Raja Murder Case: शिलांग पुलिस ने दिया था ‘आपरेशन हनीमून’ नाम, सोनम के इंदौर आने के तथ्यों की जांच

शिलांग
में
2
जून
को
राजा
रघुवंशी
का
शव
मिलते
ही
पुलिस
अफसरों
ने
हर
एंगल
पर
जांच
शुरू
कर
दी
थी।
पांच
जून
के
बाद
ही
पुलिस
अफसरों
को
हत्याकांड
मेें
सोनम
के
शामिल
होने
के
संकेत
मिले
थे।
इसके
बाद
शिलांग
एसपी
विवेक
सिएम
ने
25
अफसरों
की
टीम
बनाई
और
नाम 
‘आपरेशन
हनीमून’
दिया
गया। 


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सोनम
के
तीन
युवकों
के
साथ
नजर
आने
की
जानकारी
भी
पुलिस
को
मिल
गई
थी। उनके
खिलाफ
सबूत
जुटाने
के
लिए
शिलांग
पुलिस
के
अफसरों
की
टीम
जुट
गई।
हत्या
के
उपयोग
में
लाए
सबूतों
की
खोज
खाई
में
करने
के
लिए
टीम
जाती
थी,
लेकिन सोनम
के
भाई को
लगता
था
कि
शिलांग
पुलिस
गंभीरता
नहीं
दिखा
रही
है,जबकि
पुलिस
अफसर
सोनम
और
अन्य
आरोपियों
को
पकड़ना
चाहते
थे।


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तब
तक
मध्य
प्रदेश
से
मामले
की
सीबीआई
जांच
की
मांग
का
दबाव
बढ़ने
लगा
था,
लेकिन
मेघालय
सरकार
ने
इस
मामले
में
जल्दबाजी
नहीं
दिखाई।
पुलिस
अफसर
चाहते
थे
कि
‘आपरेशन
हनीमून’
सफल
हो
और
आरोपी
उनकी
गिरफ्त
में

जाए,
उसके
बाद
ही
इस
हत्याकांड
का
खुलास
किया
जाए।

 

शिलांग
पुलिस
के
पास
यह
तथ्य
भी
आया
है
कि
सोनम
हत्या
के
बाद
सिलीगुड़ी
के
रास्ते
इंदौर
आई
थी
और अपने
प्रेमी
राज
के
साथ
किराए
के
एक
कमरे
में
रूकी
थी।
फिर
वहां
से
वह
वाराणसी
होते
हुए
गाजीपुर
पहुंची।

पुलिस
इसकी
भी
जांच
कर
रही
है,
हालांकि
इंदौर
पुलिस
ने
सोनम
के
इंदौर
आने
की
पुष्टि
नहीं
की।
शिलांग
पुलिस
अब
सोनम
के
शिलांग
पहुंचने
के
बाद
इस
तथ्य
की
जांच
करेगी
कि
वह
वाकई
इंदौर
गई
थी,
या
बीच
में
रुक
गई
थी।