
मऊगंज
जिले
में
बारिश
ने
आम
जनजीवन
को
पूरी
तरह
अस्त-व्यस्त
कर
दिया
है।
लगातार
बारिश
के
चलते
जिले
की
प्रमुख
नदियां
उफान
पर
हैं,
जिससे
कई
स्थानों
पर
जलभराव
हो
गया
है,
साथ
कई
गांव
का
मुख्य
मार्ग
से
संपर्क
भी
टूट
गया
है।
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हनुमना
तहसील
क्षेत्र
की
निहाई
नदी
गुरुवार
शाम
6
बजे
के
बाद
उफान
पर
आ
गई,
जिससे
नदी
पर
बना
पुल
पूरी
तरह
जलमग्न
हो
गया।
इससे
वराव,
फूल,
हरिचंद
सिंह,
पैपखार,
नदहा,
ढखरा,
पहाड़ी
और
राजाधौ
समेत
करीब
12
गांवों
का
जिला
मुख्यालय
से
संपर्क
पूरी
तरह
टूट
गया।
ग्रामीणों
को
मऊगंज
पहुंचने
के
लिए
अब
25–30
किलोमीटर
का
लंबा
चक्कर
लगाना
पड़
रहा
है।
हालात
इतने
गंभीर
हो
चुके
हैं
कि
कुछ
लोग
जान
जोखिम
में
डालकर
डूबे
हुए
पुल
से
ही
निकलने
की
कोशिश
कर
रहे
हैं।
बाइक
सवार,
पैदल
यात्री
और
यहां
तक
कि
स्कूली
बसें
भी
इसी
डूबे
हुए
पुल
से
गुजर
रही
हैं,
जिससे
किसी
बड़े
हादसे
की
आशंका
बनी
हुई
है।
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मौत,
गांव
में
मातम
ओड्डा
नदी
में
बाढ़
से
करही
गांव
का
संपर्क
टूटा
उधर,
ओड्डा
नदी
में
बाढ़
आने
से
करही
गांव
के
पास
सेनुआ–फूल
मार्ग
पूरी
तरह
बंद
हो
गया
है।
नईगढ़ी
जनपद
की
कैछुआ
ग्राम
पंचायत
और
मऊगंज
नगर
में
जल
निकासी
की
व्यवस्था
ध्वस्त
होने
के
कारण
भारी
जलभराव
हो
गया
है।
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मत्स्य
पालन
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सीएम
बोले-सरकार
ने
निषाद
भाइयों
के
लिए
बहुत
किया
पिछले
साल
के
मुकाबले
तीन
गुना
ज्यादा
बारिश
इस
वर्ष
जिले
में
अब
तक
कुल
537.3
मिमी
(25.4
इंच)
औसत
वर्षा
दर्ज
की
गई
है,
जो
पिछले
साल
के
मुकाबले
तीन
गुना
अधिक
है।
सिर्फ
11
जुलाई
को
ही
जिले
में
31.4
मिमी
वर्षा
रिकॉर्ड
की
गई।
मऊगंज
तहसील
में
सर्वाधिक
51.8
मिमी
वर्षा
दर्ज
की
गई,
वहीं
तहसीलवार
आंकड़ों
में
हनुमना
में
631.8
मिमी,
मऊगंज
में
460.6
मिमी
और
नईगढ़ी
में
519.4
मिमी
बारिश
हुई
है।
शनिवार
को
मौसम
साफ
रहा,
लेकिन
नदियों
का
जलस्तर
अब
भी
खतरे
के
निशान
पर
है।
जिला
प्रशासन
हालात
पर
नजर
बनाए
हुए
है।
