
अपने
पति
राजा
की
हत्या
करने
वाली
सोनम
रघुवंशी
का
भाई
गोविंद
भी
लगातार
चर्चा
में
है।
इस
हत्याकांड
के
दाग
उसके
दामन
पर
न
आए,
उससे
बचने
की
हर
कोशिश
वह
कर
रहा
है।
गोविंद
सेफ
गेम
खेल
रहा
है,
ताकि
अपनी
बहन
के
किए
का
आक्रोश
उसे
व
उसके
परिवार
को झेलना
पड़े।
सोनम
के
रिटर्न
टिकट
न
कराने
और शादी
के
गहने
हनीमून
पर
ले
जाने
की
बात
उसने
क्यो
राजा
के
परिजनों
और पुलिस
से
छिपाई।
यह
समझ
से
परे
है,
या
उसे
ही
पता
नहीं
था। क्या
गोविंद
ने
अपनी
बहन
के
राज
पर
पर्दा
डालने
की
कोशिश
की?
आईए
जानते
है
खास
खबर
में
बिन
बुलाए
जा
रहा
राजा
के
घर
गोविंद
अपने
प्लाइवुड
के
कारोबार
में
मंजा
हुआ खिलाड़ी
तो
है
ही।
बहन
सोनम
के
कारण
परिवार
पर
आए
संकट
को
भी
‘आपदा
में
अवसर’
की
तरह
भुना
रहा
है।
कभी
वह
राजा
की
मां
उमा
से
गले
मिलकर
रोते
हुए
नजर
आ रहा
है
तो
कभी
उज्जैन
में
अपने
जीजा
राजा
का
तर्पण
करने
चला
जाता
है।
बिना
बुलाए
राजा
की
तेरहवीं
पर
भी
वह
जा
पहुंचा।
उसका
इतना
आना-जाना
अब
राजा
के
परिजनों
को
भी
खटकने
लगा
है
और
उन्होंने
गोविंद
के
नार्को
टेस्ट
की
मांग
भी
कर
डाली।
मीडिया
ट्रायल
में
भी
गोविंद
ने
बड़ी
चतुराई
से
सोनम
द्वारा
राज
को
राखी
बांधने
की
बात
छेड़कर
नई
बहस
को
जन्म
दे
दिया,
जबकि
शिलांग
पुलिस
ने
राज
और सोनम
के
बीच
अवैध
संबंध
होने
की
बात
कही।
क्या
है
गोविंद
का
सेफ
गेम
–
बहन
सोनम
के
कारण
गोविंद
और
उसके
परिवार
को
सामाजिक
बहिष्कार
न
झेलना
पड़े,
इसलिए
वह
राजा
के
परिवार
के
साथ
खड़ा
हो
गया।
–
गोविंद
की
बालाजी
फर्म
का
नाम
हवाला
कारोबार
में
उछला
है।
राज
और
जितेंद्र
रघुंवशी
के
खातों
का
उपयोग
सोनम
करती
थी।
अपनी
फर्म
की
जांच
से
वह
संबंधित
विभागों
का
ध्यान
हटाना
चाहता
है।
–
राज
और सोनम
के
बीच
भाई
बहन
के
संबंध
को
प्रचारित
कर
गोविंद
ने
शिलांग
पुलिस
के
प्रेम
त्रिकोण
की
थ्योरी
को
गलत
साबित
करने
की
कोशिश
की,
ताकि
इस
केस
के
ट्रायल
के
दौरान
कोर्ट
में
सोनम
के
मनोरोगी
होने
या
दिमागी
संतुलन
ठीक
न
होने
का
बिन्दू
भी
उठ
सके,
हालांकि
शिलांग
पुलिस
ने
आरोपी
सोनम
रघुवंशी
की
मेडिकल
जांच
के
मेघालय
इंस्टीट्यूट
ऑफ
मेंटल
हेल्थ
न्यूरोसाइंस
से
भी
कराई
है।
क्या
गोविंद
ने
गहने
और
रिटर्न
टिकट
की
बात
राजा
के
परिजनों
व
पुलिस
से
छुपाई?
-राजा
और
सोनम
हनीमून
पर
गए,
लेकिन
सोनम
ने
आने
के
टिकट
नहीं
कराए
थे।
क्या
यह
बात
गोविंद
को
मालूम
थी।
यदि
उसे
पता
था
तो
यह
बात
उसने
पुलिस
और राजा
के
परिजनों
से
क्यों
छुपाई।
राजा
खुद
अपनी
बहन
को
छोड़ने
एयरपोर्ट
पर
गया
था।
–
सोनम
शादी
में
मिले
गहने
अपने
साथ
ले
गई।
राजा
को
भी
उनसे
सोने
की
चेन
पहने
रखने
का
दबाव
बनाया।
इस
बात
को
लेकर
राजा
की
मां
ने
सोनम
की
मां
को
फोन
भी
लगाया
था।
भाई
होने
के
नाते
गोविंद
को
भी
गहने
साथ
ले
जाने
की
बात
पता
होगी,
लेकिन
लापता
होने
पर
कभी
गोविंद
की
तरफ
से
इसका
खुलासा
नहीं
हुआ।
–
सोनम
के
बैंक
अकाउंट
में
पंद्रह
लाख
रुपये
थे।
एटीएम
कार्ड
भी
उसके
पास
था,
लेकिन
सोनम
और
राजा
के
लापता
होने
के
दौरान
भी
इसका
खुलासा
नहीं
हुआ।
गोविंद
को
भी
इतनी
राशि
का
पता
होगा।
राजा
की
लाश
मिलने
के
बाद
बहन
के
अपहरण
की
आशंका
भी
गोंविद
ने
जताई,लेकिन
बैंक
अकाउंट
जांचने
की
मांग
उसने
पुलिस
से
नहीं
की
और
न
ही
अपने
स्तर
पर
अपनी
फर्म
के
किसी
सहयोगी
से
बैंक
स्टेटमेंट
पता
करने
के
बारे
में
कहा।
सोनम
के
भाई
गोविंद
से
सीधी
बात
सवाल
नंबर
एक-
सोनम
ने
रिर्टन
टिकट
नहीं
कराए।
लापता
होने
के
बाद
क्या
आपने
रिर्टन
टिकट
के
बारे
में
पता
कोशिश
नहीं
की।
जवाब–
टिकट
राजा
ने
कराए
थे
या
सोनम
ने।
यह
अभी
स्पष्ट
नहीं
है।
मेरी
जानकारी
में
है
कि
राजा
ने
कराए
थे।
सवाल
नंबर
दो-
सोनम
के
बैंक
अकाउंट
में
पंद्रह
लाख
है।
लापता
होने
पर
उस
राशि
को
लेकर
चिंता
आपको
क्यो
नहीं
हुई।
जवाब-
सोनम
के
अकाउंट
में
बिजनेस
का
पैसा
रहता
था।
उसके
खाते
से
कुछ
भी
नहीं
निकला।
सवाल
नंबर तीन-
आप
राजा
के
परिवार
से
बार-बार
मिल
रहे
है।
आपके
नार्को
टेस्ट
की
मांग
परिवार
ने
की
है।
जवाब-
यदि
उन्हें
मुझ
पर
शक
है
तो
मैं
हर
जांच
के
लिए
तैयार
हुं।
मेरी
बहन
ने
गलत
किया
है।
मैं
राजा
के
परिवार
के
साथ
हुं।
(जैसा
सोनम
के
भाई
गोविंद
ने
बताया)