
हमारे
मंदिर,
हमारे
मठ,
हमारे
धाम
ये
एक
ओर
पूजन
और
साधना
के
केंद्र
रहे
हैं
तो
दूसरी
ओर
विज्ञान
और
सामाजिक
चिंतन,
सामाजिक
चेतना
के
भी
केंद्र
रहे
हैं।
हमारे
ऋषियों
ने
ही
हमें
आयुर्वेद
का
विज्ञान
दिया,
योग
का
विज्ञान
दिया,
जिसका
परचम
पूरी
दुनिया
में
लहरा
रहा
है।
हमारी
तो
मान्यता
ही
है
कि
परहित
सरिस
धर्म
नहीं
भाई।
अर्थात
दूसरों
की
सेवा
ही
धर्म
है।
इसलिए
नर
में
नारायण,
जीव
मे
शिव,
इस
भाव
से
जीवमात्र
का
सेवा,
यही
हमारी
परंपरा
रही
है।
ये
भी
पढ़ें: Bageshwar
Dham: ‘पीएम
मोदी
की
मां
के
नाम
पर
अस्पताल
में
वार्ड
होगा’,
शिलान्यास
के
दौरान
बोले
धीरेंद्र
शास्त्री
महाकुंभ
एकता
के
महाकुंभ
के
रूप
से
प्रेरणा
देता
रहेगा
आजकल
हम
देख
रहे
हैं,
महाकुंभ
की
हर
तरफ
चर्चा
हो
रही
है।
महाकुंभ
अब
पूर्णता
की
ओर
है।
अब
तक
करोड़ों
लोग
वहां
पहुंच
चुके
हैं।
करोड़ों
लोगों
ने
आस्था
की
डुबकी
लगाई
है।
संतों
के
दर्शन
किए
हैं।
अगर
इस
महाकुंभ
की
तरफ
नजर
करें
तो
सहज
भाव
उठ
जाता
है
ये
एकता
का
महाकुंभ
है।
आने
वाली
सदियों
तक
144
वर्ष
के
बाद
हुआ
ये
महाकुंभ
एकता
के
महाकुंभ
के
रूप
से
प्रेरणा
देता
रहेगा
और
देश
की
एकता
को
मजबूती
देने
का
अमृत
परोसता
रहेगा।
लोग
सेवाभाव
से
लगे
हैं,
जो
भी
कुंभ
में
गया
है,
एकता
के
दर्शन
तो
किए
हैं,
लेकिन
जिन-जिनसे
मेरा
मिलना
हुआ
है,
दो
बातें
महाकुंभ
में
गए
हुए
हर
व्यक्ति
के
मुंह
से
हिंदुस्तान
के
कोने-कोने
से
सुन
रहा
हूं।
एक
स्वच्छता
कर्मियों
के
गुणगान
कर
रहे
हैं।
चौबीसों
घंटे
जिस
सेवाभाव
में
एकता
के
महाकुंभ
में
स्वच्छता
कार्य
को
संभाल
रहे
हैं,
मैं
उन
सभी
को
आदरपूर्वक
नमन
करता
हूं।
मेरा
संकल्प
इलाज
का
खर्च
कम
करूंगा
मैं
आपकी
सबकी
तरह
गरीब
परिवार
से
निकला
हूं।
मैंने
तकलीफों
को
देखा
है,
इसलिए
संकल्प
लिया
कि
मैं
इलाज
का
खर्च
कम
करूंगा
और
आपकी
जेब
में
ज्यादा
से
ज्यादा
पैसा
बचाऊंगा।
पांच
लाख
तक
का
इलाज
बिना
किसी
खर्च
के
किसी
बेटे
को
अपने
माता-पिता
का
नहीं
करवाना
है।
दिल्ली
में
आपका
बेटा
बैठा
है।
इसके
लिए
आपको
आयुष्मान
कार्ड
बनवाना
है।
जिनका
नहीं
बना
है
वो
जल्दी
बनवा
लें।
दवाओं
का
खर्च
कम
करने
के
लिए
14
हजार
से
ज्यादा
जन
औषधि
केंद्र
खोले
हैं।
जो
दवाई
बाजार
में
100
रुपए
में
मिलती
है,
जन
औषधि
केंद्र
में
वहीं
दवाई
