
शिलांग
में
हुए
राजा
रघुवंशी
हत्याकांड
की
गुत्थी
पुलिस
ने
सत्रह
दिन
में
सुलझा
ली,
लेकिन
आरोपियों
को
सोलहवें
दिन
ही
पता
चल
गया
था
कि
वे
पकड़े
जा
सकते
है।
इसके
चलते
उन्हें
सबूतों
को
हटाने
के
लिए
पर्याप्त
समय
मिल
गया
और
सोनम
भी
इंदौर
से
रवाना
हो
गई
थी,जबकि
सात
जून
को
शिलांग
पुलिस
भी
इंदौर
आ चुकी
थी।
विज्ञापन
Trending
Videos
अब
शिलांग
पुलिस
यह
पता
कर
रही
है
कि
इंदौर
में
सबूत
किसने
हटाए,क्योकि
अभी
भी
पुलिस
को
सोनम
के
बैग,
हत्या
के
बाद
राजा
के
शरीर
से
निकाली
गई
चेन,
अंगूठी
नहीं
मिल
पाई
है।
इसके
अलावा
सोनम
के
दोनों
फोन
भी
पुलिस
अभी
तक
बरामत
नहीं
कर
पाई
है।
अफसरों
को
आशंका
है
कि
राज
ने
ही
फ्लैट
से
सारे
सबूत
हटाए,क्योकि
शिलांग
पुलिस
ने
फ्लैट
की
तलाशी
ली
तो
वहां
कुछ
नहीं
मिला।
विज्ञापन
गाइड
के
बयान
के
बाद
सर्तक
हो
गई
थी
सोनम
राजा
की
हत्या
के
बाद
लंबे
समय
तक
सोनम
ने
इंदौर
में
छुपने
का
प्लान
बनाया
था,लेकिन
शिलांग
के
गाइड
के
बयान
के
बाद
सोनम
और
राज
सतर्क
हो
गई
थे।
गाइड
ने
कहा
था
कि
उनसे
राजा
और
सोनम
के
साथ
तीन
युवकों
को
देखा
था।
इसके
बाद
7
जून
को
राज
ने
सोनम
को
इंदौर
से
सिलीगुड़ी
के
लिए
रवाना
कर
दिया
ताकि
सोनम
सिलीगुड़ी
में
जाकर
यह
बोल
सके
कि
उसका
अपहरण
हो
गया,
लेकिन
इस
प्लानिंग
से
पहले
ही
शिलांग
पुलिस
ने
राज
सहित
चारों
आरोपियों
को
गिरफ्तार
कर
लिया
था।