एसआईटी
–
फोटो
:
सोशल
मीडिया
विस्तार
रतलाम
जिला
मुख्यालय
पर
संचालित
निजी
स्कूल
में
पांच साल
की
बच्ची
से
दुष्कर्म
मामले
में
एसपी
अमित
कुमार
ने
मामले
को
चिन्हित
प्रकरण
में
शामिल
कर
शीघ्र
जांच
के
लिए
एसआईटी
का
गठन
किया
है।
टीम
को
15
दिन में
जांच
पूरी
कर
रिपोर्ट
कोर्ट
में
पेश
करने
के
निर्देश
दिए
गए
हैं।
साथ
ही
पुलिस
ने
छात्र-छात्राओं
के सुरक्षा
को
देखते
हुए
जिले
के
सभी
स्कूल,
कॉलेज
और
हॉस्टल
के
लिए
18
बिंदुओं
की
एडवाइजरी
भी
जारी
की
है।
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रतलाम
के
औद्योगिक
थाना
क्षेत्र
में
संचालित
एक
निजी
स्कूल
में
पांच साल
की
यूकेजी
में
पढ़ने
वाली
बच्ची
के
साथ
स्कूल
के
ही
कर्मचारी
के
बेटे
द्वारा
किए
गए
यौन
शौषण
के
मामले
में
रतलाम
पुलिस
अधीक्षक
अमित
कुमार
ने
एसआईटी
का
गठन
किया
है।
पांच सदस्यीय
SIT
का
नेतृत्व
सीएसपी
अभिनव
बारंगे
को
सौंपा
गया
है।
टीम
को
15
दिन में
जांच
पूरी
कर
कोर्ट
में
रिपोर्ट
पेश
करने
के
निर्देश
भी
एसपी
अमित
कुमार
ने
दिए
हैं।
परिजनों
के
आक्रोश
को
देखते
हुए
जिला
प्रशासन
ने
स्कूल
को
सील
कर
मामले
की
निष्पक्ष
जांच
का
आश्वासन
दिया
है।
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एएसपी
राकेश
खाखा
ने
बताया
कि स्कूल
कॉलेज में
छात्र-छात्राओं
की
सुरक्षा
को
लेकर
स्कूल,
कॉलेज
व
हॉस्टल
के
लिए
18
बिंदुओं
की
एडवाइजरी
जारी
की
है।
रतलाम
एसपी
अमित
कुमार
के
निर्देश
पर
जिले
के
सभी
थाना
और
चौकी
पुलिस
स्कूल
पहुंचकर
बच्चों
से
चर्चा
कर
सुरक्षा
की
जानकारी
देने
में
जुट
गए
हैं।
स्कूलों
को
15
दिन
में
इनका
पालन
शुरू
करना
होगा।
स्कूल
कॉलेज
को
इन
नियमों
का
करना
होगा
पालन
-
एसपी
अमित
कुमार
ने
बताया
कि स्कूल,
कॉलेज
और
हॉस्टल
में
बगैर
सत्यापन
किसी
कर्मचारी
को
नियुक्त
नहीं
किया
जाए। -
वर्तमान
में
कार्यरत
सभी
कर्मचारियों
का
पुलिस
सत्यापन
अनिवार्य
रूप
से
कराया
जाए। -
स्कूल,
कॉलेज
और
हॉस्टल
के
पूरे
कैंपस
सीसीटीवी
कैमरे
से
लैस
हो। -
स्कूल,
कॉलेज
और
हॉस्टल
में
किसी
भी
कर्मचारी
की
गतिविधि
संदिग्ध
पाए
जाने
पर
नौकरी
से
निकालने
से
पूर्व
पुलिस
को
सूचना
देना
होगी। -
स्कूल,
कॉलेज
और
हॉस्टल
में
सुरक्षा
की
दृष्टि
से
पर्याप्त
संख्या
में
सुरक्षाकर्मी
तैनात
करना
होंगे। -
स्कूल,
कॉलेज
व
हॉस्टल
में
रैगिंग
संबंधित
एंटी
रैगिंग
एक्ट
का
नोटिस
बोर्ड
पर
अनिवार्य
रूप
से
चस्पा
करने
के
साथ
हेल्प
लाइन
नंबर
भी
दर्ज
करना
होगा। -
सुरक्षा
के
लिए
स्कूल
और
कॉलेजों
में
माता-पिता,
शिक्षक
और
छात्रों
की
एक
संयुक्त
समिति
का
गठन
किया
जाए। -
स्कूल,
कॉलेज
व
हॉस्टल
के
आसपास
होने
वाली
अवैधानिक
गतिविधियों
की
जानकारी
संबंधित
थाने
पर
दी
जाए। -
अध्यापकों
और
सभी
कर्मचारियों
का
अलग
से
ड्रेस
कोड,
पहचान
पत्र
होना
चाहिए।