15-20
रुपए
में
मिलती
है।
बहुत
बार
खबरें
आती
है,
गांव-गांव
किडनी
की
बीमारी
काफी
फैल
रही
है।
लगातार
डायलिसिस
करानी
पड़ती
है।
दूर-दूर
जाना
पड़ता
है।
खर्च
बहुत
बढ़ता
है।
आपकी
ये
मुसीबत
कम
हो
इसलिए
हमने
700
से
ज्यादा
जिलों
में
1500
से
ज्यादा
डायलिसिस
केंद्र
खोले
हैं।
यहां
मुफ्त
सुविधा
उपलब्ध
है।
ये
भी
पढ़ें: Bageshwar
Dham: बाबा
बागेश्वर
की
मां
से
मिले
पीएम
मोदी,
खोली
पर्ची;
धीरेंद्र
शास्त्री
की
शादी
को
लेकर
यह
बोले
कैंसर
की
दवाइयां
सस्ती
की
जाएंगी
बागेश्वर
धाम
में
कैंसर
मरीजों
के
लिए
इतना
बड़ा
अस्पताल
खुलने
जा
रहा
है,
क्योंकि
कैंसर
अब
हर
जगह
बड़ी
परेशानी
बन
रहा
है।
इसलिए
आज
सरकार,
समाज,
संत
सब
कैंसर
के
खिलाफ
लड़ाई
में
मिलकर
प्रयास
कर
रहे
हैं।
गांव
में
अगर
किसी
को
कैंसर
हो
जाए
तो
उससे
लड़ना
कितना
मुश्किल
होता
है।
बहुत
दिनों
तक
पता
ही
नहीं
चलता
कि
कैंसर
हुआ
है।
बुखार
और
दर्द
की
दवाई
लोग
लेते
रहते
हैं।
लोग
तांत्रिक
के
पास
चले
जाते
हैं।
जब
गांठ
दिखती
है
तब
पता
चलता
है
कि
कैंसर
हुआ
है।
पता
चलते
ही
घर
में
मातम
छा
जाता
है।
सारे
सपने
चूर-चूर
हो
जाते
हैं।
भाइयों-बहनों
कैंसर
से
सुरक्षा
के
लिए
आपको
भी
सावधान
और
जागरूक
होना
पड़ेगा।
समय
से
कैंसर
की
पड़ताल
हो।
एक
बार
कैंसर
फैल
गया
तो
ठीक
करना
मुश्किल
हो
जाता
है।
हम
30
साल
से
अधिक
उम्र
के
लोगों
के
लिए
अभियान
चला
रहे
हैं।
थोड़ी
सी
भी
शंका
हो
तो
जांच
करानी
है।
कैंसर
किसी
को
छूने
से
नहीं
होता
है।
ये
छुआछूत
की
बीमारी
नहीं
है।
कैंसर
का
खतरा,
बीड़ी,
सिगरेट,
गुटखा,
तंबाकू
और
मसाले
से
बढ़ता
है।
इसलिए
कैंसर
फैलाने
वाले
इन
सब
नशे
से
आपको
दूर
रहा
है।
औरों
को
भी
दूर
रखना
है।
हम
सावधानी
रखेंगे
तो
बागेश्वर
धाम
के
कैंसर
अस्पताल
पर
बोझ
नहीं
बनेंगे।
यहां
आने
की
जरूरत
नहीं
पड़ेगी।
इस
साल
के
बजट
में
कैंसर
से
लड़ने
के
लिए
कई
घोषणाएं
की
गई
हैं,
और
मोदी
ने
फैसला
किया
है
कि
कैंसर
की
दवाइयां
सस्ती
की
जाएंगी।
अगले
3
सालों
में
देश
के
हर
जिले
में
कैंसर
डे
केयर
सेंटर
खोले
जाएंगे
बुंदेलखंड
की
पानी
का
संकट
हमने
खत्म
किया
मोदी
ने
कहा
कि
कितनी
सरकारें
आईं
और
चली
गईं.
हर
पार्टी
के
नेता
बुंदेलखंड
आते
थे।
यहां
पानी
की
किल्लत
बढ़ती
ही
चली
रही।
पिछली
सरकारों
ने
क्या
किया।
अपना
वादा
पूरा
किया?
ये
काम
भी
तब
शुरू
हुआ,
जब
आपने
मोदी
को
आशीर्वाद
दिया।
पीने
का
पानी
और
उसका
संकट
दूर
करने
तेजी
से
काम
हो
रहा
है।
जल
जीवन
मिशन
यानी
हर
घर
जल
परियोजना
के
तहत
बुंदेलखंड
के
घरों
में
पानी
पहुंचाया
जा
रहा
है।
गांव
में
पानी
पहुंचे,
हमारे
किसान
भाइयों
की
आय
बढ़े,
इसके
लिए
हम
दिनरात
मेहनत
कर
रहे
हैं।
तीन
करोड़
बहनों
को
लखपति
दीदी
बनाने
का
लक्ष्य
पीएम
ने
कहा
कि
भाइयों-बहनों
बुंदेलखंड
समृद्ध
बने,
इसके
लिए
जरूरी
है
महिलाएं
भी
उतनी
ही
सशक्त
बनें।
इसलिए
हमने
कई
योजनाएं
शुरू
की
हैं।
हम
तीन
करोड़
बहनों
को
लखपति
दीदी
बनाने
का
लक्ष्य
लेकर
चल
रहे
हैं।
बहनों
को
ड्रोन
उड़ाने
की
ट्रेनिंग
भी
दी
जा
रही
है,
यहां
सिंचाई
का
पानी
पहुंचेगा।
बहनें
ड्रोन
से
फसलों
पर
छिड़काव
करेंगी।
वो
इससे
खेती
में
मदद
करेंगी।
तो
हमारा
बुंदेलखंड
समृद्धी
की
राह
पर
तेजी
से
आगे
बढ़ेगा।
गांव
में
ड्रोन
तकनीक
से
एक
और
बड़ा
जरूरी
काम
हो
रहा
है।
स्वामित्व
योजना
के
तहत
ड्रोन
से
जमीन
का
पैमाइश
कराई
जा
रही
है।
उसके
पुख्ता
कागज
तैयार
किए
जा
रहे
हैं।
एमपी
में
इसे
लेकर
बहुत
अच्छा
काम
हुआ।
अब
इन
कागजों
पर
बैंक
से
आसानी
से
लोन
ले
रहे
हैं।
ये
लोन
रोजगार-धंधे
में
काम
आ
रहा
है।
लोगों
की
आय
बढ़
रही
है।
बुंदेलखंड
की
इस
महान
की
धरती
को
विकास
की
नई
ऊंचाइयों
पर
पहुंचाने
के
लिए
डबल
इंजिन
की
सरकार
दिनरात
मेहनत
कर
रही
है।
मैं
बागेश्वर
धाम
में
कामना
करता
हूं,
बुंदेलखंड
समृद्धि
और
विकास
की
राह
पर
इसी
तरह
आगे
बढ़ता
रहे।
मैं
धीरेंद्र
शास्त्री
की
बारात
में
आने
का
करता
हूं
वादा
मोदी
ने
कहा
कि
आज
मैं
हनुमान
दादा
के
चरणों
में
आया।
तो
मुझे
लगा
कि
क्या
ये
धीरेंद्र
शास्त्री
ही
अकेले
ही
पर्ची
निकाल
पाएंगे
या
मैं
भी
निकाल
पाऊंगा।
तो
मैंने
देखा
कि
हनुमान
दादा
की
मुझ
पर
कृपा
होती
है
कि
नहीं।
तो
हनुमान
दादा
ने
मुझे
आशीर्वाद
दिया।
तो
मैंने
पहली
पर्ची
निकाली,
उनकी
माताजी
पर्ची
निकाली।
इसकी
बात
शास्त्रीजी
ने
बता
दी
आपको।
खैर
साथियों
ये
बहुत
बड़ा
अवसर
है।
बहुत
बड़ा
काम
है।
संकल्प
बड़ा
हो,
संतों
का
आशीर्वाद
हो,
प्रभु
की
कृपा
हो
तो
संकल्प
समय
पर
पूरा
होता
है।
आपने
कहा
है
कि
इसके
उद्घाटन
के
लिए
मैं
आऊं
और
दूसरा
कहा
है
कि
उनकी
बारात
में
मैं
आऊं।
तो
मैं
सार्वजनिक
रूप
से
वादा
करता
हूं
कि
दोनों
काम
कर
दूंगा।